शहर चुनें

कॉल करें
निःशुल्क परामर्श बुक करें
बवासीर जड़ से खत्म कैसे होता है? क्या आप भी बवासीर यानि पाइल्स (Piles) के मस्से से परेशान है? तो ऐसे में बवासीर के इलाज के लिए लेजर सर्जरी एक बेहतरीन इलाज (illaj) है|
बवासीर जड़ से खत्म कैसे होता है? क्या आप भी बवासीर यानि पाइल्स (Piles) के मस्से से परेशान है? तो ऐसे में बवासीर ...के इलाज के लिए लेजर सर्जरी एक बेहतरीन इलाज (illaj) है|और पढ़ें



3M+
संतुष्ट मरीज
50+
बीमारी
200+
हॉस्पिटल
30+
शहर

मुफ्त कैब सुविधा

नो-कॉस्ट ईएमआई

बीमा क्लेम में सहायता

सिर्फ एक दिन की प्रक्रिया

यूएसएफडीए द्वारा प्रमाणित
Choose Your City
It help us to find the best doctors near you.
अहमदाबाद
बैंगलोर
भुवनेश्वर
चंडीगढ़
चेन्नई
कोयंबटूर
दिल्ली
हैदराबाद
इंदौर
जयपुर
कोच्चि
कोलकाता
कोझिकोड
लखनऊ
मदुरै
मुंबई
पटना
पुणे
रायपुर
राँची
तिरुवनंतपुरम
विजयवाड़ा
विशाखापट्टनम
दिल्ली
हैदराबाद
पुणे
मुंबई
बैंगलोर
Doctor Not Found4.5/5
31 Years Experience
5.0/5
30 Years Experience
4.5/5
25 Years Experience
4.5/5
23 Years Experience
बवासीर (bavasir) यानि पाइल्स। बवासीर एक ऐसी बीमारी है जिसमें रोगी को उठने-बैठने में काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ता है। इस बीमारी में गुदा- ऐनस (मल त्याग का भाग) के अंदरूनी और बाहरी हिस्से और मलाशय (रेक्टम) के निचले हिस्से की शिराओं में सूजन पैदा हो जाती है। इसकी वजह से ऐनस के अंदर और बाहर किसी एक जगह पर मस्से जैसी स्थिति बन जाती है, जो अंदर बाहर दोनों तरह होती है। इसे मेडिकल की भाषा में हेमरॉइड्स (बवासीर) कहा जाता है।
बवासीर एक ऐसी बीमारी है, जिसका दर्द सहना किसी भी उम्र के इंसान के लिए बेहद मुश्किल होता है। बवासीर के कारण किसी भी इंसान को शौच करने और बैठने में असहनीय दर्द से गुजरना पड़ता है। गुदा की जगह पर मलाशय के आसपास की नसों में सूजन होने के कारण बवासीर जैसी गंभीर बीमारी विकसित होती है। इसे इंग्लिश में पाइल्स (piles) कहा जाता है। आइए बवासीर- पाइल्स (piles) के बारे में जानते हैं और यह समझते हैं कि क्या है बवासीर (पाइल्स) का इलाज और कैसे बवासीर की बीमारी को लेजर ऑपरेशन से हमेशा के लिए छुटकारा पाया जा सकता है?आयुर्वेद की मदद से भी बवासीर का इलाज किया जा सकता है। बवासीर की कुल चार ग्रेड हैं जिनमें से पहले और दूसरे ग्रेड को आयुर्वेदिक तरीके से ठीक किया जा सकता है। ग्रेड चार की बवासीर गंभीर होती है। यही कारण है कि ग्रेड चार के बवासीर का इलाज सर्जिकल तरीके से ही किया जाता है।
बीमारी का नाम
सर्जरी का नाम
अवधि
सर्जन
Success rate
Recovery time

फ्री में बवासीर सर्जरी की कीमत जाने
वास्तविक कीमत जाननें के लिए जानकारी भरें

पाइल्स का इलाज (bavasir ka ilaaj) शुरू करने की प्रक्रिया में सबसे पहले डॉक्टर शारीरिक जांच करवाने की सलाह देते हैं। लेकिन गुदा के आंतरिक हिस्से में बवासीर का संक्रमण ज्यादा फैलने की स्थिति में, प्रोक्टोलॉजिस्ट (proctologists) एनस मलाशय की डिजिटल रेक्टल परीक्षण (जांच) करवाने को प्राथमिकता देते हैं|
अलावा, आंतरिक बवासीर का इलाज करने के लिए, सर्जन निचले मलाशय यानी रेक्टम की जांच के लिए प्रॉक्टोस्कोप, एनोस्कोप या सिग्मोइडोस्कोपी का इस्तेमाल कर सकता है।
डॉक्टर बवासीर के लिए मरीज़ की जाँच इस प्रकार करते हैं:


