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जीवनशैली और खासकर खान पान खराब यानी की अनहेल्दी होने के कारण आज हर इंसान किसी न किसी बीमारी से परेशान है। इन्ही बीमारियों में से एक बीमारी भगन्दर है। प्रिस्टीन केयर के इस ब्लॉग में आज हम आपको भगन्दर के कारण, भगन्दर के लक्षण और भगन्दर के होम्योपैथिक इलाज के बारे में विस्तार से बताने वाले हैं। इस ब्लॉग को पूरा पढ़ने के बाद, कुछ सावधानियों को बरतने के बाद आप खुद को इस बीमारी से बचाने या अगर आप इस बीमारी से पीड़ित हैं तो घर बैठे होम्योपैथी दवाओं की मदद से इसका बेहतर इलाज करने में कामयाब हो पाएंगे।  

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Table of Contents

भगन्दर (फिस्टुला) क्या है — What Is Fistula In Hindi — Fistula In Hindi — Bhagandar Kya Hai

भगन्दर को अंग्रेजी में फिस्टुला (Fistula) कहा जाता है। यह एक गंभीर शारीरिक बीमारी है। इससे पीड़ित होने की स्थिति में आपके एनस में या उसके आस पास फोड़े और फुंसियां बन जाते हैं। जिसके कारण एनस में घाव और जख्म बनने लगते हैं। घाव और जख्म के कारण वहां खुजली, दर्द और जलन शुरू हो जाती है। इसे ही मेडिकल की भाषा में भगन्दर कहा जाता है। भगन्दर होने पर एनस के आस पास लाल चकत्ते बन जाते हैं तथा प्रभावित स्थान का रंग भी पीला पड़ जाता है। 

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कुछ समय के बाद फोड़े और फुंसियों में मवाद यानी की पस बन जाता है जो धीरे धीरे रिसना शुरू हो जाता है। पस से बदबू भी आती है। कुछ समय बीतने के बाद भगन्दर अपना मुंह दूसरी तरफ भी बना लेता है जिसके कारण मरीज की परेशानियां भी दोगुनी हो जाती हैं। इस बीमारी से पीड़ित होने के बाद आपको चलने फिरने, उठने, बैठने, लेटने, अपने दैनिक जीवन के कामों को करने और खासकर स्टूल पास करते समय काफी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। 

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अगर इस बीमारी का समय पर उचित तरीके से इलाज नहीं किया गया तो आगे जाकर यह एनल कैंसर का रूप भी धारण कर सकता है।         

भगन्दर (फिस्टुला) के कारण — What Are The Causes Of Fistula In Hindi — Bhagandar (Fistula) Kyun Hota Hai 

भगन्दर की बीमारी कई कारणों से होती है। अगर आपको इन कारणों की जानकारी पहले ही हो जाए तो आप कुछ सावधानियां बरतने के बाद खुद को इस बीमारी से बचा सकते हैं। नीचे हम आपको भगन्दर के कुछ खास कारणों के बारे में बता रहे हैं। 

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  • कब्ज की शिकायत होना — Constipation
  • गैस की समस्या होना — Gastric Problem
  • रेक्टम का अस्वच्छ होना — Unclean Rectum
  • बैक्टीरियल इंफेक्शन होना — Bacterial Infection
  • लंबे समय से कब्ज होना — Chronic Constipation
  • एनस के आस पास चोट लगना — Injury Near Anus
  • रेक्टम के पास फोड़े होना — Abscess Near Rectum
  • एनस के आस पास सर्जरी होना — Surgery Near Anus
  • किसी भी नशीली चीज का सेवन करना — Taking any Drugs 
  • एनस में ब्लड फ्लो का घटना — Low Blood Flow In Rectum
  • टीबी या एड्स से पीड़ित होना — Suffering From TB or AIDS
  • क्रोहन नामक बीमारी से पीड़ित होना — Suffering From Crohn’s Disease
  • शराब और सिगरेट का सेवन करना — Consumption of Alcohol and Cigarette
  • आंत की परत में सूजन की समस्या होना — Swelling In The Lining Of Intestine
  • लंबे समय तक किसी सख्त या ठंडी जगह पर बैठना — Sitting For Long Hours At One Place
  • एनस या उसके आस पास रेडिएशन ट्रीटमेंट कराने के कारण भी भगन्दर की समस्या पैदा हो सकती है।  

भगन्दर (फिस्टुला) के लक्षण — What Are The Symptoms Of Fistula In Hindi — Bhagandar (Fistula) Ke Kya Lakshan Hote Hain 

किसी भी बीमारी को उसके लक्षणों की मदद से पहचाना जाता है। जैसे हर एक बीमारी के कुछ लक्षण होते हैं जिसे उस बीमारी से पीड़ित मरीज खुद में अनुभव करते हैं। वैसे ही भगन्दर के भी कुछ लक्षण है जो इस बीमारी से पीड़ित होने की स्थिति में आप खुद में महसूस करते हैं। इन लक्षणों को देखने और समझने के बाद आप डॉक्टर के पास जाते हैं। डॉक्टर भी आपके लक्षणों को ध्यान में रखते हुए कुछ जांच करते हैं तथा फिर आपके बीमारी की पुष्टि करते हैं। भगन्दर के लक्षणों के बारे में नीचे विस्तार से बताया जा रहा है।     

