पाइल्स एक बेहद दर्दनाक बीमारी है जिसका इलाज न किया जाए तो यह रोगी के जीवन को प्रभावित करने लगता है। हालांकि जिस हिसाब से ये बीमारी लोगों को अपना शिकार बना रही है उसी गति से बवासीर के मस्से हटाने की विधि भी विकसित की जा रही हैं। पाइल्स के इलाज की ऐसी प्रक्रियाएं विकसित कर ली गई हैं जिनकी मदद से सिर्फ एक दिन में बवासीर का इलाज किया जा सकता है। यदि आप भी बवासीर जैसी दर्दनाक बीमारी से ग्रसित हैं और सिर्फ एक दिन में बवासीर का इलाज कराना चाहते हैं तो इसके लिए आप हमें चुन सकते हैं। हमारे पास पाइल्स के इलाज के उन्नत मेडिकल उपकरण, अनुभवी डॉक्टर और नई तकनीक के बेहतर विकल्प है। जिनकी मदद से इलाज कराकर मरीज एक दिन में ठीक हो सकता है।
पाइल्स एक बेहद दर्दनाक बीमारी है जिसका इलाज न किया जाए तो यह रोगी के जीवन को प्रभावित करने लगता है। हालांकि जिस
...हिसाब से ये बीमारी लोगों को अपना शिकार बना रही है उसी गति से बवासीर के मस्से हटाने की विधि भी विकसित की जा रही हैं। पाइल्स के इलाज की ऐसी प्रक्रियाएं विकसित कर ली गई हैं जिनकी मदद से सिर्फ एक दिन में बवासीर का इलाज किया जा सकता है। यदि आप भी बवासीर जैसी दर्दनाक बीमारी से ग्रसित हैं और सिर्फ एक दिन में बवासीर का इलाज कराना चाहते हैं तो इसके लिए आप हमें चुन सकते हैं। हमारे पास पाइल्स के इलाज के उन्नत मेडिकल उपकरण, अनुभवी डॉक्टर और नई तकनीक के बेहतर विकल्प है। जिनकी मदद से इलाज कराकर मरीज एक दिन में ठीक हो सकता है।और पढ़ें
बवासीर गुदा नहर वाले हिस्से में एक प्रकार की सूजी हुई नसें होती हैं। इन्हें मेडिकल की भाषा में हेमरॉइड्स कहा जाता है। ये बीमारी महिला एवं पुरुष दोनों वर्ग को प्रभावित करती है। हालांकि पुरुषों में यह बीमारी बेहद आम है। बवासीर बेहद दर्दनाक होता है और इससे पीड़ित लोगों को काफी तकलीफों का सामना करना पड़ता है। बवासीर के विभिन्न चरण होते हैं। पहले और दूसरे चरण के बवासीर को ठीक करने के लिए इलाज की आवश्यकता नहीं होती है। लेकिन यदि इसका समय पर इलाज नहीं किया जाता है और यह तीसरी व चौथी स्टेज में पहुंच जाता है और गुदा कैंसर जैसी गंभीर समस्याओं का कारण बन सकता है।
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बवासीर के मस्से कैसे दिखते हैं?