डॉक्टर आपसे आपका मेडिकल डाटा देने को कह सकता है। आप क्या खाते हैं? कितनी बार शौचालय जाते हैं? रेचक का उपयोग करते हैं या नहीं? और इन दिनों आप कौन सी दवाइयां ले रहे हैं? समेत अन्य सवाल पूछ सकते हैं। इसके बाद डॉक्टर पाइल्स के लक्षणों को विस्तार से बताने को कहेंगे, जैसे:
इस तरह के प्रश्नों से रोगी के लक्षणों की गंभीरता को समझा जा सकता है और बवासीर का ग्रेड पता लगाने में आसानी होती है।
बवासीर में गुदा क्षेत्र की नसों में सूजन के कारण मस्सों का निर्माण हो जाता है। ये मस्से सूजे हुए प्रतीत होते हैं, जिनमें रक्त अथवा पस भरा होता है। समय के साथ मस्सों का आकार बढ़ता है या यूं कहें कि बवासीर के ग्रेड में निरंतर वृद्धि होती रहती है। बवासीर के मस्से सुखाने के उपाय में गर्म पानी से स्नान, बर्फ से मस्सों की सिकाई, मस्सों पर नरियल के तेल का लेप लगाना, विच हेजल का इस्तेमाल और डॉक्टर द्वारा सुझाई गई दवाईयां शामिल हैं। हालांकि यह उपाय बवासीर के लक्षणों की गंभीरता और मरीज की स्वास्थ्य स्थिति पर निर्भर करती है।
कई लोग बवासीर के मस्से को जड़ से खत्म करने के लिए घरेलू उपचार आजमाते हैं, उनमें से कुछ लोगों में (ग्रेड 1 या उससे निचले स्तर का बवासीर होने पर) बवासीर के लक्षणों में कमी दिखाई देती है। लेकिन कुछ लोगों को घरेलू उपायों से बिल्कुल भी लाभ नहीं होता है। कारण स्पष्ट है, घरेलू नुस्खे मस्से को हमेशा के लिए खत्म नहीं कर सकते हैं। बवासीर के मस्से को जड़ से खत्म करने के लिए सर्जिकल ट्रीटमेंट सबसे उत्तम विकल्प है।
बवासीर के मस्से को जड़ से खत्म करने के उपाय नीचे दिए जा रहे हैं:

