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डाइलेशन और क्यूरेटेज (D&C): प्रक्रिया, जोखिम और लाभ

यदि गर्भधारण का समय 10 सप्ताह से अधिक हो गया है और महिला को किसी भी कारण गर्भपात का निर्णय लेना पड़ रहा है तो डॉक्टर डाइलेशन एंड क्यूरेटेज या डी एंड सी नामक प्रक्रिया का सुझाव देते हैं। कौशल और लाइसेंस प्राप्त विशेषज्ञ इस प्रक्रिया को सुरक्षित और प्रभावी तरीके से करते हैं। सुरक्षित गर्भपात के लिए कुशल स्त्री रोग विशेषज्ञों से परामर्श लेने के लिए हमसे संपर्क करें। हमारे यहां भारत के शीर्ष स्त्री रोग विशेषज्ञ मौजूद हैं, जो गर्भपात करने में माहिर हैं। सुरक्षित और सटीक इलाज के लिए आज ही हमारे स्त्री रोग विशेषज्ञों से निशुल्क परामर्श लें।

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    Dr. Nidhi Moda - A gynaecologist for Abortion

    Dr. Nidhi Moda

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    Dr. R Swetha Sree - A gynaecologist for Abortion

    Dr. R Swetha Sree

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    Dr. Kavita Abhishek Shirkande - A gynaecologist for Abortion

    Dr. Kavita Abhishek Shir...

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डाइलेशन एंड क्यूरेटेज (डी एंड सी) क्या है? (D&C in Hindi)

डाइलेशन और क्यूरेटेज या डी एंड सी एक सर्जिकल प्रक्रिया है, जिसके द्वारा 10 सप्ताह से अधिक की गर्भावस्था को समाप्त किया जा सकता है। इस विधि का उपयोग बच्चेदानी में मौजूद प्रेगनेंसी के ऊतकों को निकालने के लिए किया जाता है। आमतौर पर इस प्रक्रिया को पूरा होने में लगभग 10 से 15 मिनट लगते हैं।

हमारे पास विशेषज्ञों की एक टीम है जो महिला के स्वास्थ्य का सावधानीपूर्वक मूल्यांकन करते हैं और जांच करते हैं कि क्या वह इस प्रक्रिया के लिए तैयार है या नहीं। डी एंड सी प्रक्रिया के लिए हमारे स्त्री रोग विशेषज्ञ से परामर्श करें। आज ही हमारी टीम से संपर्क करें और अपना इलाज प्राप्त करें।

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डाइलेशन और क्यूरेटेज प्रक्रिया की तैयारी कैसे करें?

यदि आप चाहते हैं कि डाइलेशन और क्यूरेटेज प्रक्रिया बिना किसी जटिलता के सफल हो जाए तो इसके लिए पहले से ही तैयारी करने की आवश्यकता है। चूंकि डी एंड सी एक सर्जिकल प्रक्रिया है, इसलिए तैयारी कई मायनों में सहायक होती है। यदि डॉक्टर आपको डी एंड सी प्रक्रिया का सुझाव देते हैं, तो महिलाएं निम्न सुझावों का पालन कर इलाज के लिए खुद को तैयार कर सकती हैं – 

  • प्रक्रिया को समझें: गर्भपात प्रक्रिया से गुजरने से पहले मरीजों को सलाह दी जाती है कि वह प्रक्रिया को अच्छे से समझें। इससे उनके मन में उत्पन्न होने वाले सभी प्रश्नों के उत्तर मिल जाएंगे। 
  • प्रश्न पूछें: सबसे अहम है प्रश्न पूछना। यदि महिलाएं प्रक्रिया से संबंधित प्रश्न अपने डॉक्टर से पूछती हैं, तो इससे उन्हें अपने मन के सभी सवालों के जवाब खोजने में मदद मिलेगी।
  • घर की व्यवस्था: डी एंड सी प्रक्रिया के बाद रिकवरी में बिल्कुल भी समय नहीं लगता है, लेकिन फिर भी आपको रिकवर होने में कुछ समय लग सकता है। ऐसे में रोगी को सलाह दी जाती है कि वह आवश्यक व्यवस्था पहले से ही कर ले। इसमें प्रक्रिया के बाद किसी भी असुविधा से बचने के लिए पैड या टैम्पोन का स्टॉक रखें और स्वस्थ आहार के लिए आवश्यक वस्तुएं सुनिश्चित करें।
  • यात्रा योजना: सामान्यतः हमारे द्वारा इलाज वाले दिन निःशुल्क वाहन सुविधा दी जाती है। लेकिन सर्जिकल गर्भपात प्रक्रियाओं में एनेस्थीसिया का उपयोग होता है, जिसके बाद मरीज कुछ समय के लिए होश में नहीं रहते हैं। इसके लिए हमेशा अपने साथ एक व्यक्ति को ज़रूर लाएं। 
  • आवश्यक दस्तावेज साथ रखें: टेस्ट की रिपोर्ट और किसी भी अन्य प्रासंगिक चिकित्सा दस्तावेजों को अस्पताल में लाना आवश्यक है, क्योंकि इससे डॉक्टर को इलाज करने में बहुत मदद मिलती है। 
  • आहार में बदलाव: एनेस्थीसिया के उपयोग के कारण, डॉक्टर विशिष्ट आहार प्रतिबंधों का सुझाव दे सकते हैं। इनमें प्रक्रिया से पहले कई घंटों तक उपवास करना, शराब के सेवन से बचना, स्वस्थ आहार का सेवन, आदि शामिल है।
  • सहायता प्राप्त करें: गर्भपात का निर्णय लेने से कई तरह की भावनाएं उत्पन्न हो सकती हैं। प्रक्रिया के भावनात्मक और मनोवैज्ञानिक पहलुओं को खुद पर हावी होने से बचने के लिए अपने दोस्तों, परिवार या डॉक्टर से बात करें।

