चेन्नई में वैरीकोसेल के डॉक्टर

यूएसएफडीए द्वारा प्रमाणित प्रक्रियायूएसएफडीए द्वारा प्रमाणित प्रक्रिया
चीरा नहीं लगता है, दर्द और ब्लीडिंग नहीं होती हैचीरा नहीं लगता है, दर्द और ब्लीडिंग नहीं होती है
सभी इंश्योरेंस कवर किये जाते हैंसभी इंश्योरेंस कवर किये जाते हैं
उसी दिन इलाज और डिस्चार्जउसी दिन इलाज और डिस्चार्ज

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वैरीकोसेल क्या है?

अंडकोष की थैली (Scrotum) में नसों के आकार बढ़ने की स्थिति को मेडिकल की भाषा में वैरीकोसेल कहा जाता है। नसों में वॉल्व मौजूद होते हैं जिनका काम खून को अंडकोष की थैली से दिल तक ले जाना है। लेकिन वॉल्व में किसी प्रकार की खराबी होने या वॉल्व के सही से काम नहीं करने पर खून दिल तक जाने के बजाय नसों में ही एक जगह इकट्ठा होने लगता है। खून के एक जगह जमा होने के कारण अंडकोष की थैली और उसके आसपास सूजन होने लगता है। यही सूजन आगे जाकर वैरीकोसेल में बदल जाता है। वैरीकोसेल स्पर्म की क्वालिटी, क्वांटिटी और दूसरे उन सभी फंक्शन को प्रभावित करता है जो आगे जाकर पुरुष में बांझपन का कारण बन सकते हैं।

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उपचार

जांच

वैरीकोसेल का इलाज शुरू करने से पहले डॉक्टर मरीज की जांच करते हैं ताकि वे उसके वैरीकोसेल के ग्रेड और गंभीरता को अच्छी तरह से समझ सकें। सबसे पहले, डॉक्टर मरीज की मेडिकल हिस्ट्री के बारे में जानते हैं और वैरीकोसेल के लक्षणों तथा यह समस्या उन्हें कितने दिनों से है आदि से संबंधित कुछ प्रश्न पूछते हैं। उसके बाद, सर्जन मरीज की शारीरिक जांच करते हैं। अंडकोष की थैली में पानी है या नहीं - इस बात की पुष्टि करने के लिए डॉक्टर ब्लड टेस्ट और एक्स-रे करते हैं। साथ ही, अल्ट्रासाउंड की मदद से अंडकोष की थैली के सूजन की जांच करते हैं। शारीरिक परीक्षण के दौरान डॉक्टर कोमलता की जांच करते हैं। वीर्य विश्लेषण (Semen Analysis Test) और हार्मोन परीक्षण (Hormone Test) की मदद से डॉक्टर कूप उत्तेजक हार्मोन (Follicle Stimulating Hormone) और कम टेस्टोस्टेरोन (Low Testosterone) का पता लगाते हैं। साथ ही, वैरीकोसेल के लक्षणों की पुष्टि करने के लिए डॉक्टर अल्ट्रासाउंड भी करते हैं।

सर्जरी

परक्यूटेनियस इम्बोलिजेशन

यह एक दिन की सर्जिकल प्रक्रिया है जो वैरीकोसेल का इलाज करने के बाद स्पर्म की क्वालिटी और क्वांटिटी को बेहतर बनाने में मुख्य भूमिका निभाता है। इलाज खत्म होने के बाद मरीज को कुछ घंटों के लिए हॉस्पिटल में रुकने की आवश्यकता पड़ती है। फिर मरीज अपने घर जाने और सर्जरी के दो दिन बाद अपने दैनिक जीवन के कामों को दोबारा शुरू करने के लिए पूरी तरह से फिट हो जाते हैं। परक्यूटेनियस इम्बोलिजेशन की प्रक्रिया को शुरू करने से पहले रेडियोलॉजिस्ट मरीज को एनेस्थीसिया देते हैं और फिर उसके बाद उनके पेट के निचले हिस्से में एक बहुत ही छोटा सा कट लगाते हैं। कट लगाने के बाद, रेडियोलॉजिस्ट एक्स-रे की मदद से एक कैथिटर को मरीज के शरीर में डालते हैं और खराब नस से खून के प्रवाह को बंद करके उसे दूसरे स्वस्थ और अप्रभावित नस से जोड़ देते हैं।