भोजन और जीवनशैली से जुड़े सुझाव

Post-Surgery Recovery Follow up

मुफ्त कैब सुविधा

24*7 सहायता
बवासीर (Bawaseer) लाइलाज नहीं है। बवासीर का इलाज संभव है। बस जरूरत होती है सही समय पर इसकी पहचान कर डॉक्टर से सलाह लेने की। बवासीर के कुछ मामले बिगड़ जाने पर यानी बवासीर को अधिक समय हो जाने पर डॉक्टर इसका आपरेशन करने की सलाह देते हैं। इसलिए बवासीर के लक्षण को पहचान कर जितना जल्दी बवासीर का इलाज करा लिया जाए उतना ही बेहतर होता है।
दवा के जरिए भी बवासीर का इलाज (bawaseer ka ilaj) किया जा सकता है, लेकिन तभी तक जब तक बवासीर प्रथम चरण या दूसरे चरण में हो। बवासीर के दूसरे स्टेज तक होने पर ऑपरेशन की जरूरत नहीं पड़ती। अगर मस्से थोड़े बड़े है तो उनको रबर बैंड लीगेशन का प्रयोग करते हुए जड़ पर एक या दो रबर बैंड बांध दिया जाता है। इससे खून बहना रुक जाता है और एक या दो सप्ताह बाद बवासीर का मस्सा सूख कर समाप्त हो जाता है। (इस विधि का प्रयोग हमेशा डॉक्टर के सलाह से ही करना चाहिए)
मस्सा अगर बड़ा हो गया है और बाकी सभी piles treatment के उपाय असफल हो चुके हैं तो डॉक्टर हेमरॉयडेक्टमी का तरीका अपनाते हैं। यह प्रक्रिया ऑपरेशन कहलाती है। इसमें अंदर या बाहर के मस्से को काटकर बाहर निकाल दिया जाता है।
नीचे कुछ सर्जरी के बारे में बताया गया है-
यह बवासीर ऑपरेशन करने की सबसे पुरानी प्रक्रिया है। इसमें रोगी को जनरल एनेस्थीसिया का डोज दिया जाता है और बवासीर के मस्सों को काटकर अलग किया जाता है। कट करने के लिए डॉक्टर सर्जिकल कैंची का प्रयोग करते हैं। उपचार के बाद डॉक्टर बवासीर के स्थिति के अनुसार जख्म को बंद कर देते हैं या खुला छोड़ देते हैं।
इसे लेजर हेमरॉयडेक्टमी भी कहते हैं। मस्सों को नष्ट करने के लिए लेजर किरण का उपयोग होता है। रोगी को एनेस्थीसिया के प्रभाव में रहना पड़ता है, इसी दौरान डॉक्टर एक निश्चित फ्रीक्वेंसी की लेजर बीम को बवासीर के मस्सों पर छोड़ते हैं और आधे घंटा के भीतर बवासीर से छुटकारा मिल जाता है। यह कम समय में होने वाली एक दर्द रहित और एडवांस प्रक्रिया है, जिसमें कोई रक्तस्त्राव नहीं होता है और गुदा क्षेत्र में किसी भी प्रकार के निशान नहीं बनते हैं।
यह उपचार बवासीर के रक्तस्राव को रोकने और रक्त प्रवाह को रोककर बवासीर के मस्सों को खत्म करने के लिए किया जाता है। इसमें बवासीर के बेस में रबर बैंड बांध दिया जाता है, जिससे मस्सों तक रक्त परिसंचरण नहीं होने के कारण वह सूख जाते हैं और गुदा से अलग हो जाते हैं। यह आंतरिक बवासीर के लिए अति उपयोगी होते हैं, लेकिन इस इलाज का सबसे बड़ा दुष्प्रभाव यह है कि बवासीर फिर से आपको परेशान कर सकता है।
इन्फ्रारेड फोटोकोआगुलेशन (जिसे कोएगुलेशन थेरेपी भी कहा जाता है) एक चिकित्सा प्रक्रिया है, जिसका उपयोग छोटे और मध्यम आकार के बवासीर के इलाज के लिए किया जाता है। यह उपचार केवल आंतरिक बवासीर के लिए है। प्रक्रिया के दौरान सर्जन एक उपकरण का प्रयोग करते हैं, इससे इन्फ्रारेड लाइट की एक तेज किरण निकलती है। इन्फ्रारेड लाइट से स्कार टिश्यू का निर्माण हो जाता है और बवासीर तक होने वाले खून की सप्लाई बंद हो जाती है। बवासीर खत्म हो जाता है, लेकिन इस प्रक्रिया के बाद गुदा नली के पास में एक दाग बन जाता है।
बवासीर के उपचार के इस प्रक्रिया में डॉक्टर इंजेक्शन की मदद से एक केमिकल को आंतरिक बवासीर के मस्सों पर लगाते हैं। इंजेक्शन लगाने के बाद मस्से सूखने लगते हैं और पूरी तरह से सूख जाते हैं। हालांकि, यह सिर्फ आंतरिक बवासीर के लिए अधिक प्रभावी होता है और रोग के दोबारा होने की संभावना बहुत अधिक होती है।
