पिलोनिडल साइनस Pilonidal Sinus Home Treatment in Hindi स्किन मे एक छोटा सा छेद है जिसमें फ्लूइड भरा होता है। आमतौर पर यह कूल्हे के ऊपर या पीठ के निचले हिस्से में देखने को मिलता है। पिलोनिडल साइनस सिस्ट का ही एक रूप है जो मवाद, खून और गंदगी से भरा होता है जिसके कारण गंभीर दर्द और सूजन का सामना करना पड़ता है। कभी कभी इससे बदबू भी आ सकती है।
आमतौर पर यह समस्या उन लोगों में अधिक देखने को मिलती है जो लंबे समय तक एक ही जगह बैठकर काम करते हैं। जैसे की कॉर्पोरेट में काम करने वाले, दुकान चलाने वाले या फिर गाड़ी चलाने वाले। महिलाओं की तुलना में पिलोनिडल साइनस की समस्या पुरुषों में अधिक पाई जाती है। Pilonidal Sinus Home Treatment in Hindi इसका इलाज कई तरह से किया जाता है लेकिन आज हम आपको उन घरेलू नुस्खों के बारे में विस्तार से बताएंगे जिनकी मदद से आप अपनी समस्या को आसानी से खत्म कर सकते हैं।
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पिलोनिडल साइनस के कारण
जैसे हर बीमारी के कुछ न कुछ कारण होते हैं, वैसे ही पिलोनिडल के भी कुछ विशेष कारण हैं। अगर आप इन कारणों पर ध्यान देते हुए कुछ सावधानियां बरतें तो खुद को इस परेशानी से बचा सकते हैं। नीचे हम उन्ही कारणों के बारे में बता रहे हैं।
- फोड़ा
- जख्म
- बाल तोड़
- अनुवांशिकी
- हार्मोनल परिवर्तन
- टाइट कपड़े पहनना
- लंबे समय तक बैठे रहना
- पूरे शरीर में प्रणालीगत संक्रमण
- सिस्ट के भीतर त्वचा के कैंसर की दुर्लभ संभावना
- त्वचा को रगड़ने से हेयर फॉल एरिया का बंद हो जाना
- बाल टूटना और टूटे हुए बाल का स्किन के अंदर चले जाना
पिलोनिडल साइनस के लक्षण
पिलोनिडल साइनस से पीड़ित होने की स्थिति में आप खुद में इसके कुछ खास लक्षणों को महसूस कर सकते हैं। अगर आप इसके लक्षणों को अनुभव करते हैं तो फिर आपको तुरंत इसके इलाज के बारे में सोचना चाहिए। पिलोनिडल साइनस के शुरुआत में ही इसके लक्षणों को समझ लिया जाए तो यह समस्या Pilonidal Sinus Home Treatment in Hindi कम समय बहुत ही आसानी से खत्म हो सकती है।
डॉक्टर भी सबसे पहले इसके लक्षण को ही समझते हैं और फिर जांच करने के बाद इसकी पुष्टि करते हैं। हालांकि, पिलोनिडल साइनस बाहर से ही साफ दिखाई देता है इसलिए कई बार इसके जांच की जरूरत भी नहीं पड़ती है। लेकिन डॉक्टर इसकी गंभीरता को जानने के लिए इसकी जांच अवश्य करते हैं। इसके लक्षण निम्नलिखित हैं।
- बुखार आना
- दुर्गंधयुक्त निर्वहन
- स्किन में लालिमा आना
- स्किन की ओपनिंग से खून आना
- साइनस से मवाद या खून निकलना
- कूल्हे की दरार के ठीक ऊपर निशान आना
- कपड़े के कारण बैठने या थोड़ा धक्का देने पर दर्द होना
पिलोनिडल साइनस का घरेलू इलाज
हमारे देश में घरेलू इलाज या घरेलू नुस्खों का एक अपना अलग इतिहास है। हर तरह की बीमारियों के लिए कुछ न कुछ घरेलू नुस्खे उपलब्ध होते ही हैं। कुछ मामलों में यह काफी हद तक फायदेमंद होते हैं और इनके इस्तेमाल से बीमारी भी खत्म हो जाती है लेकिन कुछ मामलों में यह उतनी प्रभावशाली नहीं होती है। पिलोनिडल साइनस को ठीक करने के लिए भी कुछ घरेलू उपाय मौजूद हैं जिनकी मदद से आप इस अपनी समस्या को दूर कर सकते हैं।
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हल्दी पिलोनिडल साइनस की समस्या दूर करता है