इन सभी तैयारियों को करने से मरीज डी एंड सी प्रक्रिया को बेहतर ढंग से कर पाएंगे और एक सुरक्षित और अधिक आरामदायक अनुभव सुनिश्चित कर पाएंगे।

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डाइलेशन एंड क्यूरेटेज प्रक्रिया से पहले होने वाले टेस्ट

गर्भपात एक ऐसी प्रक्रिया है, जिसके लिए शारीरिक जांच बहुत ज्यादा आवश्यक है। ऐसा करने से किसी भी संभावित जटिलताओं से बचने में मदद मिलती है। इस प्रक्रिया में गर्भपात के लिए आगे बढ़ने से पहले महिला के स्वास्थ्य का आकलन करने के लिए परीक्षण किए जाते हैं। चलिए बात करते हैं कि गर्भावस्था के 13वें सप्ताह में गर्भपात से पहले होने वाले मानक निदान प्रक्रिया क्या है – 

  • शारीरिक परीक्षण: सबसे पहले डॉक्टर महिला के पेट की जांच करते हैं और समग्र स्वास्थ्य और चिकित्सा इतिहास के बारे में कुछ सवाल पूछते हैं।
  • रक्त से गर्भावस्था परीक्षण: गर्भावस्था की पुष्टि के लिए डॉक्टर ब्लड सैंपल लेते हैं। यह रक्त परीक्षण गर्भावस्था का पता लगाने में अत्यधिक सटीक है और मूत्र परीक्षण से बेहतर है। आमतौर पर इस परीक्षण को डॉक्टर के कार्यालय या क्लीनिक में कराया जाता है।
  • रक्त परीक्षण: महिला के समग्र स्वास्थ्य का मूल्यांकन करने के लिए नियमित रक्त परीक्षण किया जाता है। यह परीक्षण उसके रक्त के प्रकार का भी निर्धारण करते हैं और आरएच कारक का आकलन करते हैं।
  • अल्ट्रासाउंड: अल्ट्रासाउंड एक विशेष इमेजिंग परीक्षण है, जो महिला के गर्भाशय के अंदर भ्रूण की सही तस्वीर बनाने में मदद करता है। यह डॉक्टर को भ्रूण की गर्भ की आयु निर्धारित करने और गर्भपात के लिए सबसे उपयुक्त विधि का चयन करने में सहायता करता है। यह भ्रूण के आकार और स्थिति का आकलन करने में भी मदद करता है।
  • एसटीडी परीक्षण: आमतौर पर गर्भपात से पहले गर्भावस्था के 13वें सप्ताह के आसपास यौन संचारित रोगों (एसटीडी) का परीक्षण किया जाता है। यह परीक्षण सिफलिस, एचआईवी और गोनोरिया जैसी स्थितियों की जांच करने में मदद करता है। इन परीक्षणों का उद्देश्य महिला के समग्र स्वास्थ्य को सुनिश्चित करना और यदि आवश्यक हो तो गर्भपात के लिए सर्वोत्तम विकल्प को निर्धारित करना है।

डाइलेशन और क्यूरेटेज कैसे किया जाता है?

