बच्चेदानी में रसौली गर्भाशय में गैर-कैंसर वाला ट्यूमर होता है। इसे यूट्राइन फाइब्रॉएड (Uterine fibroid) या गर्भाशय में रसौली के नाम से भी जाना जाता है। आमतौर पर इस स्थिति के लक्षण दिखाई नहीं देते हैं और उनकी संख्या और आकार हर व्यक्ति में अलग अलग होती है। बच्चेदानी में रसौली के लिए इलाज का विकल्प स्थिति की गंभीरता पर निर्भर करता है। प्रिस्टीन केयर से संपर्क करें और बच्चेदानी में रसौली के सर्वोत्तम इलाज के लिए हमारे शीर्ष महिला स्त्री रोग विशेषज्ञ से परामर्श लें।
बच्चेदानी में रसौली गर्भाशय में गैर-कैंसर वाला ट्यूमर होता है। इसे यूट्राइन फाइब्रॉएड (Uterine fibroid) या गर्भाशय में रसौली के नाम से भी ... और पढ़ें

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बच्चेदानी में रसौली गर्भाशय का सबसे आम ट्यूमर है। इस ट्यूमर में कैंसर की कोई आशंका नहीं होती है, लेकिन यह ट्यूमर अक्सर गर्भधारण के दौरान दिखाई देते हैं। रसौली का आकार, स्थान और अन्य कारक के आधार पर भिन्न हो सकता है। यह बच्चेदानी, बच्चेदानी की दीवार या इसकी सतह पर दिखाई दे सकते हैं। आमतौर पर बच्चेदानी में रसौली में किसी भी प्रकार का दर्द नहीं होता है और न ही इसके कोई लक्षण दिखाई देते हैं।
बच्चेदानी में रसौली का इलाज दो तरीकों से संभव है – दवा और ऑपरेशन। इलाज का विकल्प स्थिति की गंभीरता, रसौली की संख्या और रसौली के आकार पर निर्भर करता है।
• बीमारी का नाम
गर्भाशय फाइब्रॉएड
• सर्जरी का नाम
मायोमेक्टोमी सर्जरी
• अवधि
2 घंटे
• सर्जन
स्त्री रोग विशेषज्ञ
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जब बात ऑपरेशन की आती है, तो प्रिस्टीन केयर सभी स्वास्थ्य सेवा प्रदाताओं से ऊपर आता है। हम भारत के लगभग सभी प्रमुख शहरों में कई स्त्री रोग क्लीनिक और अस्पतालों से जुड़े हुए हैं। यदि आप बच्चेदानी में रसौली के ऑपरेशन के लिए सबसे अच्छे स्वास्थ्य सेवा केंद्र की तलाश में है, तो प्रिस्टीन केयर पर आकर आपकी तलाश खत्म हो सकती है। यहां कुछ कारण बताए गए हैं जो दर्शाते हैं कि बच्चेदानी में रसौली के ऑपरेशन के लिए प्रिस्टीन केयर को क्यों चुनना चाहिए:
निदान के दौरान, डॉक्टर आपके स्वास्थ्य और आपकी चिकित्सा इतिहास के बारे में पूछ सकते हैं। इसके पश्चात डॉक्टर शारीरिक रूप से रसौली की जांच करते हैं। बच्चेदानी में रसौली की संख्या, आकार और इसके सटीक स्थान की पहचान करने के लिए डॉक्टर कुछ नैदानिक परीक्षणों का सुझाव दे सकते हैं। कुछ सामान्य नैदानिक परीक्षण इस प्रकार हैं:
बच्चेदानी में रसौली के इलाज के विकल्प अलग अलग कारकों पर निर्भर करते हैं, जैसे लक्षणों की गंभीरता, रसौली का स्थान, महिला की उम्र, महिला की गर्भावस्था, और भविष्य में संतान प्राप्ति की इच्छा रखना। बच्चेदानी में रसौली के मुख्य रूप से दो इलाज के विकल्प है, दवा और ऑपरेशन।
बच्चेदानी में रसौली के लिए दवाएं: डॉक्टर रसौली के इलाज के लिए कुछ दवाओं का सुझाव दे सकते हैं। ऐसा बिल्कुल संभव है कि यह दवाएं रसौली को खत्म न कर पाए, लेकिन कुछ हद तक यह दवाएं आपको राहत देने में सक्षम है। इन दवाओं का सुझाव बच्चेदानी के रसौली के संबंध में दिया जा सकता है –
भोजन और जीवनशैली से जुड़े सुझाव
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बच्चेदानी में रसौली के निम्नलिखित जोखिम कारक होते हैं:
बच्चेदानी में रसौली को रोकने का कोई प्रमाणित तरीका नहीं है। हालांकि, बच्चेदानी में रसौली के जोखिम को कम करने के लिए निम्नलिखित कारकों पर विचार किया जा सकता है:
इलाज से पहले आपको इससे जुड़े जोखिमों और जटिलताओं को समझने की आवश्यकता है। इसके लिए आपको अपने डॉक्टर से नीचे बताए गए प्रश्नों को पूछना चाहिए –
बच्चेदानी में रसौली के सामान्य लक्षणों को नीचे दिया गया है –
पानी वाली रसौली के लक्षण हर महिला में अलग हो सकते हैं। शुरुआती अवस्था में यह बिना किसी परेशानी के भी रह सकती है, लेकिन अगर सिस्ट बढ़ने लगे तो ये लक्षण दिख सकते हैं —
पेट के निचले हिस्से में दर्द या भारीपन महसूस होना
पेट या कमर में सूजन
मासिक धर्म (पीरियड्स) का अनियमित होना
सेक्स के दौरान दर्द होना
बार-बार पेशाब लगना या पेट भरा-भरा महसूस होना
उल्टी या मितली आना (अगर सिस्ट फट जाए तो)
बच्चेदानी में पानी की गांठ या रसौली (यूटरिन सिस्ट) आमतौर पर हार्मोनल असंतुलन या इंफेक्शन की वजह से बनती है। कई बार ये अपने आप ठीक हो जाती है, लेकिन अगर साइज बढ़ जाए या दर्द होने लगे तो इलाज ज़रूरी होता है।
इलाज के मुख्य तरीके:
यदि बच्चेदानी के रसौली का इलाज नहीं किया जाता है, तो वह आकार और संख्या दोनों में बढ़ते रहते हैं। जैसे-जैसे ट्यूमर बच्चेदानी को अपने कब्जे में ले लेता है, लक्षण और भी ज्यादा गंभीर हो जाते हैं।
बच्चेदानी में रसौली बच्चेदानी में कैंसर नहीं बन सकता है। कुछ मामलों में इस स्थिति के कोई भी लक्षण नहीं दिखाई देते हैं।
रसौली के लिए घरेलू उपाय केवल शुरुआती या हल्के मामलों में ही मदद कर सकते हैं।
लेकिन अगर दर्द या साइज बढ़े तो डॉक्टर से ज़रूर दिखाएं।
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