लेप्रोस्कोपिक वैरिकोसेलेक्टॉमी

जब परक्यूटेनियस इम्बोलिजेशन या इलाज की दूसरी प्रक्रियाओं का इस्तेमाल करने के बाद भी वैरीकोसेल में किसी प्रकार का सकारात्मक बदलाव नहीं आता है तो विशेषज्ञ डॉक्टर लेप्रोस्कोपिक सर्जरी यानी लेप्रोस्कोपिक वैरिकोसेलेक्टॉमी का सुझाव देते हैं। यह वैरीकोसेल का सबसे सटीक, सफल और परमानेंट इलाज है। इस सर्जरी के बाद दोबारा वैरीकोसेल होने का खतरा लगभग खत्म हो जाता है। वैरीकोसेल की लेप्रोस्कोपिक सर्जरी की प्रक्रिया को शुरू करने से पहले सर्जन मरीज को एनेस्थीसिया देते हैं और फिर उसके बाद मरीज के पेट या ऊपरी जांघ में एक बहुत ही छोटा सा कट लगाते हैं। कट लगाने के बाद, सर्जन अल्ट्रासाउंड की मदद से लेप्रोस्कोप नामक उपकरण को मरीज के शरीर में डालते हैं और खराब नस से खून के प्रवाह को बंद करके उसे दूसरे स्वस्थ नस से जोड़ देते हैं। उसके बाद, सर्जन कट वाली जगह पर ड्रेसिंग कर देते हैं। इस पूरी सर्जिकल प्रक्रिया को पूरा होने में लगभग 30 मिनट का समय लगता है।

वैरीकोसेल की लेप्रोस्कोपिक सर्जरी के दौरान मरीज को जरा भी दर्द या ब्लीडिंग नहीं होती है। सर्जरी के दौरान या बाद में इंफेक्शन या दूसरे किसी भी प्रकार के साइड इफेक्ट्स का खतरा लगभग न के बराबर होता है। लेपरसोकोपिक सर्जरी एक दिन की प्रक्रिया है। इसलिए सर्जरी के बाद मरीज को हॉस्पिटल में रुकने की जरूरत भी नहीं पड़ती है। सर्जरी खत्म होने के कुछ ही घंटों के बाद मरीज अपने घर जाने के लिए पूरी तरह से फिट हो जाते हैं। साथ ही, सर्जरी के 48 घंटों या दो दिन के बाद वे अपने दैनिक जीवन के कामों को बिना किसी परेशानियों का सामना किए दोबारा शुरू भी कर सकते हैं। लेप्रोस्कोपिक सर्जरी के बाद मरीज को ठीक होने में काफी कम समय लगता है। यही कारण है कि हर कोई वैरीकोसेल का परमानेंट इलाज कराने के लिए लेप्रोस्कोपिक सर्जरी का चुनाव कर रहा है। लेप्रोस्कोपिक वैरिकोसेलेक्टॉमी के निम्नलिखित फायदे हैं।

दर्द नहीं होता है,रिकवरी बहुत तेजी से होती है,उसी दिन इलाज और डिस्चार्ज,इंफेक्शन का खतरा शून्य होता है,हॉस्पिटल में रुकने की जरूरत नहीं,ब्लीडिंग लगभग न के बराबर होती है,दर्द से बचने के लिए पेन किलर लेने की जरूरत नहीं पड़ती है,इंफेक्शन से बचने के लिए एंटी बायोटिक दवाओं की जरूरत नहीं पड़ती है,लेप्रोस्कोपिक सर्जरी वैरीकोसेल का सबसे संक्षिप्त, सटीक, सुरक्षित और सफल इलाज है

Pristyn Care क्यों चुनें?

Pristyn Care is COVID-19 safe

Pristyn Care कोविड-फ्री है

हमारी क्लीनिक में मरीज की सेहत और सुरक्षा का खास ध्यान रखा जाता है। विश्व स्वास्थ्य संगठन की गाइडलाइन को ध्यान में रखते हुए हमारी सभी क्लिनिक और हॉस्पिटल को नियमित रूप से सैनेटाइज किया जाता है।

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मेडिकल सहायता

सर्जरी से पहले होने वाली सभी चिकित्सीय जाँच में रोगी को मेडिकल सहायता दी जाती है। हमारी क्लीनिक में बीमारियों का उपचार के लिए लेजर एवं लेप्रोस्कोपिक प्रक्रियाओं का उपयोग होता है, जो USFDA द्वारा प्रमाणित हैं।

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सर्जरी के दौरान सहायता

हम हर मरीज को एक केयर बड्डी उपलब्ध कराते हैं जो एडमिशन से लेकर डिस्चार्ज की प्रक्रिया तक हॉस्पिटल से जुड़े सभी पेपरवर्क को पूरा करता है। साथ ही, मरीज की जरूरतों का खास ध्यान रखता है।

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सर्जरी के बाद देखभाल

सर्जरी के बाद फ्री फॉलो-अप मीटिंग की सुविधा उपलब्ध है। साथ ही, मरीज को डाइट चार्ट और आफ्टरकेयर टिप्स दी जाती है ताकि उनकी रिकवरी जल्दी हो।

Pristyn Care के आँकड़े

60k+संतुष्ट मरीज
90+क्लीनिक
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20k+सर्जरी
300+डॉक्टर
400+अस्पताल

अधिकतर पूछे जाने वाले प्रश्न

चेन्नई में वैरीकोसेल का बेस्ट इलाज क्या है?

