उम्र बढ़ने, आँखों पर दबाव पड़ने, लंबे समय तक टेलीविजन, लैपटॉप या मोबाइल की स्क्रीन के सामने समय बिताने, आनुवंशिक कारण, डायबिटीज, हाई ब्लड प्रेशर और दिल से संबंधित बीमारियों से पीड़ित होने पर आँखों में कई तरह की बीमारियां होती हैं। ग्लूकोमा भी इन्हीं में से एक है। वैसे तो ग्लूकोमा का इलाज कई तरह से किया जा सकता है। लेकिन आज हम आपको इस ब्लॉग में ग्लूकोमा के प्राकृतिक इलाज के बारे में बताने वाले हैं।
Table of Contents
ग्लूकोमा किसे कहते हैं — Glaucoma Meaning In Hindi
ग्लूकोमा को काला मोतिया या काला मोतियाबिंद के नाम से भी जाना जाता है। आँख के अंदर मौजूद अंगों को पोषण प्रदान करने के लिए आँख में एक प्रकार का तरल पदार्थ उत्पन्न होता है। अंगों के पोषक की पूर्ति होने के बाद, यह तरल पदार्थ आँख की एक महीन छेद (फिल्टर) के जरिए आँख से बाहर निकल जाता है।
लेकिन कई बार उम्र बढ़ने पर यह छेद बंद हो जाता है, जिसके कारण तरल पदार्थ निकलने की प्रक्रिया बंद या बाधित हो जाती है। नतीजतन यह तरल पदार्थ आँख में ही जमा होने लगता है, जिसके कारण आँख पर दबाव पड़ता है। दबाव के कारण, ऑप्टिव नर्व बुरी तरह से प्रभावित होता है। ऑप्टिक नर्व का काम दिमाग तक सिग्नल भेजना है।
इसे पढें: काला मोतियाबिंद का आयुर्वेदिक इलाज
आँख में जाने वाली रौशनी रेटिना पर केंद्रित होती है। उसके बाद, फोटोरिसेप्टर नामक खास तरह की कोशिकाएं इस रौशनी को इलेक्ट्रिकल सिग्नल में बदल देती हैं। फिर यह इलेक्ट्रिक सिग्नल रेटिना से ऑप्टिक नर्व तक जाता है। उसके बाद, ऑप्टिक नर्व से दिमाग तक और फिर आपको चीजें साफ-साफ दिखाई देती हैं।
लेकिन ग्लूकोमा के कारण, ऑप्टिक नर्व पर प्रेशर पड़ने से यह खराब हो जाता है और अच्छी तरह से काम करना बंद कर देता है। नतीजतन आपको चीजें धुंधली दिखाई देनी शुरू हो जाती हैं।
ग्लूकोमा का प्राकृतिक उपचार क्या है
ग्लूकोमा का इलाज कई तरह से किया जाता है, जिसमें दवाओं का सेवन, घरेलू उपाय और सर्जरी शामिल हैं। प्राकृतिक उपचार की मदद से ग्लूकोमा को पूरी तरह से ठीक तो नहीं किया जा सकता है, लेकिन इसके ऑप्टिक नर्व पर पड़ रहे दबाव को कम जरूर किया जा सकता है। ग्लूकोमा का प्राकृतिक इलाज निम्नलिखित रूप से किया जा सकता है।
स्वस्थ आहार अपनाएं
अच्छे पोषण आंख के स्वास्थ्य को बेहतर बनाने के साथ-साथ ग्लूकोमा जैसी बीमारी के विकास को धीमा करने में भी मदद करते हैं। हाल ही में हुए कुछ अध्ययनों से पता चलता है कि कुछ विटामिन और पोषक तत्वों का ग्लूकोमा पर सकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है। विशेष रूप से वे फल और सब्जियां अधिक सहायक होती हैं, जिनमें विटामिन ए और सी के साथ-साथ कैरोटीनॉइड प्रचुर मात्रा में पाए जाते हैं।
यही कारण है कि ग्लूकोमा से पीड़ित होने पर आपको अपनी डाइट में कुछ खास प्रकार की सब्जियों को शामिल करना चाहिए। इसमें पालक, कोलार्ड ग्रीन्स, केल और ब्रसेल्स स्प्राउट्स आदि शामिल हैं।
इसे पढें: मोतियाबिंद का घरेलू इलाज
एंटीऑक्सीडेंट भी ग्लूकोमा के कारण ऑप्टिक नर्व पर होने वाले नुकसान को रोकने में मदद कर सकते हैं। क्रैनबेरी, ब्लैक और ग्रीन टी, फ्लैक्स सीड्स, अनार और ऐकाई बेरीज जैसे खाद्य पदार्थों में अधिक मात्रा में एंटीऑक्सीडेंट पाए जाते हैं। आपको इन्हेंभी अपनी डाइट में शामिल करना चाहिए।
इन सबके अलावा, आड़ू, गाजर, बीट, हरी बीन्स और मूली जैसे अन्य खाद्य पदार्थ भी आपके लिए काफी फायदेमंद साबित हो सकते हैं। साथ ही, विशेषज्ञ कॉफी और कैफीन युक्त पेय पदार्थों के अधिक सेवन से बचने का सुझाव देते हैं। क्योंकि इससे आंखों के दबाव में वृद्धि हो सकती है।
नियमित रूप से हल्का व्यायाम करें
नियमित रूप से हल्का-फुल्का व्यायाम करना आपके ऑप्टिक नर्व पर पड़ने वाले दबाव को कम करने में मदद कर सकता है। क्योंकि व्यायाम आपकी आंखों और शरीर के दूसरे हिस्सों में खून के प्रवाह को बेहतर बनाता है। लेकिन साथ ही इस बात का भी ध्यान रहे कि अधिक व्यायाम करने से दबाव घटने की जगह बढ़ भी सकता है।
इसे पढें: एस्टिग्मेटिज्म क्या है – कारण, लक्षणा, निदान और इलाज
कुछ योग आसन ऑप्टिक नर्व के दबाव को बढ़ा सकते हैं, जो कि ग्लूकोमा के मरीज के लिए सही नहीं है। अगर आप ग्लूकोमा का इलाज की नीयत से योग करना चाहते हैं तो आपको उन सभी आसनों को नहीं करना चाहिए जिससे आपके सिर पर दबाव पड़ सकता है। व्यायाम या योग से संबंधित अधिक जानकारी प्राप्त करने के लिए आप एक योग गुरु या जिम ट्रेनर से बात कर सकते हैं।
क्या ग्लूकोमा का प्राकृतिक इलाज प्रभावशाली है?