हल्दी एक आयुर्वेदिक औषधि है जिसका इस्तेमाल कई तरह की बीमारियों और परेशानियों को दूर करने के लिए किया जाता है। इसे बीमारियों को दूर करने का एक बेहतरीन प्राकृतिक इलाज के रूप में देखा जाता है। पिलोनिडल साइनस की समस्या को दूर करने के सभी घरेलू उपायों में से खास एक उपाय यह भी है। Pilonidal Sinus Home Treatment in Hindi इसके अंदर एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण पाए जाते हैं जो दर्द और सूजन को बहुत कम समय में दूर कर देते हैं।
अपने पिलोनिडल साइनस की समस्या को दूर करने के लिए हल्दी को थोड़े से पानी में मिलाकर उसका लेप तैयार करें और फिर उसे प्रभावित जगह पर नियमित रूप से दिन में तीन बार कुछ दिनों तक लगाकर लगाएं। Pilonidal Sinus Home Treatment in Hindi आप चाहें तो आधा चम्मच हल्दी को एक गिलास हल्का गर्म दूध में मिलाकर पी भी सकते हैं। हल्दी का इस्तेमाल पिलोनिडल साइनस की समस्या में बहुत फायदेमंद होता है। पिलोनिडल के साथ साथ यह दूसरी भी कई समस्याओं को आपके शरीर से बाहर निकालने का काम करता है।
लहसुन पिलोनिडल साइनस को ठीक करता है
लहसुन में एंटी-इंफ्लेमेटरी और एंटीसेप्टिक प्रचुर मात्रा में पाए जाते हैं। जो शरीर से सूजन को खत्म और पिलोनिडल की समस्या को दूर करने का काम करते हैं। pilonidal sinus home treatment without surgery लहसुन में एंटीऑक्सीडेंट गुण भी पाए जाते हैं जो सिस्ट में बैक्टीरिया को बढ़ने से रोकते हैं। अगर आप पिलोनिडल साइनस से परेशान हैं तो आपको घबराने की जरूरत नहीं है क्योंकि आप इस समस्या को बहुत आसानी से दूर कर सकते हैं।
सबसे पहले आप थोड़े से सादा पानी में लहसुन की कली को मिलाकर एक पेस्ट तैयार करें और Pilonidal Sinus Home Treatment in Hindi फिर इस पेस्ट को पिलोनिडल साइनस से प्रभावित जगह पर लगाएं और लगभग आधे घंटे के लिए छोड़ दें। आप चाहें तो हल्का गर्म पानी में लहसुन की काली को मिलाकर उसका सेवन भी कर सकते हैं। ऐसा करने से प्रभावित जगह की सूजन खत्म हो जाती है और पिलोनिडल की समस्या से राहत मिलती है। (आगे पढ़ें: घरेलू नुस्खों से पायें बवासीर से राहत)
सेंधा नमक पिलोनिडल साइनस का बढ़िया इलाज है
सेंधा नमक पिलोनिडल साइनस की समस्या को दूर करने में बहुत सहायक होता है। इसके अंदर मैग्नीशियम और सल्फेट मौजूद होते हैं जो शरीर से विषाक्त पदार्थों को बाहर निकालने और पिलोनिडल साइनस की समस्या को खत्म करने का काम करते हैं। Home Remedies For Pilonidal Sinus in Hindi अगर आप भी पिलोनिडल साइनस से पीड़ित हैं तो घर बैठे ही आप इससे छुटकारा पा सकते हैं।
सेंधा नमक का इस्तेमाल करने के लिए आप सबसे पहले बाथ तब में हल्का गर्म पानी भरें और फिर उसमें एक या दो कप सेंधा नमक मिलाएं। सेंधा नमक मिलाने के बाद उस पानी में लगभग आधे घंटे तक बैठें। ऐसा करने से पिलोनिडल के कारण उत्पन्न सूजन कम हो जाती है और आपको काफी हद तक राहत मिलती है। कुछ दिनों तक ऐसा करने से आपकी पिलोनिडल साइनस की समस्या खत्म हो जाती है।
टी ट्री ऑयल की मदद से पिलोनिडल साइनस खत्म हो सकती है
टी ट्री ऑयल में एंटी-बैक्टीरियल, एंटीफंगल और एंटी-इंफलेमेट्री गुण भरपूर मात्रामें पाए जाते हैं। यही कारण है इसे पिलोनिडल साइनस के उपचार का सबसे सफल, सुरक्षित और प्रभावशाली माध्यम माना जाता है। pilonidal sinus home treatment without surgery पिलोनिडल साइनस की समस्या को हमेशा के लिए नष्ट करने के लिए आपको टी ट्री ऑल का इस्तेमाल अवश्य करना चाहिए। इसमें वो सभी गुण और तत्व मौजूद हैं जो इस बीमारी को खत्म करने में सहायक साबित हो सकते हैं। टी ट्री ऑयल से बवासीर का इलाज भी क्या जाता है।