बवासीर के कारण गुदा के अंदरूनी और बाहरी हिस्से सहित मलाशय (रेक्टम) के निचले हिस्से की शिराओं में सूजन पैदा हो जाती है। इसकी वजह से गुदा के अंदर या बाहर किसी एक जगह पर मस्से बन जाते हैं। ये मस्से ही हेमरॉइड्स यानी की बवासीर कहलाते हैं। बवासीर के कारण मरीज को शौच करने और बैठने में असहनीय दर्द होता है।
आमतौर पर बवासीर का इलाज इसकी स्टेज पर निर्भर करता है। यदि पाइल्स एक गंभीर स्थिति में पहुंच गया तो इसे लेजर सर्जरी की मदद से ठीक किया जाता है जबकि बवासीर के शुरुआती लक्षणों को एक दिन में जड़ से खत्म किया जा सकता है। हालांकि इसके लिए मरीज को डॉक्टर के दिशा निर्देशों का पालन करने की आवश्यकता होती है।
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बवासीर के मस्से को एक दिन में हटाने के लिए जांच । Medical test for piles cure in 1 day in Hindi
बवासीर के मस्से को सुखाने उपाय की प्रारंभिक स्टेज में मरीज को इलाज की आवश्यकता नहीं होती है। इसे कुछ सावधानियों और जीवनशैली में बदलाव करके ठीक किया जा सकता है। बवासीर के शुरुआती चरण में रोगी को बवासीर के कारण न तो दर्द महसूस होता और न ही ब्लीडिंग होती है। हालांकि बवासीर की गंभीर स्थितियों में इलाज की आवश्यकता हो सकती है। इसके लिए डॉक्टर निम्न जांच लिख सकता है।
1 दिन में बवासीर को जड़ से ठीक करने के लिए प्रोक्टोलॉजिस्ट शारीरिक जांच करता है। बवासीर के लिए किए जाने वाले फिजिकल टेस्ट बेहद कम समय में पूरे हो जाते है और इस दौरान मरीज को किसी भी प्रकार के दर्द का सामना नहीं करना पड़ता है। सिर्फ 1 दिन में बवासीर को जड़ से ठीक करने के लिए डॉक्टर निम्न जांच कर सकता है –
डिजिटल रेक्टल परीक्षण: गुदा और निचले मलाशय में सूजन वाली नसों को महसूस करने के लिए प्रोक्टोलॉजिस्ट मलाशय में उंगली डालकर जांच करता है। इससे गुदा क्षेत्र में बवासीर के मस्से की मौजूदगी की पुष्टि की जाती है। यदि रोगी के गुदा क्षेत्र में कोई मस्सा है तो डॉक्टर उसकी पहचान कर इलाज शुरू कर देते हैं।
एनोस्कोपी: एनोस्कोपी एक मेडिकल उपकरण के माध्यम से की जाने वाली जांच प्रक्रिया है। इस प्रक्रिया में डॉक्टर एक एनोस्कोप को मरीज के गुदा के अंदर प्रवेश करता है। एनोस्कोप में रोशनी वाली एक ट्यूब होती है, जो बवासीर के मस्से का पता लगाने में मदद करती है।
सिग्मोइडोस्कोपी: इस प्रक्रिया के जरिए बवासीर का पता लगाने के लिए प्रोक्टोलॉजिस्ट कोलन और मलाशय के निचले हिस्से का मेडिकल उपकरण सिग्मोइडोस्कोपी की मदद से निरीक्षण करता है। इस उपकरण के अंत में लाइट के साथ एक कैमरा फिट होता है, जो बवासीर की स्थिति का पता लगाने में मदद करता है।
बवासीर को 1 दिन में जड़ से ठीक करने का इलाज । Piles Treatment in 1 days in Hindi
बवासीर के मस्से सुखाने के उपाय इसकी गंभीरता पर निर्भर करते हैं। इलाज करने से पहले डॉक्टर रोगी की अच्छी तरह से जांच करते और यह पता लगाने की कोशिश करते हैं कि आखिर किस प्रकार के बवासीर की समस्या से रोगी पीड़ित है और बवासीर की स्टेज कौन सी है? एक बार बवासीर की स्टेज का पता लगने पर इलाज शुरू किया जाता है।
1 में दिन बवासीर का इलाज करने वाली स्थिति बवासीर के मस्सों की प्रारंभिक स्थिति मानी जाती है। इसे स्व देखभाल, जरूरी दवाओं का सेवन, घरेलू उपचार, आहार में बदलाव और डॉक्टर द्वारा दिए गए दिशा निर्देशों का पालन कर ठीक किया जा सकता है। नीचे बवासीर के मस्से हटाने की विधि से संबंधित कुछ सर्जिकल प्रक्रियाओं की जानकारी दी जा रही है –