इसमें एक स्टेप्लिंग उपकरण का उपयोग करके बवासीर के मस्से को स्टेपल कर दिया जाता है, यह बवासीर के ओपन सर्जरी की तुलना में कम दर्दनाक और सुरक्षित होता है। स्टेपल करने के बाद मस्सों तक खून की सप्लाई बंद हो जाने के कारण उनका आकार धीरे-धीरे कम हो जाता है और पाइल्स से राहत मिल जाती है।
हालांकि, इसके बाद भी बवासीर होने के संभावना बनी रहती है। यह आमतौर पर आंतरिक बवासीर को ठीक करने के लिए की जाती है।
लेजर हेमरॉयडेक्टमी बवासीर का इलाज करने की एक नई तकनीक है। यह तकनीक बवासीर का उपचार करने वाली अन्य तकनीक की तुलना में बहुत एडवांस है, आइये जानते हैं कि बवासीर के लिए लेजर हेमरॉयडेक्टमी क्यों एक बेहतर उपचार है-
लेकिन समय पर इसका इलाज न होने पर कुछ जटिलताओं का सामना करना पड़ सकता है, जैसे
बवासीर की लेजर सर्जरी करने की कई विधियां हैं, ग्रेड के अनुसार किसी एक विधि का चयन किया जाता है। इसका उपचार करने के लिए पारंपरिक सर्जरी भी उपलब्ध है, जिसमें बवासीर के मस्से को काटकर अलग कर दिया जाता है। लेकिन उपचार के दौरान बहुत अधिक खून बहता है और रोगी को दर्द का सामना करना पड़ता है। पारंपरिक तरीके से की जाने वाली सर्जरी के बाद रूटीन लाइफ में आने में बहुत वक्त लगता है और बहुत चीजों से परहेज भी करना पड़ता है।
बवासीर से प्रभावित टिश्यू पर लेजर बीम डाली जाती है, जिससे टिश्यू सिकुड़ जाती है और बवासीर से छुटकारा मिल जाता है। इसमें कोई रक्तस्त्राव नहीं होता है। जख्म बड़ा न होने की वजह से रोगी दो दिन बाद ही अपने काम पर जा सकता है और एक से दो सप्ताह के अंदर पूरी तरह से रिकवर हो जाता है।
बवासीर की लेजर सर्जरी करने में दस मिनट से आधा घंटा तक का समय लगता है। बवासीर के ग्रेड 4 में भी लेजर सर्जरी की जाती है, इसमें सर्जरी लेजर मशीन को कटिंग मोड़ में रखकर की जाती है। इसमें किसी तरह के टांके लगाए नहीं जाते हैं, जिससे किसी तरह टिश्यू के फटने और अस्पताल में ज्यादा समय भर्ती रहने जैसी परेशानी का सामना नहीं करना पड़ता।
Piles laser surgery करने के लिए पहले कुछ जांच की जाती है, जिसमें ब्लड और यूरिन टेस्ट आम तौर पर किया जाता है। सर्जरी करने से पहले मरीज को एनेस्थीसिया देकर गुदा के आस-पास के क्षेत्र को सुन्न किया जाता है।
| ओपन हेमरॉयडेक्टमी | लेजर हेमरॉयडेक्टमी |
| बवासीर के इलाज की पुरानी सर्जिकल प्रक्रिया | बवासीर के इलाज की नवीनतम सर्जिकल प्रक्रिया |
| इलाज के दौरान बड़ा चीरा लगाया जाता है | इलाज के दौरान चीरा नहीं लगाया जाता है |
| ऑपरेशन के दौरान खून बहता है | कोई रक्तस्त्राव नहीं |
| रिकवरी में असहजता और दर्द | रिकवरी आसानी से हो जाती है और दर्द भी कम होता है |
| कई घंटे की प्रक्रिया | आधा घंटा की प्रक्रिया |
| ऑपरेशन के दौरान जनरल एनेस्थीसिया का उपयोग | लोकल एनेस्थीसिया का प्रयोग |
| ऑपरेशन के बाद इन्फेक्शन का खतरा अधिक | इन्फेक्शन की संभावना बहुत कम |
बवासीर के ऑपरेशन की तैयारी करते समय आपके डॉक्टर द्वारा दिए गए सभी निर्देशों का पालन करना ज़रूरी है ताकि यह तय हो पाए की आपके ठीक होने की प्रक्रिया सही दिशा में है।
बवासीर के ऑपरेशन के बाद ठीक होने की प्रक्रिया अलग-अलग व्यक्तियों के लिए अलग-अलग होती है। बवासीर लेजर ऑपरेशन के बाद पूरी तरह ठीक होने में 7 से 10 दिन लग सकते हैं।
नीचे बताई गई चीज़ों का ध्यान रखना ज़रूरी है अगर आप बवासीर के मस्से को जड़ से खत्म करना चाहते है:
अगर आपको मल त्याग करने में कठिनाई आ रही है, तो मल सॉफ्टनर का इस्तेमाल करें लेकिन सिर्फ डॉक्टर से परामर्श करने के बाद।