डाइलेशन और क्यूरेटेज एक सर्जिकल विधि है, जिसमें एस्पिरेशन या सक्शन नामक प्रक्रिया का प्रयोग होता है। आमतौर पर इस प्रक्रिया को क्लीनिक या फिर अस्पताल में किया जाता है। प्रक्रिया में लोकल एनेस्थीसिया का प्रयोग होता है, जिससे प्रक्रिया के दौरान महिला बेहोश रहती है।

 प्रक्रिया के दौरान, गर्भाशय ग्रीवा को सावधानी से फैलाया जाता है, जिससे बच्चेदानी में एक पतली ट्यूब डाली जा सके। फिर इस दूरबीन (ट्यूब) को एक सक्शन डिवाइस से जोड़ा जाता है, जिसके उपयोग द्वारा सर्जन भ्रूण और गर्भाशय की परत सहित गर्भाशय में मौजूद सभी ऊतकों को धीरे से निकालते हैं।

पूरी प्रक्रिया कुछ मिनटों में ही पूरी हो जाती है। प्रक्रिया के बाद, महिला को हल्की ऐंठन और रक्त हानि का अनुभव हो सकता है, जो आमतौर पर कुछ दिनों के भीतर ठीक हो जाता है।

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डाइलेशन और क्यूरेटेज प्रक्रिया के बाद रिकवरी

किसी भी अन्य सर्जिकल प्रक्रिया की तरह, डाइलेशन और क्यूरेटेज के भी कुछ जटिलताएं होती हैं। निम्न जटिलताएं हैं जिसका अनुभव रोगी कर सकते हैं – 

  • रक्त हानि या स्पॉटिंग: डाइलेशन और क्यूरेटेज प्रक्रिया के बाद रक्त हानि या स्पॉटिंग का अनुभव होना आम बात है, हालांकि इसका समय अलग-अलग होता है। 
  • ऐंठन: डाइलेशन और क्यूरेटेज प्रक्रिया के बाद महिला को पीरियड्स के दौरान दर्द और ऐंठन का अनुभव हो सकता है। ऐंठन की तीव्रता हर व्यक्ति में अलग-अलग होती है और आमतौर पर कुछ दिनों के भीतर यह कम हो जाती है।
  • पेल्विक दर्द: कुछ व्यक्तियों को पीरियड्स के दर्द के समान ही पेल्विक में दर्द में होता है। आमतौर पर डॉक्टर इस दर्द के निवारण के लिए दर्द निवारक दवाओं का सुझाव देते हैं। डॉक्टर के सुझावों का पालन कर इस जटिलता से बचा जा सकता है।

डाइलेशन और क्यूरेटेज के बाद कैसे ठीक हों?

आमतौर पर गर्भपात के बाद के असुविधा से आराम मिल जाता है और समय के साथ स्थिति में सुधार आने लगता है, लेकिन डाइलेशन और क्यूरेटेज प्रक्रिया के बाद रिकवरी आसान नहीं होती है। इसके लिए बहुत मेहनत करनी पड़ सकती है। निम्नलिखित सुझावों का पालन कर रोगी प्रक्रिया के बाद रिकवर हो सकता है – 

  • उपचार के लिए पर्याप्त समय दें: डाइलेशन और क्यूरेटेज प्रक्रिया के बाद शरीर को ठीक होने के लिए समय देना आवश्यक है। शरीर की एक खासियत है और वह है उसका स्वयं ही रिकवर होना। जितना समय शरीर को मिलेगा, शरीर उतना ही जल्दी रिकवर होगा। 
  • संतुलित आहार: संतुलित और पौष्टिक आहार का सेवन डाइलेशन और क्यूरेटेज प्रक्रिया के बाद रिकवरी में बहुत मददगार साबित हो सकता है। 
  • कठिन व्यायाम से बचें: जब तक शरीर पूरी तरह से ठीक न हो जाए तब तक ऐसा व्यायाम करने से बचें जिसमें ज्यादा जोर लगाना पड़े। धीरे-धीरे मरीज को अपने व्यायाम की तीव्रता को बढ़ाने की आवश्यकता होती है। 
  • यौन गतिविधि शुरू करने से पहले परामर्श लें: मरीजों को डाइलेशन और क्यूरेटेज प्रक्रिया के बाद यौन गतिविधि को फिर से शुरू करने से पहले डॉक्टर से जरूर पूछना चाहिए। डॉक्टर से परामर्श करना सुरक्षा सुनिश्चित करता है और किसी भी चिंता का समाधान करता है।
  • जन्म नियंत्रण विकल्पों पर चर्चा करें: भविष्य में अनियोजित गर्भधारण को रोकने के लिए, अपने डॉक्टर से जन्म नियंत्रण के विकल्पों पर चर्चा ज़रूर करनी चाहिए। ऐसा करने से गर्भपात जैसे गंभीर प्रक्रिया से बचने में मदद मिलती है। 
  • डॉक्टर के निर्देशों का पालन करें: जटिलताओं के जोखिम को कम करने के लिए गर्भपात के बाद डॉक्टर द्वारा दिए गए सभी रिकवरी के निर्देशों का पालन किया जाना चाहिए।
  • मानसिक सहायता लें: गर्भपात कोई सरल प्रक्रिया नहीं है। इसके कारण एक महिला को मानसिक और शारीरिक दोनों ही प्रकार की प्रताड़ना का सामना करना पड़ सकता है। शारीरिक समस्या के लिए ऊपर बताए गए दिशा-निर्देश बहुत ज्यादा कारगर साबित हो सकते हैं, लेकिन मानसिक सहायता के लिए आपको अपने अपने परिवार का साथ लेना चाहिए। वह आपको इस दुविधा से बचा सकते हैं।

