शहर चुनें

कॉल करें
निःशुल्क परामर्श बुक करें
काला मोतिया, जिसे ग्लूकोमा भी कहा जाता है, आंखों की एक गंभीर बीमारी है। इस बीमारी में आंखों के अंदर दबाव बढ़ने लगता है, जिससे आंख की नसें धीरे-धीरे कमजोर होने लगती हैं। समय पर इलाज न मिलने पर आंखों की रोशनी कम हो सकती है और कुछ मामलों में स्थायी अंधापन भी हो सकता है।
काला मोतिया, जिसे ग्लूकोमा भी कहा जाता है, आंखों की एक गंभीर बीमारी है। इस बीमारी में आंखों के अंदर दबाव बढ़ने लगता ...है, जिससे आंख की नसें धीरे-धीरे कमजोर होने लगती हैं। समय पर इलाज न मिलने पर आंखों की रोशनी कम हो सकती है और कुछ मामलों में स्थायी अंधापन भी हो सकता है।और पढ़ें



3M+
संतुष्ट मरीज
50+
बीमारी
200+
हॉस्पिटल
30+
शहर

मुफ्त कैब सुविधा

नो-कॉस्ट ईएमआई

बीमा क्लेम में सहायता

सिर्फ एक दिन की प्रक्रिया

यूएसएफडीए द्वारा प्रमाणित
Choose Your City
It help us to find the best doctors near you.
औरंगाबाद
बैंगलोर
चेन्नई
कोयंबटूर
दिल्ली
हैदराबाद
इंदौर
जयपुर
कोच्चि
मदुरै
मुंबई
नासिक
नोएडा
पटना
पुणे
विजयवाड़ा
विशाखापट्टनम
दिल्ली
हैदराबाद
पुणे
मुंबई
बैंगलोर
Doctor Not Found4.5/5
10 Years Experience
4.5/5
19 Years Experience
4.7/5
13 Years Experience
4.5/5
45 Years Experience
काला मोतिया आंखों की ऑप्टिक नर्व से जुड़ी बीमारी है। यह नस आंखों से मिलने वाले संकेतों को दिमाग तक पहुंचाती है। जब आंखों में दबाव बढ़ जाता है, तो यह नस प्रभावित होने लगती है।
धीरे-धीरे व्यक्ति की देखने की क्षमता कम होने लगती है। कई बार मरीज को शुरुआत में कोई परेशानी महसूस नहीं होती, इसलिए इसे “Silent Vision Thief” भी कहा जाता है।
बीमारी का नाम
सर्जरी का नाम
अवधि
सर्जन

फ्री में ग्लूकोमा सर्जरी इलाज का खर्च जानें
वास्तविक कीमत जाननें के लिए जानकारी भरें
कई लोग पूछते हैं कि “काला मोतियाबिंद क्यों होता है?” इसके पीछे कई कारण हो सकते हैं:
कुछ लोगों में आंखों के अंदर तरल पदार्थ सही तरीके से बाहर नहीं निकल पाता, जिससे दबाव बढ़ने लगता है।