ओपन हेमरॉयडेक्टमी: यह बवासीर ऑपरेशन करने की सबसे पुरानी प्रक्रिया है। जिसमें रोगी को जनरल एनेस्थीसिया दिया जाता है और बवासीर के मस्सों को काटकर अलग किया जाता है।
लेजर सर्जरी: इस प्रक्रिया में बवासीर के मस्सों को नष्ट करने के लिए लेजर किरण का उपयोग किया जाता है। प्रक्रिया की शुरुआत में रोगी को एनेस्थीसिया दिया जाता है। इसके बाद डॉक्टर एक निश्चित फ्रीक्वेंसी की लेजर बीम को बवासीर के मस्सों पर छोड़ते हैं। लेजर बीम के संपर्क में आने के आधे घंटे के भीतर ही बवासीर नष्ट हो जाता है। हालांकि इस प्रक्रिया के बाद मरीज को पूरी तरह से ठीक होने में कुछ दिन का समय लग सकता है।
रबर बैंड लिगेशन: इस प्रक्रिया में बवासीर के बेस में एक रबर बैंड बांध दिया जाता है, जिससे मस्सों तक रक्त परिसंचरण नहीं हो पाता इसके कारण वह (बवासीर के मस्से) सूख जाते हैं और गुदा से अलग होकर नीचे गिर जाते हैं। यह आंतरिक (अंदरूनी) बवासीर के रोगियों के लिए बेहद उपयोगी प्रक्रिया है।
कोएगुलेशन थेरेपी: इन्फ्रारेड फोटोकोगुलेशन, जिसे कोगुलेशन थेरेपी भी कहा जाता है एक चिकित्सा प्रक्रिया है, जिसका उपयोग छोटे और मध्यम आकार के बवासीर के इलाज के लिए किया जाता है। यह उपचार केवल आंतरिक बवासीर के लिए इस्तेमाल किया जाता है। प्रक्रिया के दौरान सर्जन इन्फ्रारेड लाइट की एक तेज किरण का इस्तेमाल बवासीर के मस्से पर करता है। इससे मस्से सूख जाते हैं और अपनी जगह से हट जाते हैं।
स्क्लेरोथेरेपी: इस प्रक्रिया में डॉक्टर इंजेक्शन की मदद से एक केमिकल को आंतरिक बवासीर के मस्सों पर इंजेक्ट करते हैं। इंजेक्शन लगाने के बाद मस्से पूरी तरह से सूख जाते हैं और गिर जाते हैं। यह पाइल्स ट्रीटमेंट की सबसे आसान प्रक्रिया है।
स्टेपलर हेमरॉयडेक्टमी: इसमें एक स्टेप्लिंग उपकरण का उपयोग करके बवासीर के मस्से को स्टेपल कर दिया जाता है, यह बवासीर की ओपन सर्जरी की तुलना में कम दर्दनाक और अधिक सुरक्षित होता है। स्टेपल करने के बाद मस्सों तक खून की सप्लाई बंद हो जाने के कारण इसका आकार धीरे-धीरे कम हो जाता है और पाइल्स से राहत मिल जाती है।
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बवासीर के मस्से सुखाने के उपाय
बवासीर के मस्से सुखाने के के लिए घरेलू उपाय के नीचे दिए जा रहे हैं:
हल्के गर्म पानी से स्नान:बवासीर के मस्से सुखाने के उपाय में हल्के गर्म पानी से स्नान करना बेहद कारगर हो सकता है। इसके लिए मरीज को हल्के गर्म पानी से भरे टब में बैठना होगा। इस उपाय को करने से बवासीर के कारण होने वाली जलन को कम करने में मदद मिल सकती है। इस उपाय को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए आप इस पानी में एक कप एप्सम सॉल्ट या एप्पल साइडर विनेगर मिला सकते हैं।
बर्फ से सिकाई: बवासीर पर बर्फ या ठंडा पैक लगाने से दर्द और सूजन से राहत मिल सकती है। यह विधि बवासीर के मस्सों को जड़ से खत्म कर सकती है। इसके लिए मरीज को आइस पैक को 15 मिनट तक बवासीर के मस्से पर लगाने की सलाह दी जाती है।
विच हेजल: अपने एंटीऑक्सीडेंट और एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण के कारण विच हेज़ल चोट लगने या घाव बनने की संभावना को कम करती है। एक कॉटन बॉल में शुद्ध विच हेज़ल की थोड़ी सी मात्रा लेकर बवासीर पर लगाने से राहत मिल सकती है।
