Views: 6,024
एसीएल सर्जरी से जुड़ी सभी जरूरी बातें — ACL Surgery In Hindi
एसीएल सर्जरी को ‘नी लिगमेंट सर्जरी’ के नाम से भी जाना जाता है। जब आपके लिगमेंट पर किसी प्रकार का चोट लग जाता है तब इस सर्जरी की आवश्यकता पड़ती है। एसीएल सर्जरी का इस्तेमाल खासकर खेल कूद के दौरान लगे चोटों का इलाज करने के लिए किया जाता है। यही कारण है की इस सर्जिकल प्रक्रिया को खिलाड़ियों के लिए एक वरदान के रूप में देखा जाता है। एसीएल सर्जरी की मदद से खिलाड़ी की चोट को कम से कम समय में ठीक किया जा सकता है। जिसके कारण वे अपने खेल के प्रदर्शन को बिना किसी रुकावट के बनाए रख सकते हैं। विशेषज्ञ का मानना है कि अभी भी लोगों में एसीएल सर्जरी को लेकर जागरूकता कि कमी है और शायद यही कारण है कि लोग इस सर्जरी का फायदा उठाने से वंचित रह जाते हैं।
हर कदम पर समर्पित समर्थन!
हमारे डॉक्टर आपकी सहायता के लिए दिन में 24 घंटे, सप्ताह में 7 दिन उपलब्ध हैं!
आगे पढ़ें: एनल फिशर के लिए लेजर सर्जरी क्यों जरूरी है?
अगर आपको भी इस सर्जरी के प्रति जागरूकता की कमी है तो यह ब्लॉग बिलकुल आपके लिए है। इस ब्लॉग को पढ़ने के बाद आप इससे संबंधित सभी आवश्यक बातों के बारे में जान विस्तार से जाएंगे और अधिक से अधिक इस सर्जिकल प्रक्रिया का फायदा उठा पाएंगे।
Table of Contents
एसीएल सर्जरी क्या है?
एसीएल सर्जरी एक सर्जिकल प्रक्रिया है जिसमें घुटने के सबसे बड़े लिगमेंट यानी की एंटीरियर क्रूसिएट लिगमेंट का इलाज किया जाता है। इलाज की इस प्रक्रिया के दौरान फटे हुए लिगमेंट को ठीक किया जाता है या फिर ठीक नहीं होने की स्थिति में उसे हटाकर उसकी जगह सही लिगमेंट को लगाया जाता है। यह एक बहुत ही आसान, सरल और सुरक्षित प्रक्रिया है जो मात्र कुछ मिनटों में ही पूरी हो जाती है। इस सर्जरी के खत्म होते ही आपके घुटनों की समस्या दूर हो जाती है।
के साथ अपनी सर्जरी करवाएं
एसीएल सर्जरी की सलाह कब दी जाती है?
एसीएल सर्जरी का इस्तेमाल ढेरों स्थितियों में किया जाता है। लेकिन डॉक्टर मुख्य रूप से नीचे दी गई पांच स्थितियों में इलाज के इस माध्यम का सुझाव देते हैं।
इसे भी पढ़ें: पीआरपी थेरेपी — प्रक्रिया, फायदे और नुकसान
घुटने में चोट लगना
घुटने में चोट लगने की स्थिति में भी कई बार एसीएल सर्जरी किया जाता है। ज्यादातर मामलों में घुटने पर चोट का असर लिगमेंट पर होता है, जिसके कारण वह खराब हो सकता है। लिगमेंट खराब न हो इसलिए डॉक्टर एसीएल सर्जरी का सुझाव देते हैं ताकि जल्द से जल्द चोट का इलाज कर इसके कारण आगे होने वाली दूसरी परेशानियों को रोका जा सके। अगर आपके घुटने में चोट है तो डॉक्टर से परामर्श करने के बाद आप भी एसीएल सर्जरी की मदद से घुटने की समस्या को बहुत ही कम समय में हमेशा के लिए खत्म कर सकते हैं।
घुटने में तेज दर्द होना
घुटने में दर्द होना एक आम समस्या का रूप धारण कर चुका है जिससे ज्यादातर लोग पीड़ित होते हैं। लेकिन इसके इलाज करने के लिए सामान्य तरीकों को अपनाते हैं। कुछ मामलों में यह समस्या कुछ समय के बाद अपने आप ही ठीक हो जाती है। लेकिन अगर यह खुद ही ठीक नहीं हुआ तथा आपके घुटने का दर्द बढ़ता रहा तो फिर आपको डॉक्टर से मिलकर इस बारे में बात करनी चाहिए। क्योंकि हो सकता है आपको लिगमेंट सर्जरी की आवश्यकता पड़े। आमतौर पर घुटने के दर्द में लगातार इजाफा होने की स्थिति में डॉक्टर एसीएल सर्जरी का सुझाव देते हैं।
आगे पढ़ें: हिस्टेरोस्कोपी — प्रक्रिया, प्रकार, फायदे, नुकसान और खर्च