शुरुआत में ग्लूकोमा के लक्षण हल्के हो सकते हैं, लेकिन समय के साथ समस्या बढ़ सकती है।
ग्लूकोमा के सामान्य लक्षण:
आंख में काला पानी का इलाज मरीज की स्थिति और बीमारी की गंभीरता पर निर्भर करता है। डॉक्टर जांच के बाद सही उपचार चुनते हैं।
1. आई ड्रॉप्स से इलाज
शुरुआती अवस्था में डॉक्टर आंखों का दबाव कम करने के लिए आई ड्रॉप्स देते हैं। इससे आंखों में बनने वाले तरल पदार्थ को नियंत्रित किया जाता है।
2. दवाइयों से इलाज
कुछ मामलों में दवाइयों की मदद से भी आंखों का दबाव कम किया जाता है।
3. लेजर उपचार
अगर दवाइयों से फायदा नहीं मिलता, तो लेजर तकनीक का इस्तेमाल किया जाता है। यह प्रक्रिया कम समय में पूरी हो जाती है।
4. काला मोतिया की सर्जरी
जब बीमारी ज्यादा बढ़ जाती है, तब ऑपरेशन की जरूरत पड़ सकती है। Advanced glaucoma में surgery की जाती है ताकि आंखों का दबाव नियंत्रित किया जा सके।
भोजन और जीवनशैली से जुड़े सुझाव
Post-Surgery Recovery Follow up
मुफ्त कैब सुविधा
24*7 सहायता
काला मोतिया की सर्जरी का मुख्य उद्देश्य आंखों में जमा अतिरिक्त तरल पदार्थ को बाहर निकालना होता है।
ऑपरेशन के दौरान डॉक्टर:
यह प्रक्रिया आमतौर पर सुरक्षित मानी जाती है और कई मरीज उसी दिन घर जा सकते हैं।
अगर optic nerve को गंभीर नुकसान हो चुका है, तो खोई हुई रोशनी पूरी तरह वापस लाना मुश्किल हो सकता है। लेकिन समय पर इलाज से बीमारी को बढ़ने से रोका जा सकता है और बची हुई दृष्टि को सुरक्षित रखा जा सकता है।
इसलिए early diagnosis बेहद जरूरी है।
अगर मरीज समय रहते इलाज शुरू कर दे, तो आंखों की रोशनी को लंबे समय तक सुरक्षित रखा जा सकता है।
आंखों की रोशनी बचाने के लिए जरूरी बातें
बहुत से लोग काला मोतिया और सफेद मोतिया को एक ही बीमारी समझते हैं, लेकिन दोनों अलग हैं।
| काला मोतिया | सफेद मोतिया |
| ऑप्टिक नर्व प्रभावित होती है | आंख का लेंस धुंधला होता है |
| आंखों का दबाव बढ़ता है | उम्र बढ़ने से अधिक होता है |
| स्थायी दृष्टि हानि का खतरा | ऑपरेशन से ठीक किया जा सकता है |
| शुरुआती लक्षण कम दिखाई देते हैं | धुंधलापन जल्दी महसूस होता है |
अगर आपको इनमें से कोई लक्षण दिखाई दें, तो तुरंत नेत्र विशेषज्ञ से संपर्क करें
इलाज में देरी होने पर:
समय पर इलाज से बीमारी को कंट्रोल किया जा सकता है, लेकिन खोई हुई दृष्टि वापस लाना हमेशा संभव नहीं होता।
जी हां, आधुनिक तकनीकों से यह सर्जरी काफी सुरक्षित मानी जाती है।
शुरुआती अवस्था में कई मरीजों में आई ड्रॉप्स काफी प्रभावी होती हैं।
यह बीमारी अधिकतर 40 साल के बाद देखने को मिलती है, लेकिन कम उम्र में भी हो सकती है।
नहीं, शुरुआती मामलों में दवाइयों और लेजर से भी इलाज संभव है।
यह बीमारी लंबे समय तक निगरानी मांगती है। कई मरीजों को लगातार दवाइयां और नियमित जांच करवानी पड़ती है।
अगर इलाज न कराया जाए, तो यह स्थायी अंधेपन का कारण बन सकता है।

Shivangi
Recommends
Recommends
The doctor handled my eye condition carefully and explained everything clearly
Hardhik Raina
Eye pressure controlled well thanks to staff and doctor
Anuj
Recommends
Recommends
Eye pressure was controlled effectively, doctors was knowledgeable and experienced
Anthrayase
Recommends
Recommends
We are highly impressed and satisfied. Also decided to visit as and when required for further consultations.
sarala
Recommends
Recommends
Thanks to Pristyn care for the treatment, my eyes are now normal.
Vinod bhardwaj
Recommends
Recommends
My Experience was very nice , doctor and staff all are supportive , very satisfied


निःशुल्क डॉक्टर परामर्श प्राप्त करें
50+ से अधिक बीमारियों के लिए हमारे विशेषज्ञ सर्जन से संपर्क करें
जब आप अपनी बीमारी से जुड़ी जानकारी साझा करेंगे तो हमारे हेल्थ कोऑर्डिनेटर आपसे संपर्क करेंगे
हेल्थ कोऑर्डिनेटर आपकी बीमारी के लक्षणों और स्वास्थ्य की स्थिति को विस्तार से समझेंगे
डॉक्टर से आपका परामर्श जल्द-से-जल्द निर्धारित किया जाएगा
3M +
संतुष्ट मरीज
150 +
क्लीनिक
30 +
शहर
120Cr—Patient Savings Delivered
so patients focus on recovery, not bills.
Complete Transparency
No hidden charges or surprise bills
End-to-End Insurance Handling
Complete insurance processing support
Up to 20% Savings on Every Surgery
powered by smarter insurance handling
Easy EMI Options
Flexible payment plans available
120Cr—Patient Savings Delivered
so patients focus on recovery, not bills.
Complete Transparency
No hidden charges or surprise bills
Your Form Has Been Submitted Successfully.
Our care coordinator will call you shortly.

निःशुल्क परामर्श बुक करें
50+ से अधिक बीमारियों के लिए हमारे विशेषज्ञ सर्जन से संपर्क करें
जब आप अपनी बीमारी से जुड़ी जानकारी साझा करेंगे तो हमारे हेल्थ कोऑर्डिनेटर आपसे संपर्क करेंगे
हेल्थ कोऑर्डिनेटर आपकी बीमारी के लक्षणों और स्वास्थ्य की स्थिति को विस्तार से समझेंगे
डॉक्टर से आपका परामर्श जल्द-से-जल्द निर्धारित किया जाएगा
3M +
संतुष्ट मरीज
150 +
क्लीनिक
30 +
शहर
)