नारियल का तेल: बवासीर के मस्सों को जड़ से खत्म करने में नारियल का तेल मदद कर सकता है। नारियल एक प्राकृतिक मॉइस्चराइजर है। नारियल का तेल लगाने से जलन और सूजन कम हो सकती है। यह गुदा क्षेत्र में खरोंच की संभावना को कम करने में भी सहायक है।
एलोवेरा: एलोवेरा के एंटी इंफ्लामेटरी गुण बवासीर के घावों को ठीक करने में मदद कर सकता है। एलोवेरा को गुदा पर लगाने से बवासीर के कारण होने वाली जलन, खुजली और सूजन से राहत मिलती है।
सिर्फ एक दिन में बवासीर के इलाज की कीमत
बवासीर को ठीक करने की दिशा में ऑपरेशन करना एक महत्वपूर्ण कदम है। लेकिन भारत में ज्यादातर लोग सर्जिकल प्रक्रिया को चुनने से पहले लागत के बारे में चिंता करते हैं। भारत में बवासीर के ऑपरेशन की लागत न्यूनतम कीमत 40,000 औसत कीमत 50,000 और अधिकतम कीमत 55,000 रुपये तक हो सकती है। हालांकि यह कीमत मरीज द्वारा इलाज के लिए चुने गए हॉस्पिटल, डॉक्टर और शहर के आधार पर कम या अधिक हो सकती है।
पाइल्स को 1 दिन में ठीक करने का घरेलू उपचार । Home remedies for piles treatment in 1 days in Hindi
पाइल्स को एक दिन में ठीक करने के लिए मेडिकल ट्रीटमेंट के साथ कुछ घरेलू उपाय भी कारगर हो सकते हैं। पाइल्स के इलाज के लिए कुछ बेहद कारगर घरेलू उपाय नीचे दिए जा रहे हैं:
सिट्ज़ बाथ: इसके लिए मरीज को एक पूल में गर्म पानी से भरे उथले पात्र में बैठना होता है। इसे ही सिट्ज़ बाथ के रूप में जाना जाता है। यह पेल्विक फ्लोर की परेशानी और खुजली को कम करने में मदद करता है। अधिकांश चिकित्सक इसे पाइल्स के इलाज के लिए एक बहुत प्रभावी गैर-सर्जिकल प्रक्रिया मानते है। हालांकि रोगी बवासीर में अतिरिक्त राहत प्राप्त करने के लिए सिट्ज़ बाथ में सोडियम बाइकार्बोनेट या एप्सम नमक मिला सकते हैं।
आइस पैक: 10 से 15 मिनट के लिए बवासीर वाले क्षेत्र पर आइस पैक से सिकाई करने से बवासीर के लक्षणों में आराम मिलता है। यह एडिमा को कम करने में भी मदद करता है। गंभीर और कष्टदायक बवासीर की स्थिति में, यह प्रक्रिया लक्षणों से राहत दिलाने में बहुत प्रभावी है। बर्फ को सीधे त्वचा पर न लगाएं इससे त्वचा को नुकसान हो सकता है। बर्फ या आइस पैक को कपड़े में लपेटकर चोट वाली जगह पर लगाएं। आइस पैक की जगह कोल्ड कंप्रेस का भी इस्तेमाल किया जा सकता है। कोल्ड ट्रीटमेंट बिना सर्जरी के बवासीर के सबसे अच्छे उपचारों में से एक है।
सेब का सिरका: एप्पल साइडर सिरका अपने जीवाणुरोधी गुणों के कारण तुरंत दर्द से राहत दे सकता है और गुदा के आसपास खुजली को कम कर सकता है। बवासीर पर लगाने से पहले सेब के सिरके को पतला करने की सलाह दी जाती है। इसे सिट्ज़ बाथ में भी शामिल कर सकते हैं। सिट्ज़ बाथ में एप्पल साइडर विनेगर मिलाकर बिना ऑपरेशन के शुरुआती चरण के बवासीर से छुटकारा पाया जा सकता है।
काले जीरे का बीज: काला जीरा बवासीर के दर्द से राहत देने में मदद कर सकता है। सूजन व बवासीर के लक्षणों को कम कर सकता है।
दालचीनी: यह एक प्राकृतिक जीवाणुरोधी एजेंट है। यह बवासीर के लक्षणों को कम करने में मदद करती है।
एक दिन में बवासीर के इलाज के लिए आहार प्रणाली
बवासीर अनियमित खान-पान और अव्यवस्थित दिनचर्या के कारण होने वाली एक दर्दनाक बीमारी है। इसके लिए दवाओं और सर्जिकल ट्रीटमेंट के साथ खानपान में बदलाव करके भी ठीक किया जा सकता है। नीचे एक व्यवस्थित आहार प्रणाली के बारे में जानकारी दी जा रही है जिसे अपनाकर मरीज पाइल्स के दर्द से छुटकारा पा सकता है।