पिलोनिडल से प्रभावित स्किन पर कुछ दिनों तक रोजाना इस तेल में से एक या दो बूंद लगाएं, आपको इस समस्या से राहत मिलेगी। pilonidal sinus home treatment without surgery यह तेल बहुत ही प्रभावशाली है जो पिलोनिडल की समस्या में काफी जल्दी रिजल्ट देता है। अगर इसके इस्तेमाल को लेकर किसी तरह की शंका या परेशानी हो तो आप आसपास के डॉक्टर से मिलकर इस बारे में बात कर सकते हैं। या फिर यूट्यूब पर इसके वीडियो को देख सकते हैं।
कैस्टर ऑयल से पिलोनिडल साइनस ठीक होता है
हमारे पूर्वजों ने लगभग सभी समस्याओं के लिए कोई न कोई घरेलू इलाज ढूंढा ही है। ये अलग बात है की कुछ मामलों में ये चीजें ज्यादा फायदेमंद होती हैं तो कुछ मामलों में कम। लेकिन कहीं न कहीं इनसे थोड़ा बहुत फायदा तो अवश्य ही होता है। Home Remedies For Pilonidal Sinus in Hindi हमारे पास काफी समस्याओं के लिए घरेलू इलाज मौजूद हैं और इन्ही में से एक है अरंडी का तेल जो कैस्टर ऑयल के नाम से पूरी दुनिया में मशहूर है। कैस्टर ऑयल बहुत ही फायदेमंद होता है।
कैस्टर ऑयल का इस्तेमाल एक जड़ी बूटी के रूप में भी किया जाता है। पिलोनिडल साइनस की समस्या को दूर करने के लिए कैस्टर ऑयल एक बहुत ही प्रभावशाली तरीका है। Pilonidal Sinus Home Treatment Without Surgery कैस्टर ऑयल को हल्का गर्म करने के बाद उसे प्रभावित जगह पर लगाएं और फिर उसे बैंडेज से कवर कर दें। इस तेल का इस्तेमाल नियमित रूप से दिन में दो से तीन बार करने से पिलोनिडल साइनस की समस्या खत्म हो जाती है। अगर आप भी अपनी समस्या से हमेशा के लिए छुटकारा पाना चाहते हैं तो आपको इस तेल का इस्तेमाल करना चाहिए। (इसे भी पढ़ें: फर्टिलिटी बढ़ाने के आसान प्राकृतिक एवं घरेलू उपाय)
जोखिम और ध्यान देने वाली बातें
- कॉटन अंडरगार्मेंट पहनें
- हल्का फूलका व्यायाम करें
- रोजाना दो चम्मच एप्पल साइडर विनेगर लें
- प्रभावित जगह को सूखा, स्वस्थ और साफ रखें
- दौड़ने और भारी व्यायाम करने से बचना चाहिए
- लंबे समय तक सख्त स्थान पर नहीं बैठना चाहिए
- गुनगुने पानी में एक चम्मच शहद मिलाकर रोज पिएं
- प्रभावित क्षेत्र के बाल को काटकर साफ कर लेना चाहिए
- अधिक वसा, असालेदार और शक्कर वाली चीजों का सेवन करने से बचें
- अपने एंटीबायोटिक और एंटीफंगल गुणों के कारण लहसुन को आहार में शामिल करें
- शरीर में सूजन को नियंत्रित करने के लिए मेथी की जड़ी-बूटियों को भी आहार में शामिल करें
निष्कर्ष
पिलोनिडल साइनस एक आम समस्या है जो लंबे समय तक एक जगह बैठने, बाल टूटने, टाइट कपडा पहनने, अनुवांशिकी, हार्मोनल परिवर्तन जैसे और अन्य ढेरों कारणों से हो सकती है। इस समस्या से पीड़ित होने की स्थिति में आपको दर्द और सूजन का सामना करना पड़ सकता है। अगर आपको पिलोनिडल साइनस है या फिर खुद में इसके लक्षण को देखते हैं तो ऊपर बताए गए घरेलू नुस्खों का इस्तेमाल करके आप इस समस्या से छुटकारा पा सकते हैं। अगर घरेलू नुस्खों से आराम न मिले तो फिर आपको डॉक्टर से मिलकर इसकी जांच और इलाज करवानी चाहिए।
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डिस्क्लेमर: यह ब्लॉग सामान्य जानकारी के लिए लिखा गया है| अगर आप किसी बीमारी से ग्रसित हैं तो कृपया डॉक्टर से परामर्श जरूर लें और डॉक्टर के सुझावों के आधार पर ही कोई निर्णय लें|