विशेषज्ञ का ऐसा मानना है कि प्राकृतिक उपचार की मदद से ग्लूकोमा का परमानेंट इलाज नहीं किया जा सकता है। लेकिन ग्लूकोमा के लक्षणों और ऑप्टिक नर्व पर पड़ रहे दबाव को कुछ हद तक जरूर कम किया जा सकता है। ग्लूकोमा होने पर, लंबे समय तक प्राकृतिक उपचार पर निर्भर रहना हानिकारक साबित हो सकता है। ऐसी स्थिति में बिना देरी किए एक अनुभवी नेत्र रोग विशेषज्ञ से मिलकर इसका उचित इलाज कराना चाहिए।
ग्लूकोमा का बेहतर इलाज कैसे किया जा सकता है?
ग्लूकोमा एक बहुत ही गंभीर बीमारी है, जिसका समय पर उचित इलाज आवश्यक है। इसके इलाज में लापरवाही अंधेपन का कारण बन सकता है। ग्लूकोमा के कारण दृष्टि को जो नुकसान हुआ है उसे तो ठीक नहीं किया जा सकता है, लेकिन इलाज की मदद से इसके लक्षणों और ऑप्टिक नर्व पर पड़ रहे दबाव को कम अवश्य किया जा सकता है।
इसे पढें: मायोपिया क्या है – कारण, लक्षण, निदान और इलाज
सर्जरी को ग्लूकोमा का सबसे बढ़िया इलाज माना जाता है। ग्लूकोमा की सर्जरी को कई तरह से किया जाता है, लेकिन ट्रैबेक्यूलेक्टोमी सर्जरी को इसका सबसे सटीक इलाज माना जाता है। इस सर्जरी को एक अनुभवी और विश्वसनीय नेत्र रोग विशेषज्ञ के द्वारा पूरा किया जाता है। ट्रैबेक्यूलेक्टोमी सर्जरी के दौरान, सर्जन ग्लूकोमा से प्रभावित आँख की सफाई करते हैं और लिड स्पेकुलम नामक उपकरण की मदद से आंख को खोलकर रखते हैं।
उसके बाद, सर्जन पलक के पास, आँख में एक छेद बनाकर वहां जमा हुए द्रव को बाहर निकाल देते हैं ताकि ऑप्टिक नर्व पर पड़ रहा दबाव कम या खत्म हो जाए। इस सर्जरी को लोकल या जनरल एनेस्थीसिया के प्रभाव में किया जाता है। इसलिए इस दौरान मरीज को ज़रा भी दर्द या दूसरी किसी प्रकार की परेशानियों का सामना नहीं करना पड़ता है।
ध्यान देने वाली बात
ग्लूकोमा का इलाज की नीयत से किसी भी प्रकार के प्राकृतिक उपायों का इस्तेमाल करने से पहले एक अनुभवी नेत्र रोग विशेषज्ञ से राय अवश्य लें। अपने मन मुताबिक किसी भी प्रकार के नुस्खे का इस्तेमाल आपकी बीमारी को ठीक करने के बजया उसे और गंभीर बना सकता है। मोतियाबिंद के बाद, ग्लूकोमा को पूरा दुनिया में अंधेपन का सबसे बड़ा दूसरा कारण माना जता है। इसलिए इस बीमारी से पीड़ित होने पर सबसे पहले एक नेत्र रोग विशेषज्ञ से परामर्श करना चाहिए।
और पढें
डिस्क्लेमर: यह ब्लॉग सामान्य जानकारी के लिए लिखा गया है| अगर आप किसी बीमारी से ग्रसित हैं तो कृपया डॉक्टर से परामर्श जरूर लें और डॉक्टर के सुझावों के आधार पर ही कोई निर्णय लें|