उच्च फाइबर युक्त आहार: अधिक फल, सब्जियां और साबुत अनाज का सेवन करें। यह मल को नरम करता है इससे मल त्यागते समय अधिक जोर लगाने की आवश्यकता नहीं होती है।
पर्याप्त तरल पदार्थ का सेवन: मल को नरम रखने में मदद के लिए हर दिन में छह से आठ गिलास पानी पिएं।
फलों का सेवन: फलों का सेवन बवासीर के लक्षणों को कम करने में मदद करता है। केला, सेब, अंगूर और संतरा को अपनी डाइट में शामिल कर सकते हैं। इन फलों में पाए जाने वाले विटामिन, मिनरल्स और फाइबर बवासीर को कम करने में फायदेमंद होते हैं।
हरी पत्तेदार सब्जियां: हरी और पत्तेदार सब्जियों का सेवन करने से बवासीर में राहत मिलती है। इन सब्जियों में कई प्रकार के एंटीऑक्सीडेंट्स, विटामिन्स और मिनरल्स मौजूद होते हैं जो बवासीर के लक्षणों को कम करते हैं। ऐसे में पालक, गाजर, खीरा, पत्ता गोभी और ब्रोकली का सेवन करना बेहद फायदेमंद साबित हो सकता है।
छाछ का सेवन: छाछ पीने से शरीर में ठंडक महसूस होती है जिसके कारण उत्तेजित नसें शांत हो जाती है। छाछ शरीर से सूजन और गुदा मार्ग में हुए इन्फेक्शन को दूर करने में मदद करता है। यह बवासीर के लक्षणों को भी प्रभावशाली रूप से कम कर सकता है।
हर्बल चाय: आमतौर पर डॉक्टर बवासीर के मरीजों के हर्बल चाय का सेवन करने की सलाह देते हैं। इसका सेवन करने से सूजन और मल त्याग के दौरान आने वाले खून को कम करने में मदद मिलती है।
अर्ली पाइल्स ट्रीटमेंट के फायदे Benefit of Early piles treatment in Hindi
बवासीर का जल्द इलाज कराने से मरीज को निम्न फायदे हो सकते हैं:
बवासीर एक दर्दनाक रोग है, इसका समय पर इलाज कराने से मरीज को ज्यादा दिन दर्द सहन नहीं करना पड़ता है।
बवासीर का जल्द इलाज कराने से मरीज को गुदा में होने वाली खुजली व जलन से राहत मिलती है।
बवासीर का जल्दी इलाज कराने से मरीज को होने वाली गंभीर जटिलताओं से बचाया जा सकता है।
बवासीर का इलाज जितनी जल्दी कराएंगे उतना मरीज को कम दर्द महसूस होगा साथ ही इलाज में खर्च भी कम आएगा।
बवासीर का अर्ली ट्रीटमेंट कराने से सर्जिकल उपचार की संभावना लगभग खत्म हो जाती है।
बवासीर का यदि शुरुआती स्टेज में ही जल्दी इलाज करा दिया जाए तो इसके दोबारा होने की संभावना बेहद कम हो जाती है।
एक दिन में बवासीर के इलाज के लिए जरूरी जीवनशैली
जीवनशैली में बदलाव करके भी पाइल्स के दर्द से बचा जा सकता है। पाइल्स के मरीज को अपनी जीवनशैली में इन चीजों को शामिल करना चाहिए।
हाइड्रेटेड रहें: बवासीर के मरीज को अधिक मात्रा में पानी पीने की सलाह दी जाती है। हाइड्रेट रहने से मल को नरम करने और मल त्याग में आसानी होती है, जिससे रक्तस्रावी नसों पर पड़ने वाला दबाव और तनाव कम होता है।
व्यायाम: नियमित व्यायाम करने से रक्त प्रवाह में सुधार होता है। इससे कब्ज और बवासीर में भी राहत मिलती है।
स्टूल न रोकें: बवासीर के मरीज को स्टूल पास करते रहना चाहिए। जैसे ही आपको मल त्यागने की इच्छा हो, शौचालय का इस्तेमाल करना चाहिए। शौचालय का उपयोग करने से कब्ज को रोका जा सकता है इससे नसों पर दबाव कम हो जाता है।
ढीले कपड़े पहनें: ढीले कपड़े पहनकर बवासीर के लक्षणों को कम किया जा सकता है। इससे गुदा क्षेत्र पर पड़ने वाला दबाव कम भी कम होता है। ढीले कपड़े पहनने से बवासीर के मरीजों को ठीक होने में मदद मिल सकती है। तंग कपड़े पहनने से प्रभावित क्षेत्र में जलन हो सकती है।
बवासीर के इलाज के बारे में अधिकतर पूछे जाने वाले सवाल
बवासीर में तुरंत आराम पाने के लिए क्या करें?