डाइलेशन और क्यूरेटेज प्रक्रिया में कितना खर्च आता है?

गर्भपात पर विचार करते समय इस प्रक्रिया में लगने वाले खर्च के बारे में भी विचार करना चाहिए। देश के अधिकांश भाग में डाइलेशन और क्यूरेटेज प्रक्रिया में 25,000 रुपये से लेकर 40,000 रुपये तक लग सकते हैं। लेकिन आपको एक बात का खास ख्याल रखना होगा कि डी एंड सी प्रक्रिया में लगने वाला पूरा खर्च भारत के अलग-अलग भाग में अलग-अलग हो सकता है। सामान्यतः यह रोगी की स्वास्थ्य स्थिति के आधार पर भी भिन्न हो सकता है।

अतिरिक्त कारक है जैसे सर्जिकल विधि का चुनाव, एनेस्थीसिया का खर्च, डॉक्टर की फीस और जटिलताओं के मामले में संभावित अतिरिक्त शुल्क भी कुल प्रक्रिया के खर्च को प्रभावित कर सकते हैं। यह सलाह दी जाती है कि गर्भपात के लिए आगे बढ़ने से पहले अपने स्वास्थ्य सेवा प्रदाता से संपर्क करें। इलाज से पहले हमेशा ही आपको अपने वित्तीय पक्ष पर बात करनी चाहिए। यदि आप वित्तीय तौर पर सुदृढ़ नहीं होंगे, तो इलाज के दौरान और बाद में बहुत ज्यादा समस्या का सामना करना पड़ सकता है। 

क्या डाइलेशन और क्यूरेटेज प्रक्रिया को बीमा के अंतर्गत कवर किया गया है?

आमतौर पर, बीमा कंपनियां गर्भपात के लिए बीमा कवरेज प्रदान नहीं करती है। एमटीपी या फिर मेडिकल टर्मिनेशन ऑफ प्रेगनेंसी के लिए कवरेज नहीं मिलता है। गर्भावस्था को समाप्त करने के लिए डाइलेशन और क्यूरेटेज जैसी सर्जिकल प्रक्रियाओं की आवश्यकता होती है और मां के स्वास्थ्य को खतरा होने की आशंका होती है, तो यह भारत में अधिकांश बीमा प्रदाता इस रोग के लिए कवरेज प्रदान करते हैं। 

सर्जिकल गर्भपात के लिए बीमा पॉलिसी का कवरेज अलग-अलग कंपनियों के लिए अलग-अलग हो सकता है। बीमा सर्जिकल गर्भपात की लागत को कवर करेगा या नहीं, यह प्रक्रिया की चिकित्सीय आवश्यकता पर भी निर्भर करता है। डाइलेशन और क्यूरेटेज प्रक्रिया गर्भपात के लिए बीमा कवरेज को समझने के लिए, रोगियों को अपने बीमा प्रदाताओं से संपर्क करना चाहिए।

डी एंड सी के बारे में अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

क्या डी एंड सी प्रक्रिया बहुत दर्दनाक है?

आमतौर पर डी एंड सी प्रक्रिया को एनेस्थीसिया के तहत किया जाता है, जिसका अर्थ है कि प्रक्रिया के दौरान रोगी को तेज दर्द या असुविधा का सामना नहीं करना पडेगा। एनेस्थीसिया महिला को पूरे समय बेहोश रखता है, जिससे यह सुनिश्चित होता है कि उसे किसी भी असुविधा का एहसास नहीं होगा। हालांकि, प्रक्रिया के बाद कुछ मामूली दर्द और असुविधा का अनुभव हो सकता है।

डी एंड सी प्रक्रिया के बाद मैं फिर से कब काम कब शुरू कर सकती हूं?

