महिला के शरीर में दो अंडाशय होते हैं, जो गर्भाशय के ऊपर दोनों साइड लगे होते हैं। इनका कार्य अंडा की उत्पत्ति करना और ओवुलेशन पीरियड के दौरान उन्हें रिलीज करना है।
जब अंडाशय के भीतर या सरफेस पर एक थैली का निर्माण हो जाता है (जो वायु, तरल पदार्थ और अन्य चीजों की बनी होती है) तो उसे ओवेरियन सिस्ट या अंडाशय की गाँठ कहते हैं। यह दो तरह की होती है:
- सिंपल सिस्ट- साधारण तरल पदार्थ से बनी होती है। यह कोई लक्षण पैदा नहीं करती है। इसका निर्माण मासिक धर्म चक्र की वजह से होता है।
- काम्प्लेक्स सिस्ट- ठोस पदार्थ और रक्त मौजूद होता है। इसका मासिक धर्म चक्र से कोई संबंध नहीं है। यह बहुत कम लोगों में होता है लेकिन घातक है।
अंडाशय में बनने वाले ज्यादातर सिस्ट लक्षण रहित होते हैं। हालांकि, एक बड़े आकार की सिस्ट निम्न लक्षण उत्पन्न कर सकती है:
- पेट में भारीपन
- श्रोणि क्षेत्र में दर्द
- पेट में सूजन
अगर आपके अंडाशय में गांठ या ट्यूमर है तो इसका मतलब ये नहीं की आपको ओवेरियन कैंसर है। बहुत ही कम, लेकिन कुछ ओवेरियन सिस्ट कैंसर के रूप में विकसित हो सकते हैं। मेनोपाज की स्थिति में गुजर चुकी महिलाओं में डिम्बग्रंथि पुटी कैंसर की संभावना अधिक होती है।
Table of Contents
ओवेरियन सिस्ट और कैंसर
लगभग 7% महिलाओं को उनकी जिंदगी में अंडाशय की गांठ का सामना करना पड़ता है जिसमें से केवल 5-10 प्रतिशत महिलाओं को इसे हटाने के लिए सर्जरी की आवश्यकता होती है।
पढ़ें- बच्चेदानी में गांठ का ऑपरेशन
इन 5-10 प्रतिशत महिलाओं में से, 13 से 21 प्रतिशत माहिलाओं का सिस्ट कैंसर में बदल जाता है।
इसका मतलब अगर कोई महिला ओवेरियन सिस्ट की सर्जिकल प्रक्रिया से गुजरती है तो उसे डिम्बग्रंथि कैंसर होने का खतरा बढ़ जाता है।
हालांकि, सिंपल और सौम्य ओवेरियन सिस्ट की सर्जरी कैंसर के खतरे को नहीं बढ़ाती है। कैंसर ज्यादातर काम्प्लेक्स सिस्ट की सर्जरी के कारण होता है, जिसके मामले बहुत कम होते हैं।
ओवेरियन सिस्ट के कैंसर होने के लक्षण
डिम्बग्रंथि पुटी अगर कैंसर में बदल चुका है तो ज्यादा संभावना है कि यह कोई लक्षण उत्पन्न न करे। अगर लक्षण नजर आते हैं तो यह लाभदायक हो सकता है। लक्षणों को देखकर उचित समय में इसका निदान और इलाज हो पाता है।
पढ़ें- ओवेरियन सिस्ट क्या है? कारण, लक्षण और उपचार
कैंसर के प्रारंभिक अवस्था में महिला को यह लक्षण नजर आ सकते हैं:
- पेट का साइज़ बढ़ना
- हमेशा पेट भरा हुआ महसूस होना
- भूख में कमी आना
- पेशाब करने की आवश्यकता बढ़ जाना
- श्रोणि क्षेत्र या पेट में दर्द
अगर आपके पारिवारिक इतिहास (सगी माँ, बहन या बेटी) में किसी को ओवेरियन कैंसर था या है, तो आप इसके खतरे में आती हैं। इस परिस्थिति में अगर ऊपर बताए गए लक्षण नजर आते हैं तो जांच कराने में देरी न करें।
पढ़ें – क्या ओवेरियन सिस्ट में प्रेगनेंसी हो सकती है?