उच्च फाइबर वाले खाद्य पदार्थ खाएं, अधिक फल, सब्जियां और साबुत अनाज खाएं, सामयिक उपचार का प्रयोग करें, हाइड्रोकार्टिसोन युक्त एक ओवर-द-काउंटर बवासीर क्रीम का इस्तेमाल करें, विच हेज़ल या सुन्न करने वाले एजेंट वाले पैड का उपयोग करें, गर्म स्नान या सिट्ज़ बाथ को आजमाएं और डॉक्टर से परामर्श करने के बाद मौखिक दर्द निवारक लें।
बवासीर में क्या खाना चाहिए?
फाइबर में उच्च खाद्य पदार्थ खाने से मल नरम और आसान हो सकता है और बवासीर के इलाज और रोकथाम में मदद मिल सकती है। पीने का पानी और अन्य तरल पदार्थ, जैसे फलों के रस और साफ सूप, आपके आहार में फाइबर को बेहतर तरीके से काम करने में मदद कर सकते हैं।
बवासीर में क्या नहीं खाना चाहिए?
बवासीर होने पर डॉक्टर मरीज को कुछ चीजों को नहीं खाने का सुझाव देते हैं जिसमें पनीर, चिप्स, फास्ट फूड, आइसक्रीम, मांस, फ्रोजन और स्नैक फूड, प्रसंस्कृत खाद्य पदार्थ, जैसे कि हॉट डॉग आदि। साथ ही, बवासीर होने पर सिगरेट, शराब और गुटखा आदि के सेवन से भी बचना चाहिए।
क्या घर पर एक दिन में बवासीर का इलाज किया जा सकता है?
हां, यदि बवासीर की शुरुआती स्टेज है, तो कुछ सावधानियों की मदद से व आहार और जीवन में परिवर्तन करके घर में ही तीन दिनों में ठीक किया जा सकता है। हालांकि बवासीर से जुड़े किसी भी प्रकार का घरेलू इलाज लेने से पहले डॉक्टर से सलाह जरूर लें।
क्या बवासीर इलाज के बाद दोबारा हो सकता है?
हां, यदि बवासीर के इलाज के बाद मरीज किसी भी प्रकार की सावधानी नहीं रखता है, खाने पीने और अपनी जीवनशैली में कोई बदलाव नहीं करता है, तो बवासीर दोबारा भी हो सकता है। ऐसे में यह सलाह दी जाती है कि इसके इलाज के बाद डॉक्टर के द्वारा सुझाई गई बातों का विशेष ध्यान रखें।
क्या बवासीर के कारण मौत हो सकती है?
नहीं, बवासीर जानलेवा बीमारी नहीं है। इसके कारण मरीज को दर्द और असहजता फील हो सकती है लेकिन बवासीर के कारण मौत का एक भी मामले देखने को नहीं मिला है। इसका इलाज संभव है।
क्या बवासीर अपने आप ठीक हो सकता है?
छोटे बवासीर घरेलू उपचार और दवाओं की मदद से अपने आप ठीक हो सकते है। हालांकि, बड़े और बाहरी बवासीर के लिए इलाज की आवश्यकता होती है, वह अपने आप ठीक नहीं होते हैं।
बवासीर के लक्षण क्या है?
बवासीर के मरीज को निम्न लक्षणों का अनुभव हो सकता है।
मल त्याग करते समय दर्द का अनुभव होना
बलगम का निकलना
दर्द या बेचैनी
गुदा के करीब एक गांठ, जो संवेदनशील या दर्दनाक हो सकती है
अंदरूनी दर्द होना।
शौच करने के बाद भी पूर्णता महसूस न करना
गुदा के आस-पास खुजली, एवं लालपन, व सूजन रहना।
बार-बार मल त्यागने की इच्छा होना, लेकिन त्यागते समय मल न निकलना।
Doctor explanation and concern was good and hospitality was too good. And doctor is very concern abt his patients and very great treatment i had with Mr.Emmanueal stephen sir.