चलने में परेशानी होना
अगर आपके घुटने में तेज दर्द है जिसके कारण आपको चलने फिरने में परेशानी होती है तो एसीएल सर्जरी की मदद से आपके घुटने का इलाज संभव है। ऐसी स्थिति में खासकर डॉक्टर एसीएल सर्जरी कराने का सुझाव देते हैं। क्योंकि इससे आपको काफी कम समय में आराम मिलता है। अगर आपको चलने फिरने या उठने बैठने में दिक्कतें आती हैं तो आप डॉक्टर से सलाह लेने के बाद एसीएल सर्जरी का चुनाव कर अपनी परेशानियों को दूर कर सकते हैं।
काम करने की क्षमता प्रभावित होना
घुटना आपके शरीर का एक बहुत ही महत्वपूर्ण अंग है जिसकी वजह से आपको चलने फिरने में आसानी होती है। लेकिन घुटना खराब होने पर इसका असर आपके काम करने की क्षमता पर पड़ता है। क्योंकि चलते समय आपके शरीर का सारा भार आपके पैरों पर पड़ता है और घुटना आपके पैर का एक मुख्य अंग है। अगर आपको चलने फिरने, उठने बैठने या अपने दैनिक जीवन के कामों को करने की क्षमता प्रभावित होती है तो आपको अपने घुटनों की जांच करानी चाहिए। एसीएल सर्जरी की मदद से आपके घुटने की परेशानी को बहुत ही आसानी से ठीक किया जा सकता है।
प्रोफेशनल खिलाड़ी होना
मुख्य रूप से एसीएल सर्जरी का इस्तेमाल प्रोफेशनल खिलाड़ियों के लिए किया जाता है। क्योंकि उन्हें खेल के दौरान अक्सर चोटें आती रहती हैं जिसका जल्द से जल्द इलाज कराना आवश्यक होता है। एसीएल सर्जरी की मदद से खिलाड़ियों का जीवन बहुत ही आसान हो जाता है क्योंकि किसी भी चोट को ठीक होने के लिए उन्हें लंबे समय तक इंतजार नहीं करना पड़ता है।
एसीएल सर्जरी से पहले क्या किया जाता है
किसी भी सर्जरी से पहले डॉक्टर पर्याप्त तैयारी करते हैं जिसमें मरीज का स्वास्थ्य, उसके बीमारी की स्थिति आदि जांच करना शामिल हैं। एसीएल सर्जरी से पहले भी डॉक्टर कुछ तैयारियां करते हैं जिसमें निम्नलिखित चीजें शामिल हैं।
फिजिकल थैरेपी लेना
एसीएल सर्जरी की प्रक्रिया को शुरू करने से पहले डॉक्टर आपको फिजिकल थैरेपी कराने की सलाह देते हैं। ताकि आपके घुटनों की मांसपेशियां मजबूत हो सकें और साथ ही अगर वहां पर सूजन हो तो वह भी कम हो सके।
आगे पढ़ें: पाइल्स लेजर सर्जरी: इस तकनीक से मिलेगा पाइल्स से राहत
दवा देना
कई बार सर्जरी से पहले डॉक्टर आपको कुछ दवाओं का सेवन करने की सलाह देते हैं। क्योंकि इन दवाओं के सेवन से आपके शरीर में आवश्यक ऊर्जा उत्पन्न होता है। जिससे सर्जरी के दौरान आपके साथ साथ आपके डॉक्टर को भी बहुत सहूलियत होती है।
खान पान पर ध्यान देना
एसीएल सर्जरी करने से पहले डॉक्टर आपको एक खास डाइट का सुझाव दे सकते हैं। ऐसा करने से आप सर्जरी के लिर पूरी तरह से तैयार हो जाते हैं। साथ ही सर्जरी के दौरान या बाद में होने वाली जटिलताओं की संभावना भी कम हो जाती है।
अपने साथ किसी व्यक्ति को ले जाना
एसीएल सर्जरी को घुटनों पर किया जाता है। इसलिए सर्जरी के बाद आपको चलने फिरने में परेशानी हो सकती है। यही कारण है की डॉक्टर मरीज को अपने साथ एक व्यक्ति को हॉस्पिटल लाने की सलाह देते हैं ताकि सर्जरी के बाद उन्हें घर जाने में किसी तरह की कोई परेशानी न हो।
घुटने की जांच करना
एसीएल सर्जरी करने से पहले डॉक्टर आपके घुटने की जांच करते हैं ताकि इस बात की पुष्टि की जा सके की आपका घुटना सर्जरी के लिए तैयार है या नहीं। घुटने की जांच करने के बाद बीमारी की गंभीरता का भी पता चलता है जिसके आधार पर डॉक्टर सर्जरी का समय तय करते हैं।
एसीएल सर्जरी कैसे की जाता है?