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चेन्नई में वैरीकोसेल का इलाज कई तरह से किया जाता है, लेकिन लेप्रोस्कोपिक सर्जरी को इसका बेस्ट इलाज माना जाता है। लेप्रोस्कोपिक सर्जरी एक मॉडर्न और एडवांस सर्जिकल प्रक्रिया है जिससे किसी भी प्रकार के वैरीकोसेल का परमानेंट इलाज किया जा सकता है। अगर आप वैरीकोसेल से पीड़ित हैं और चेन्नई में इसका बेस्ट इलाज पाना चाहते हैं तो आपको एक अनुभवी और कुशल यूरोलॉजिस्ट से परामर्श करने के बाद लेप्रोस्कोपिक सर्जरी का चुनाव करना चाहिए।

चेन्नई में वैरीकोसेल के बेस्ट सर्जन कौन हैं?

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अगर आप चेन्नई के बेस्ट वैरीकोसेल सर्जन या चेन्नई के बेस्ट यूरोलॉजिस्ट से अपने वैरीकोसेल का इलाज कराना चाहते हैं तो आपको प्रिस्टीन केयर से संपर्क करना चाहिए। प्रिस्टीन केयर चेन्नई के सभी अनुभवी, कुशल, और विश्वसनीय यूरोलॉजिस्ट से जुड़ा हुआ है। प्रिस्टीन केयर के सर्जन को वैरीकोसेल की गहरी समझ और लेप्रोस्कोपिक सर्जरी में महारत हासिल है। ये सर्जन अब तक वैरीकोसेल की हजारों सफल लेप्रोस्कोपिक सर्जरी कर चुके हैं।

क्या चेन्नई में वैरीकोसेल का परमानेंट इलाज संभव है?

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हाँ. लेप्रोस्कोपिक सर्जरी से चेन्नई में वैरीकोसेल का परमानेंट इलाज संभव है। लेप्रोस्कोपिक सर्जरी एक मॉडर्न और एडवांस सर्जिकल प्रक्रिया है जिससे किसी भी प्रकार के वैरीकोसेल का परमानेंट इलाज कम से कम समय में बहुत ही आसानी से किया जा सकता है। अगर आपको वैरीकोसेल है और आप चेन्नई में इसका परमानेंट इलाज पाना चाहते हैं तो एक अनुभवी और विश्वसनीय यूरोलॉजिस्ट से परामर्श करने के बाद लेप्रोस्कोपिक सर्जरी का चुनाव करना चाहिए।

चेन्नई में वैरीकोसेल की सर्जरी में कितना खर्च आता है?

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चेन्नई में वैरीकोसेल की सर्जरी का खर्च काफी चीजों पर निर्भर करता है जैसे कि वैरीकोसेल का प्रकार और गंभीरता, यूरोलॉजिस्ट का अनुभव और विश्वसनीयता, क्लिनिक या हॉस्पिटल का लोकेशन और वैरीकोसेल की सर्जरी में उनका ट्रैक रिकॉर्ड, सर्जरी का प्रकार, सर्जरी के बाद हॉस्पिटलाइजेशन और फॉलो-अप्स आदि। लेकिन अगर आप चेन्नई के बेस्ट क्लिनिक में कम से कम खर्च में वैरीकोसेल का परमानेंट इलाज पाना चाहते हैं तो आपको प्रिस्टीन केयर से संपर्क करना चाहिए। प्रिस्टीन केयर क्लिनिक में कम से कम खर्च में वैरीकोसेल का बेस्ट इलाज करने के साथ-साथ मरीजों को और भी ढेरों सुविधाएं प्रदान की जाती हैं जिसमें सर्जरी वाले दिन फिर पिकअप और ड्रॉप, सभी डायग्नोस्टिक टेस्ट पर 30% छूट और सर्जरी के बाद फ्री फॉलो-अप्स की सुविधा आदि शामिल हैं।

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चेन्नई में वैरीकोसेल का बेस्ट इलाज कराएं

