बादी बवासीर, जिसे बाहरी बवासीर (External Hemorrhoids) भी कहा जाता है, गुदा के बाहरी हिस्से में बनने वाली सूजी हुई नसें होती हैं। इस स्थिति में गुदा के आसपास मस्से जैसी गांठ महसूस हो सकती है, जिसके कारण बैठने, चलने या मल त्याग के समय दर्द और असहजता होती है। कई लोग इसे “मस्से वाली बवासीर” के नाम से भी जानते हैं। शुरुआती अवस्था में बादी बवासीर में हल्की खुजली या जलन हो सकती है, लेकिन समय के साथ सूजन, दर्द और खून आने जैसी समस्याएं बढ़ सकती हैं। यदि लंबे समय तक कब्ज, मल त्याग के दौरान जोर लगाना या लगातार बैठे रहने की आदत हो, तो समस्या गंभीर हो सकती है।
बादी बवासीर, जिसे बाहरी बवासीर (External Hemorrhoids) भी कहा जाता है, गुदा के बाहरी हिस्से में बनने वाली सूजी हुई नसें होती हैं।
...इस स्थिति में गुदा के आसपास मस्से जैसी गांठ महसूस हो सकती है, जिसके कारण बैठने, चलने या मल त्याग के समय दर्द और असहजता होती है। कई लोग इसे “मस्से वाली बवासीर” के नाम से भी जानते हैं। शुरुआती अवस्था में बादी बवासीर में हल्की खुजली या जलन हो सकती है, लेकिन समय के साथ सूजन, दर्द और खून आने जैसी समस्याएं बढ़ सकती हैं। यदि लंबे समय तक कब्ज, मल त्याग के दौरान जोर लगाना या लगातार बैठे रहने की आदत हो, तो समस्या गंभीर हो सकती है।और पढ़ें
बादी बवासीर के लक्षण हर व्यक्ति में अलग हो सकते हैं। सामान्य तौर पर निम्न संकेत दिखाई देते हैं:
गुदा के बाहर मस्से या गांठ महसूस होना
मल त्याग के समय दर्द होना
बैठने पर असहजता महसूस होना
गुदा के आसपास खुजली या जलन
सूजन या भारीपन महसूस होना
मल के साथ खून आना
मस्से बाहर निकल आना
लंबे समय तक बैठने में परेशानी
यदि मस्से में खून का थक्का बन जाए, तो तेज दर्द और सूजन हो सकती है।
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बाहरी बवासीर क्यों होती है?
बवासीर होने के पीछे कई कारण जिम्मेदार हो सकते हैं:
1.लंबे समय तक कब्ज रहना
2.मल त्याग के दौरान ज्यादा जोर लगाना
3.घंटों बैठे रहना
4.मोटापा
5.कम फाइबर वाला भोजन
6.पानी कम पीना
7.गर्भावस्था
8.भारी वजन उठाना
9.शारीरिक गतिविधि की कमी
लगातार कब्ज रहने से गुदा की नसों पर दबाव बढ़ता है, जिससे सूजन आ सकती है।
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मस्से वाली बवासीर के शुरुआती संकेत
कई लोग शुरुआत में सामान्य खुजली समझकर समस्या को नजरअंदाज कर देते हैं। लेकिन नीचे दिए गए संकेतों को हल्के में नहीं लेना चाहिए:
टॉयलेट के बाद गांठ महसूस होना
मल त्याग के समय जलन
टिश्यू या मल में खून दिखना
गुदा के आसपास नमी या सूजन
लंबे समय तक बैठने पर दर्द
समय रहते इलाज कराने से सर्जरी की जरूरत कम हो सकती है।
बादी बवासीर का घरेलू इलाज
हल्के मामलों में कुछ घरेलू उपाय राहत देने में मदद कर सकते हैं:
फाइबर युक्त भोजन लें
हरी सब्जियां, फल, सलाद और दालें मल को मुलायम बनाने में मदद करती हैं। ज्यादा पानी पिएं
दिनभर पर्याप्त पानी पीने से कब्ज कम होती है। सिट्ज़ बाथ लें
गुनगुने पानी में 10-15 मिनट बैठने से दर्द और सूजन में राहत मिल सकती है। ज्यादा जोर न लगाएं
मल त्याग के दौरान दबाव बढ़ाने से समस्या गंभीर हो सकती है। लंबे समय तक बैठने से बचें
बीच-बीच में चलना और हल्की एक्सरसाइज करना फायदेमंद हो सकता है।
ध्यान रखें कि घरेलू उपाय केवल शुरुआती राहत दे सकते हैं। यदि दर्द, सूजन या खून बार-बार हो रहा है, तो डॉक्टर से जांच कराना जरूरी होता है।
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मस्से वाली बवासीर की दवा
डॉक्टर स्थिति के अनुसार कुछ दवाएं दे सकते हैं:
दर्द और सूजन कम करने की दवा
मल को मुलायम करने वाली दवा
लगाने वाली क्रीम या जेल
खुजली कम करने की दवा
दवा लेने के बावजूद यदि मस्से बड़े हो जाएं या बार-बार समस्या हो, तो सर्जरी की सलाह दी जा सकती है।
बाहरी बवासीर का स्थायी इलाज
गंभीर या लंबे समय से चली आ रही बादी बवासीर में सर्जरी प्रभावी विकल्प हो सकती है।
लेजर उपचार
यह आधुनिक प्रक्रिया है जिसमें लेजर ऊर्जा से सूजी हुई नसों को कम किया जाता है। इसमें कट कम लगता है और रिकवरी अपेाकृत तेज हो सकती है। स्टेपलर सर्जरी
कुछ मामलों में बड़े मस्सों को नियंत्रित करने के लिए स्टेपलर तकनीक का उपयोग किया जाता है। ओपन सर्जरी
गंभीर अवस्था में पारंपरिक सर्जरी की आवश्यकता पड़ सकती है।
कौन सा उपचार बेहतर रहेगा, यह मरीज की स्थिति और बवासीर की गंभीरता पर निर्भर करता है।
बवासीर के मस्से बाहर आ जाएं तो क्या करें?