डिम्बग्रंथि सिस्ट के कैंसर होने का निदान
अगर लक्षणों को देखकर डॉक्टर को लगता है कि आपका ओवेरियन सिस्ट कैंसर में बदल रहा है तो निम्न जांच प्रक्रियाओं से गुजरना पड़ सकता है:
- इमेजिंग टेस्ट- अल्ट्रासाउंड या एमआरआई जांच से ओवेरियन सिस्ट के कैंसर युक्त होने का पता लगाया जा सकता है।
- ब्लड टेस्ट- CA-125 एक प्रोटीन है, जो कैंसर एंटीजेन है। यह प्रोटीन ओवेरियन कैंसर सेल्स में पाया जाता है। यह सेल खून में भी फ़ैल जाता है। ब्लड टेस्ट के जरिए महिला के खून में CA-125 सेल्स के स्तर का पता लगाया जाता है। अगर इसका स्तर ज्यादा है तो महिला ओवेरियन कैंसर से पीड़ित है।
- बायोप्सी- कैंसर की पुष्टि करने के लिए डॉक्टर बायोप्सी कर सकता है। सिस्ट या ट्यूमर के सैंपल को माइक्रोस्कोप की नजर से देखा जाता है।
कैंसर युक्त ओवेरियन सिस्ट का इलाज
ओवेरियन सिस्ट कैंसर फैलने योग्य होता है। कम ही समय में यह पूरे अंडाशय को अपनी गिरफ्त में ले सकता है। धीरे-धीरे यह कैंसर दूसरे अंडाशय, फैलोपियन ट्यूब, गर्भाशय और ब्लैडर तक पहुँच सकता है। इसलिए अगर समय रहते इसका निदान होता है तो कैंसर फ़ैल नहीं पाता और इलाज में सरलता होती है।
ओवेरियन कैंसर का इलाज निम्न तरीकों से किया जा सकता है:
पढ़ें- गर्भाशय की गाँठ का इलाज के लिए मायोमेक्टोमी की पूरी विधि
सर्जरी
कैंसर के आकार और फैलाव के अनुसार अलग-अलग तरह की सर्जिकल प्रक्रियाएं की जाती हैं, जैसे:
- एक अंडाशय को हटाना- कैंसर के प्रारंभिक अवस्था में, जब आस-पास में अंगो में नहीं फैल चुका होता, केवल एक अंडाशय और उससे जुड़ी फैलोपियन ट्यूब को हटाया जा सकता है। इस प्रक्रिया के बाद महिला पाकृतिक रूप से बच्चा पैदा करने में समर्थ होती है।
- दोनों अंडाशय को हटाना- अगर कैंसर दोनों अंडाशय में फ़ैल चुका है, बाकी के अंगों में कोई संकेत नहीं हैं, तो केवल महिला के दोनों अंडाशय और उससे जुड़ी फैलोपियन ट्यूब्स को हटा दिया जाता है। इस प्रक्रिया के बाद महिला IVF की मदद से माँ बन सकती है।
- दोनों अंडाशय और गर्भाशय को हटाना- अगर आपका कैंसर गर्भाशय में भी फ़ैल चुका है तो सर्जन दोनों अंडाशय, फैलोपियन ट्यूब, गर्भाशय और आस-पास के लिम्फ नोड्स को हटा सकता है। इन अंगो को हटाने के लिए हिस्टरेक्टॉमी की जा सकती है। यह आपके माँ बनने की क्षमता को हमेशा के लिए खत्म कर देगा।
कीमोथेरेपी
एडवांस कैंसर का इलाज के लिए सर्जरी के साथ कीमोथेरेपी की जाती है। यह ड्रग्स की मदद से कैंसर सेल्स को नष्ट करने का एक तरीका है।
कीमोथेरेपी ड्रग्स को रोगी महिला के नसों में डाला जा सकता है। मौखिक रूप से भी दिया जा सकता है।
पढ़ें- PCOD in hindi
कीमोथेरेपी सर्जरी के पहले या बाद में उपयोग की जा सकती है।
टार्गेटेड थेरेपी
ओवेरियन कैंसर का इलाज के लिए यह थेरेपी उपयोग में लाइ जा सकती है। टार्गेटेड थेरेपी के ड्रग्स कैंसर सेल्स के भीतर मौजूद कमजोरियों को टारगेट करते हैं।
इसके कई प्रकार होते हैं। आपके लिए कौन सी टार्गेटेड थेरेपी बेहतर है, यह पता लगाने के लिए डॉक्टर कैंसर युक्त कोशिकाओं की जांच कर सकता है।
इस थेरेपी को और बेहतर बनाने के लिए शोध जारी है।
पढ़ें- PCOS in hindi
निष्कर्ष
अंडाशय में बनने वाले ज्यादातर सिस्ट कोई लक्षण नहीं दिखाते हैं और ना ही कैंसर युक्त होते हैं। बहुत ही कम मामलों में यह ओवेरियन कैंसर का कारण बनते हैं।
हालांकि, अगर आपको ओवेरियन सिस्ट के लक्षण नजर आते हैं तो एक बार इसकी जांच अवश्य करा लें। अगर सिस्ट कैंसर में तब्दील हो चुका है, और शुरुआत में ही इसका पता लग जाता है तो इलाज में आसानी होती है।
डिस्क्लेमर: यह ब्लॉग सामान्य जानकारी के लिए लिखा गया है| अगर आप किसी बीमारी से ग्रसित हैं तो कृपया डॉक्टर से परामर्श जरूर लें और डॉक्टर के सुझावों के आधार पर ही कोई निर्णय लें|