वैरीकोसेल एक गंभीर बीमारी है जिसका समय पर सही जांच और इलाज आवश्यक है। वैरीकोसेल स्पर्म की क्वालिटी, क्वांटिटी, और दूसरे उन सभी फंक्शन को बुरी तरह से प्रभावित करता है जो आगे जाकर पुरुष में बांझपन यानी इनफर्टिलिटी का कारण बन सकते हैं। अगर आप वैरीकोसेल से पीड़ित हैं तो अब आपको घबराने की जरूरत नहीं है, क्योंकि चेन्नई में वैरीकोसेल का बेस्ट इलाज उपलब्ध है। चेन्नई में वैरीकोसेल का इलाज लेप्रोस्कोपिक सर्जरी से किया जाता है। लेप्रोस्कोपिक सर्जरी एक मॉडर्न और एडवांस सर्जिकल प्रक्रिया है जिससे किसी भी प्रकार के वैरीकोसेल का बेस्ट यानि परमानेंट इलाज बहुत ही आसानी से किया जा सकता है। अगर आप वैरीकोसेल से पीड़ित हैं और चेन्नई में इसका बेस्ट इलाज पाना चाहते हैं तो अनुभवी और विश्वसनीय यूरोलॉजिस्ट से परामर्श करने के बाद लेप्रोस्कोपिक सर्जरी का चुनाव करें।

चेन्नई के प्रिस्टीन केयर क्लिनिक में वैरीकोसेल का लेप्रोस्कोपिक इलाज पाएं

चेन्नई के प्रिस्टीन केयर क्लिनिक में वैरिकोसेल का लेप्रोस्कोपिक इलाज किया जाता है। लेप्रोस्कोपिक सर्जरी एक मॉडर्न और एडवांस सर्जिकल इलाज है जिससे किसी भी प्रकार के वैरीकोसेल का परमानेंट इलाज किया जा सकता है। हमारे क्लिनिक में वैरीकोसेल की लेप्रोस्कोपिक सर्जरी को बहुत ही अनुभवी और कुशल यूरोलॉजिस्ट की देखरेख में पूरा किया जाता है। चेन्नई के दूसरे क्लिनिक या हॉस्पिटल की तुलना में हमारे क्लिनिक में वैरीकोसेल की लेप्रोस्कोपिक सर्जरी को बहुत ही कम खर्च में पूरा किया जाता है। इतना ही नहीं, हम कम से कम खर्च में वैरीकोसेल का बेस्ट इलाज करने के साथ-साथ मरीजों को और भी ढेरों सुविधाएं प्रदान करते हैं जिसमें सर्जरी वाले दिन फ्री पिकअप और ड्रॉप, सभी डायग्नोस्टिक टेस्ट पर 30% छूट और सर्जरी के बाद फ्री फॉलो-अप्स की सुविधा आदि शामिल हैं।

चेन्नई में वैरीकोसेल का मॉडर्न और एडवांस इलाज उपलब्ध है

मेडिकल साइंस में विकास होने के कारण आज चेन्नई जैसे शहर में वैरीकोसेल का मॉडर्न और एडवांस लेप्रोस्कोपिक सर्जिकल इलाज उपलब्ध है। लेप्रोस्कोपिक सर्जरी से किसी भी प्रकार के वैरीकोसेल का परमानेंट इलाज किया जा सकता है। इस मॉडर्न और एडवांस सर्जिकल इलाज के बाद दोबारा वैरीकोसेल होने का खतरा लगभग खत्म हो जाता है। चेन्नई में वैरीकोसेल की लेप्रोस्कोपिक सर्जरी को शुरू करने से पहले यूरोलॉजिस्ट मरीज को लोकल या जनरल एनेस्थीसिया देते हैं जिससे सर्जरी के दौरान होने वाले दर्द का खतरा खत्म हो जाता है। एनेस्थीसिया देने के बाद, यूरोलॉजिस्ट एक बहुत ही छोटा सा कट लगाते हैं जिसके लिए टांके की जरूरत भी नहीं पड़ती है। फिर खराब नस से खून के प्रवाह को बंद करके उसे स्वस्थ नस से जोड़ देते हैं। इस सर्जिकल प्रक्रिया को पूरा होने में लगभग आधे घंटे का समय लगता है। वैरीकोसेल की लेप्रोस्कोपिक सर्जरी समाप्त होने के कुछ ही घंटों के बाद मरीज अपने घर जाने के लिए पूरी तरह से फिट हो जाते हैं। अगर आप भी चेन्नई में वैरीकोसेल का परमानेंट इलाज पाना चाहते हैं तो लेप्रोस्कोपिक सर्जरी का चुनाव करें।

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