यदि मस्से बाहर महसूस हो रहे हैं, तो:
उन्हें बार-बार छूने से बचें
कब्ज न होने दें
साफ-सफाई का ध्यान रखें
ज्यादा देर तक बैठने से बचें
तुरंत विशेषज्ञ डॉक्टर से जांच करवाएं
कई बार बाहर निकले मस्सों में सूजन और खून का थक्का बनने का खतरा बढ़ जाता है।
बादी बवासीर से बचाव कैसे करें?
रोजाना फाइबर युक्त भोजन लें
पर्याप्त मात्रा में पानी पिएं
नियमित व्यायाम करें
कब्ज को नजरअंदाज न करें
टॉयलेट में ज्यादा देर न बैठें
वजन नियंत्रित रखें
सही खानपान और सक्रिय जीवनशैली से बवासीर का खतरा काफी हद तक कम किया जा सकता है।
बादी बवासीर के संबंध में अधिकतर पूछे जाने वाले प्रश्न
क्या बादी बवासीर हानिकारक होते हैं?
इस बात में कोई संशय नहीं है कि बादी बवासीर कष्टदायक होते हैं। सामान्य तौर पर मल त्यागने या फिर भारी सामान उठाने के दौरान आपको दर्द का अनुभव हो सकता है। थ्रोम्बोस्ड बवासीर के संबंध में दर्द बहुत ज्यादा बढ़ जाता है, क्योंकि इस स्थिति में रक्त जमा हो जाता है। यदि आपके डॉक्टर को इस स्थिति के बारे में पता चल जाए और इसके बनने के 2-3 दिनों के भीतर इस स्थिति का इलाज हो जाए, तो आपको दर्द से आराम मिल सकता है। यदि समय पर इस स्थिति का इलाज नहीं होता है, तो आपको बहुत समय तक दर्द का सामना करना पड़ सकता है।
क्या बादी बवासीर का आकार बढ़ता जाता है?
बादी बवासीर समय के साथ बिगड़ता जाता है और इसके कारण आपको गंभीर लक्षण भी देखने को मिलते हैं। लेकिन इस बात में भी सत्यता है कि बादी बवासीर का आकार समय के साथ बढ़ता नहीं है।
क्या बादी बवासीर खतरनाक स्थिति है?
ऐसे मामले बहुत कम देखे गए है कि बादी बवासीर ने किसी जानलेवा बीमारी का रूप ले लिया हो। लेकिन बवासीर के कारण रक्त जम जाता है जो फट भी सकता है। इसके कारण कई मिनट तक रक्त बह सकता है, लेकिन यह अपने आप बंद भी हो सकता है। यदि यह समय के साथ बंद नहीं होता है, तो आपको तुरंत इलाज लेने की आवश्यकता पड़ सकती है।
क्या बादी बवासीर अपने आप ठीक हो सकता है?
हां, ज्यादातर मामलों में बादी बवासीर बिना इलाज के अपने आप ठीक हो जाता है। लेकिन बादी बवासीर फिर से उत्पन्न हो सकता है और व्यक्ति को बार बार इसका सामना करना पड़ सकता है। इससे बचने के लिए आपको सटीक इलाज की आवश्यकता होती है, जो प्रिस्टीन केयर से मिल सकती है।
बादी बवासीर को छूने पर कैसा एहसास होता है?
जब आप बवासीर को छूते हैं, तो यह हल्के मस्से जैसे प्रतीत होते हैं, जिसमें कभी कभी दर्द भी हो सकता है। कभी कभी मल त्यागने के बाद टॉयलेट पेपर पर रक्त भी दिख सकता है। यदि आपको मस्से वाली बवासीर के लक्षण दिखते हैं, तो तुरंत अपने स्वास्थ्य सेवा प्रदाता से संपर्क कर मस्से वाली बवासीर का इलाज प्राप्त करें।
बादी बवासीर के ऑपरेशन के बाद क्या खाएं?
बादी बवासीर (मलद्वार का बाहर आना) के ऑपरेशन के बाद डॉक्टर आपको कुछ विशिष्ट खाद्य पदार्थ के सेवन की सलाह देते हैं जैसे –