डी एंड सी प्रक्रिया के बाद, एक महिला आमतौर पर एक दिन के भीतर या जैसे ही उसके लक्षण कम हो जाते हैं, काम पर लौटने की उम्मीद कर सकती है। हालांकि, गर्भपात के बाद सामान्य गतिविधियों को फिर से शुरू करने से पहले आराम करने और डॉक्टर से परामर्श करने की सलाह दी जाती है।

क्या डी एंड सी किसी महिला को गर्भधारण करने की क्षमता को प्रभावित कर सकता है?

जब डी एंड सी प्रक्रिया को सुरक्षित तरीकों के माध्यम से बिना किसी समस्या के और एक कुशल सर्जन के द्वारा अंजाम दिया जाता है, जिससे प्रजनन स्वास्थ्य को किसी भी प्रकार का नुकसान नहीं होता है। हालांकि, यह आवश्यक है कि वह प्रक्रिया के बाद के निर्देशों का पालन करें और व्यक्तिगत मार्गदर्शन के लिए स्वास्थ्य सेवा प्रदाता से परामर्श करें।

डी एंड सी प्रक्रिया के बाद पूरी तरह ठीक होने में कितना समय लगता है?

डी एंड सी प्रक्रिया के बाद पूर्ण रिकवरी का समय हर व्यक्ति के लिए अलग अलग हो सकता है। आमतौर पर, महिला को पूरी तरह से ठीक होने में कुछ दिनों से लेकर कुछ हफ्तों तक का समय लग सकता है। कितना समय लगेगा इसका अनुमान लगा पाना थोड़ा मुश्किल है। प्रक्रिया के दौरान जटिलता, और प्रक्रिया के बाद देखभाल के निर्देशों का पालन जैसे कारक रिकवरी के समय को प्रभावित कर सकते हैं।

क्या डी एंड सी प्रक्रिया के बाद अस्पताल में भर्ती होना आवश्यक है?

डी एंड सी प्रक्रिया के बाद आमतौर पर अस्पताल में भर्ती होने की आवश्यकता नहीं होती है, क्योंकि इसे अक्सर एक आउट पेशेंट प्रक्रिया के रूप में किया जाता है। हालांकि, कुछ मामलों में जटिलताएं उत्पन्न होने पर या फिर अन्य स्वास्थ्य समस्या की निगरानी के लिए थोड़े समय के लिए अस्पताल में रुकने की आवश्यकता हो सकती है। स्वास्थ्य सेवा प्रदाता व्यक्ति की स्थिति के आधार पर प्रक्रिया के बाद उचित देखभाल और अस्पताल में भर्ती होने की किसी भी आवश्यकता के बारे में विचार कर सकते हैं।

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Medically Reviewed By
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Dr. Nidhi Moda
23 Years Experience Overall
Last Updated : January 2, 2026

हमारे मरीज़ों के अनुभव

  • SU

    Sabita Urang

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    Very friendly 😊

    City : Bangalore
  • SU

    Supriya, 27 Yrs

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    My mistake was about to cost me my life. Had unplanned pregnancy before my wedding which could ruin everything for me. 1 month into it and i was so worried about the consequences. A friend recommended me to visit abortion centre in delhi. Thank god i listened and went to it. Dr Aria Raina thank you soo much for your support.

    City : Delhi
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    Rashmi , 34 Yrs

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    I had a health condition and i am a single mother. Accidently got pregnant due to contraceptive failure. Had the smoothest process for abortion in delhi at pristyn care clinic. I can't believe how they managed every thing on the same day itself. They also informed that all my files and details are listed as confidential so i need not to worry about my privacy though i never cared for it. Since raising a child alone has made me stronger than before

    City : Delhi
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    Pihu Roy

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    Some time ago, my wife fell on the roof while she was pregnant. Due to this incident, we sadly lost the baby, and an abortion was decided upon. Thank you to Dr. Deepthi for her excellent care.

    City : Hyderabad
  • LI

    Lisha, 19 Yrs

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    5/5

    She explained us about condition and everything she was really calm and soft

    City : Coimbatore
  • AV

    Anjali Verma

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    I was extremely nervous before the procedure, but the staff at Pristyn Care were really supportive. Dr. Surbhi explained everything so well. Felt safe and cared for.

    City : Gurgaon
    Treated by : Dr. Surbhi Gupta