एसीएल सर्जरी करने से पहले डॉक्टर घुटने में अनेस्थिसिया इंजेक्शन देते हैं ताकि आपको इस पूरी सर्जिकल प्रक्रिया के दौरान दर्द महसूस न हो। अनेस्थिसिया इंजेक्शन देने के बाद डॉक्टर आपके कंधे में इंट्रावेनस लाइन लगाते हैं, जिसके माध्यम से डॉक्टर आपके शरीर में दवा को डालते हैं। इतना करने के बाद वे सर्जरी की शुरुआत करते हैं। सबसे पहले वे आपके घुटने में कट यानी चीरा लगाते हैं जिसके माध्यम से सर्जिकल कैमरे और उपकरण को आपके शरीर में डालते हैं।
इसे पढ़ें: स्तन लिफ्ट सर्जरी — उपचार, प्रक्रिया, जोखिम, फायदे, नुकसान और लागत
घुटने में कट लगाने के बाद डॉक्टर फटे हुए लिगमेंट को घुटने से बाहर निकाल कर उस जगह को अच्छी तरह से साफ करते हैं। फिर खराब लिगमेंट की जगह पर एक नए लिगमेंट को लगा दिया जाता है। नए लिगामेंट को लगाने के बाद डॉक्टर चीरा को बंद कर देते हैं जिसके बाद एसीएल सर्जरी की प्रक्रिया खत्म हो जाती है।
सर्जिकल प्रक्रिया खत्म होने के बाद आपको सुधार कक्ष यानी की रिकवरी रूम में ले जाया जाता है। रिकवरी रूम में डॉक्टर आपके स्वास्थ्य को मॉनिटर करते हैं ताकि वे इस बात की पुष्टि कर सकें की आपको किसी भी प्रकार की कोई परेशानी नहीं है और आप सर्जरी के बाद बिलकुल ठीक हैं।
एसीएल सर्जरी के संभावित जोखिम
दूसरी किसी भी सर्जिकल प्रक्रियायों की तरह एसीएल सर्जरी के भी कुछ संभावित जोखिम हैं, जो सर्जरी के बाद आप खुद में अनुभव कर सकते हैं। इन जोखिमों के बारे में आपको सही जानकारी होना आवश्यक है। अगर आपने हाल ही में एसीएल सर्जरी कराया है तो आपको नीचे दिए हुए जोखिमों का सामना करना पड़ सकता है।
इसे भी पढ़ें: पायलोनिडल साइनस की सर्जरी और साइड इफेक्ट्स
घुटने में दर्द होना
घुटने के दर्द को दूर करने के लिए एसीएल सर्जरी की जाती है, लेकिन कई बार सर्जरी के बाद आप अपने घुटने में दर्द महसूस कर सकते हैं। सर्जरी के बाद कुछ समय तक हल्का फूलका दर्द होना आम बात है। जो कुछ समय के बाद अपने आप ही खत्म हो जाता है। दर्द तेज या लंबे समय तक होने पर आपको डॉक्टर से मिलकर इस बारे में बात करनी चाहिए।
ग्राफ्ट का सही से फिट नहीं होना
एसीएल सर्जरी के दौरान डॉक्टर आपके घुटने में ग्राफ्ट लगाते हैं। लेकिन कुछ मामलों में ग्राफ्ट सही से फिट नहीं होने के कारण वह सही से काम नहीं करता है, जिसकी वजह से आपको काफी परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है। अधिक परेशानी होने कि स्थिति में अपने डॉक्टर से मिलकर उन्हें इस बारे में बताएं।
घुटने में इंफेक्शन होना