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  • भगन्दर से पीड़ित होने पर आपको बुखार हो सकता है। 
  • कमजोरी महसूस करना भगन्दर के लक्षणों में से एक है। 
  • एनस से पस निकलना भगन्दर की तरफ इशारा कर सकता है। 
  • अगर आपको ठंड लगती है तो यह भगन्दर का लक्षण हो सकता है। 
  • जब आपको भगन्दर की शिकायत होती है तो एनस से खून निकलता है।  
  • सही से स्टूल पास नहीं होना भी भगन्दर के कारणों और लक्षणों में से एक है। 
  • बार बार एनस में फोड़े की शिकायत होना भगन्दर की तरफ इशारा करता है।  
  • एनस के आस पास दर्द और सूजन होना भगन्दर के खास लक्षणों में से एक है। 
  • भगन्दर होने पर पस निकलने के कारण एनस के आस पास जलन हो सकती है।  
  • भगन्दर से पीड़ित होने की स्थिति में स्टूल पास करते समय आपको दर्द हो सकता है। 
  • अगर आपको कब्ज की समस्या रहती है तो आपको भगन्दर की जांच करानी चाहिए। 
  • पस निकलने के साथ साथ कभी कभी एनस से बदबू आना भगन्दर के लक्षणों में से एक हो सकता है। 
  • कब्ज की शिकायत और स्टूल पास करने में परेशानी होने के साथ साथ आपको थकान महसूस होना भी भगन्दर के लक्षणों में से एक हो सकता है। 

अगर आप ऊपर बताए गए किसी भी लक्षण को खुद में अनुभव करते हैं तो तुरंत डॉक्टर से मिलकर इसकी जांच करानी चाहिए। अगर भगन्दर के लक्षणों को शुरू में ही पहचान कर समय पर सही इलाज किया जाए तो यह समस्या बहुत ही कम समय में हमेशा के लिए खत्म हो सकती है। (इसे पढ़ें: लेजर सर्जरी पिलोनिडल साइनस)

भगन्दर (फिस्टुला) का होम्योपैथिक इलाज — Homeopathic Treatment Of Fistula In Hindi — Bhagandar (Fistula) Ka Homeopathic Ilaj

Homeopathic Medicines For Fistula In Hindi भगन्दर का इलाज करने के लिए उपचार के ढेरों मॉडर्न माध्यम मौजूद हैं जिनकी मदद से इस बीमारी को कम समय में काफी आसानी से हमेशा के लिए खत्म किया जा सकता है। लेकिन अगर यह अपनी शुरूआती स्टेज में है तो इसका इलाज होम्योपैथी दवाओं की मदद से भी किया जा सकता है। Bhagandar Ki Homeopathy Medicines In Hindi बहुत सी ऐसी होम्योपैथिक दवाएं बाजार में मौजूद हैं जो इस बीमारी को बहुत ही प्रभावशाली तरीके से ठीक कर देती हैं। हम आपको नीचे उन्हें खास होम्योपैथिक दवाओं के बारे में बता रहे हैं। 

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सल्फर भगन्दर में फायदेमंद होता है — Sulphur Is Good For Fistula In Hindi — Sulphur Bhagandar (Fistula) Me Faydemand Hota Hai       

भगन्दर का इलाज करने के लिए ढेरों दवाइयां मौजूद होने के बाद भी लोग होम्योपैथी दवाओं का चयन करते हैं। क्योंकि इसके साइड इफेक्ट्स लगभग न के बराबर होते हैं। जैसे होमियोपैथी में दूसरी ढेरों गंभीर बीमारियों का समाधान है, वैसे ही इसमें भगन्दर का समाधान भी मौजूद है। सल्फर नामक होम्योपैथी दवा का इस्तेमाल भगन्दर को ठीक करने के लिए किया जाता है। इस दवा का इस्तेमाल सबसे ज्यादा प्रभावशाली भगन्दर के उन मरीजों के लिए होता है जिन्हे इसकी वजह से एनस में तेज दर्द और सूजन होती है। भगन्दर के कारण अगर आपके एनस में अधिक दर्द और सूजन है तो आपको इस दवा का इस्तेमाल करना चाहिए। इसके इस्तेमाल से आपको काफी जल्दी राहत मिलेगी।

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हिपर सल्फर से भगन्दर का इलाज किया जा सकता है — Hepar Sulphur Can Be Used To Treat Fistula In Hindi — Hepar Sulphur Se Bhagandar (Fistula) Ka Ilaj Kiya Ja Sakta Hai

विशेषज्ञ का कहना है की हिपर सल्फर से भगन्दर का बेहतरीन इलाज किया जा सकता है। यह दवा खासकर उन लोगों के लिए सबसे अधिक फायदेमंद होती है जिन्हे भगन्दर की वजह से एनस में बहुत तेज दर्द होता है। नियमित रूप से इस दवा का सेवन करने से आपके भगन्दर के लक्षणों में कमी आती है तथा आपकी बीमारी भी धीरे धीरे खत्म होने लगती है। अगर आप भगन्दर के कारण उत्पन्न दर्द से परेशान हैं तो इस दवा का सेवन कर सकते हैं। यह दर्द को कम करने के साथ साथ एनस में बने पस को भी कम करने का काम करता है। 

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सिलेसिया से भगन्दर का इलाज किया जाता है — Silicea Is Used To Treat Fistula In Hindi — Silicea Se Bhagandar (Fistula) Ka Ilaj Kiya Jata Hai

भगन्दर की होम्योपैथिक दवाओं में सिलेसिया का नाम भी शामिल है। अगर आप भगन्दर से पीड़ित हैं तो इस दवा के इस्तेमाल से अपनी बीमारी को खत्म कर सकते हैं। यह दवा भगन्दर के लक्षणों को बहुत ही प्रभावी तरीके से कम और खत्म करता है। नियमित रूप से इसका सेवन करने पर आपको पॉजिटिव रिजल्ट देखने को मिलेगा। लेकिन ध्यान रहे की आप इस दवा का इस्तेमाल डॉक्टर के सुझाव के बाद ही करें। अपने मन से इसका सेवन करना आपके लिए खतरनाक साबित हो सकता है।  

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भगन्दर के इलाज में मिरिस्टिका बहुत फायदेमंद होता है — Myristica Is Good For Treating Fistula In Hindi — Myristica Bhagandar (Fistula) Ke Ilaj Me Bahut Faydemand Hota Hai 

यह भगन्दर का बहुत ही प्रभावशाली होम्योपैथिक दवा है। जब भगन्दर का दर्द असहनीय हो जाता है तथा हिपर सल्फर दवा का सेवन करने के बाद भी कोई फर्क नहीं आता है तब मिरिस्टिका दवा का इस्तेमाल करने का सुझाव दिया जाता है। कुछ सप्ताह तक इस दवा का सेवन करने से भगन्दर से संबंधित आपकी परेशानियां खत्म हो जाएंगी। बिना डॉक्टर की सलाह के इस दवा का सेवन नहीं करना चाहिए। अगर आप इसका सेवन करना चाहते हैं तो पहले डॉक्टर से अवश्य परामर्श करें। वे भगन्दर की गंभीरता और आपकी सेहत को ध्यान में रखते हुए इस दवा तथा इसकी खुराक का फैसला करते हैं। 

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अगर आपको भगन्दर है तो आप ऊपर बताई गई होम्योपैथिक दवाओं का सेवन कर सकते हैं। भगन्दर को ठीक करने की नियत से किसी भी दवा का इस्तेमाल करने से पहले डॉक्टर से अवश्य परामर्श करें। वे आपके बीमारी की स्थिति, आपकी सेहत, एलर्जी तथा पहले से चल रही दूसरी दआओं आदि चीजों को ध्यान में रखते हुए दवा और उसकी खुराक का चयन करते हैं जो की आपके लिए बहुत फायदेमंद होता है। इसलिए डॉक्टर से मिलना आवश्यक है। 

अगर होम्योपैथिक दवाओं से भगन्दर ठीक न हो तो क्या करें — What To Do If Bhagandar (Fistula) Is Not Cured With Homeopathic Medicines In Hindi 

अगर होम्योपैथिक दवाओं का इस्तेमाल करने के बाद भी आपकी बीमारी में किसी तरह का कोई बदलाव न आए तो आपको डॉक्टर से मिलकर मॉडर्न सर्जरी द्वारा इसका इलाज कराना चाहिए। लेजर सर्जरी की मदद से भगन्दर को हमेशा के लिए ठीक किया जा सकता है। यह सर्जरी मात्र 30 मिनट में पूरी हो जाती है तथा इसके दौरान आपको जरा भी  दर्द या ब्लीडिंग नहीं होती है। इस प्रक्रिया के बाद जख्म बनने या इंफेक्शन होने का ख़तरा भी लगभग न के बराबर होता है। लेजर सर्जरी द्वारा भगन्दर का इलाज सबसे सबसे सरल, सफल और सुरक्षित होता है। 

प्रिस्टीन केयर के पास भारत के बेस्ट सर्जन हैं जो भगन्दर का इलाज लेजर सर्जरी से करते हैं। ये डॉक्टर आपकी बीमारी को मात्र कुछ ही मिनटों में हमेशा के लिए खत्म कर सकते हैं। क्योंकि इन्हे भगन्दर की गहरी समझ और लेजर सर्जरी पर महारत हासिल है। अगर आप अपनी बीमारी से हमेशा के लिए छुटकारा पाना चाहते हैं तो प्रिस्टीन केयर आपके लिए सबसे बेस्ट विकल्प है।     

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डिस्क्लेमर: यह ब्लॉग सामान्य जानकारी के लिए लिखा गया है| अगर आप किसी बीमारी से ग्रसित हैं तो कृपया डॉक्टर से परामर्श जरूर लें और डॉक्टर के सुझावों के आधार पर ही कोई निर्णय लें|

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