अगर आप ने हाल ही एसीएल सर्जरी कराया है तो आपको अपने घुटने में इंफेक्शन कि शिकायत हो सकती है। ऐसी स्थिति में आपका घुटना खराब भी हो सकता है और आपको फिर से घुटने कि सर्जरी करवाना पड़ सकता है। घुटने में इंफेक्शन होने के कारण आपको काफी तेज दर्द होता है। अगर आपको लगता है कि आपके घुटने में इंफेक्शन है तो तुरंत डॉक्टर से मिलकर इसकी जांच करानी चाहिए।
ब्लीडिंग होना
एसीएल सर्जरी के दौरान हल्का ब्लीडिंग होना सामान्य है, लेकिन अधिक ब्लीडिंग होना खतरे कि तरफ इशारा करता है। अधिक ब्लीडिंग होने के कारण आपके शरीर में खन कि कमी भी हो सकती है। अगर सर्जरी या उसके बाद आपको अधिक ब्लीडिंग होती है तो तुरंत अपने डॉक्टर से संपर्क करें। ताकि वे जल्द से जल्द ब्लीडिंग को रोक कर दूसरी प्रॉब्लम को जन्म लेने से रोक सकें।
दूसरी सर्जरी कि जरूरत पड़ना
कुछ मामलों में एसीएल सर्जरी असफल हो जाती है, इस स्थिति में डॉक्टर घुटने कि दूसरी सर्जरी कराने कि सलाह देते हैं। इसलिए आपके लिए यह आवश्यक है कि डॉक्टर या हॉस्पिटल का चुनाव करने से पहले उनकी विश्वसनीयता के बारे में पता लगाएं और अनुभवी और कुशल डॉक्टर के द्वारा ही अपने घुटने कि सर्जरी कराएं।
प्रिस्टीन केयर के पास देश के सबसे बेहतरीन सर्जन मौजूद हैं जिन्हे घुटनों कि बीमारियों में विशेषज्ञता प्राप्त है और एसीएल सर्जरी कि गहरी समझ हैं। ये सर्जन बहुत ही अनुभवी और कुशल हैं, जो आपके घुटनों कि समस्याओं को मात्र कुछ ही मिनटों में हमेशा के लिए ठीक कर सकते हैं। अगर आप एसीएल सर्जरी के लिए बेस्ट डॉक्टर कि तलाश में है तो प्रिस्टीन केयर आपके लिए सबसे बेहतरीन विकल्प है।
इसे पढ़ें: नाक की सर्जरी, फायदा-नुकसान और साइड इफेक्ट
घुटने की परेशानियों का बेस्ट इलाज करने के साथ साथ सर्जरी वाले दिन प्रिस्टीन केयर अपने मरीज को कैब फैसिलिटी देते हैं जो मरीज को सर्जरी के दिन घर से हॉस्पिटल और सर्जरी के बाद हॉस्पिटल से घर वापस छोड़ती है। मरीज के हॉस्पिटल पहुंचने से पहले उनके लिए प्रिस्टीन टीम की तरफ से एक केयर बड्डी मौजूद रहता है जो इलाज से जुड़े सभी पेपरवर्क को पूरा करता है। साथ ही इलाज के बाद जब तक मरीज हॉस्पिटल में रूकते हैं, केयर बड्डी उनकी देखरेख और सभी जरूरी चीजों का ख्याल रखता है। अगर आप घुटनों के दर्द से मुक्ति पाना चाहते हैं तो अभी विशेषज्ञ डॉक्टर से संपर्क करें।
और पढ़ें
डिस्क्लेमर: यह ब्लॉग सामान्य जानकारी के लिए लिखा गया है| अगर आप किसी बीमारी से ग्रसित हैं तो कृपया डॉक्टर से परामर्श जरूर लें और डॉक्टर के सुझावों के आधार पर ही कोई निर्णय लें|