| बवासीर का प्रकार | स्थान/स्थिति | लक्षण | गंभीरता | उपचार के विकल्प |
|---|---|---|---|---|
| अंदरूनी बवासीर | गुदा के अंदर (मलाशय के भीतर) | दिखाई नहीं देते, कभी-कभी दर्द या ब्लीडिंग | हल्की | फाइबर युक्त आहार- स्टूल सॉफ्टनर- जीवनशैली में बदलाव |
| बाहरी बवासीर | गुदा के बाहर (एनल ओपनिंग पर) | गुदा के पास गांठ, खुजली, हल्का दर्द | मध्यम | घरेलू उपचार- दवाएं- आवश्यक हो तो सर्जरी |
| प्रोलेप्सड बवासीर | सूजकर बाहर निकली हुई गांठ | सूजन, बाहर निकली गांठ, तेज दर्द | गंभीर | दवाएं- सर्जरी आवश्यक |
| खूनी बवासीर | किसी भी प्रकार के बवासीर में ब्लीडिंग | मल के साथ खून आना, कमजोरी, सूजन | बहुत गंभीर | त्वरित मेडिकल उपचार- लेजर या सर्जिकल ऑपरेशन |
कुछ मामलों में शुरुआती बवासीर की सूजन और दर्द 3 दिन में घरेलू उपायों और दवाओं से कम हो सकते हैं, लेकिन पूरी तरह से ठीक होने में अधिक समय लग सकता है।
बवासीर की लेजर सर्जरी का खर्च 45,000 से 91,000 के बीच आता है। हालांकि ये खर्चा ओपन सर्जरी से ज़्यादा होता है क्योंकि ये एक आधुनिक सर्जरी है जिसकी वजह से मरीज को दर्द नहीं होता और बवासीर के वापस आने की संभावनाएं बहुत कम हो जाती हैं।
सबसे पहले मरीज को पाइल्स है या नहीं, इसकी जांच की जाती है। डॉक्टर मरीज से पाइल्स के लक्षण जानने के बाद एनस में gloved और lubricated उंगली डाल कर गुदा की जांच करते हैं। अगर डॉक्टर को गुदा की स्थिति असामान्य लगती है, तो वह sigmoidoscopy टेस्ट करने का सुझाव दे सकते हैं। अगर इन टेस्ट में पाइल्स होने की पुष्टि होती है तो डॉक्टर पाइल्स की स्टेज के अनुसार सर्जरी करने का सुझाव देते हैं। कई लोगों को किसी दूसरे कारणों से भी स्टूल पास करते समय खून आता है, अगर यह पाइल्स न हो तो डॉक्टर दूसरा इलाज बताते हैं।
पाइल्स की लेजर सर्जरी (Piles laser surgery) के बाद रिकवर होने में बहुत कम समय लगता है। पाइल्स की लेजर सर्जरी में रिकवरी बहुत जल्दी होती है। अलेजर सर्जरी में सिर्फ 10 मिनट से आधा घंटा का समय लगता है और मरीज को अस्पताल में भर्ती होने की जरूरत नहीं पड़ती है। लेजर सर्जरी की खासियत है कि इसमें कम दर्द होता है। लेजर सर्जरी के बाद अगले दिन से ही सामान्य काम (चलना-फिरना, चाय बनाना, ऑफिस जाना आदि) करने की इजाजत होती है। बवासीर की लेजर सर्जरी में कोई दाग नहीं बनता है, ये सर्जरी दाग रहित होती है। लेजर सर्जरी करवाने से पाइल्स दोबारा नहीं होता है।
दवा के जरिए भी बवासीर (पाइल्स) का इलाज किया जा सकता है, लेकिन तभी तक जब तक बवासीर प्रथम चरण या दूसरे चरण में हो। अगर मस्से थोड़े बड़े हो जाए तो इलाज के लिए सर्जरी की आवश्यकता पड़ सकती है।
बवासीर की पुष्टि हो जाने के बाद आपको कुछ सावधानियां बरतनी होती है, जैसे –
घरेलू नुस्खे और देसी उपचार सदियों से ही प्रचलन में रहे हैं, लेकिन कई बार ये बवासीर को ठीक कर पाने में सक्षम नहीं होते हैं। जब बवासीर का ग्रेड तीन या तीन से अधिक होता है, तो इसे घरेलू नुस्खे से ठीक कर पाना मुश्किल होता है और ऐसी परिस्थिति में ऑपरेशन एक आखरी जरिया होता है
अगर आपको नीचे दिए गए लक्षणों में से कोई भी पाइल्स के लक्षण दिखाई दें तो अपने डॉक्टर से जांच करवाएं:
पाइल्स(बवासीर) का सबसे सुरक्षित और प्रभावी ढंग से इलाज करने के लिए लेजर सर्जरी एक बेहतरीन इलाज हैं। यह प्रक्रिया चीरा और कट रहित प्रक्रिया है जो मरीजों को सर्जरी के बाद जल्द से जल्द ठीक होने में मदद करती है।
प्रेगनेंसी में बवासीर का इलाज आपके बवासीर की गंभीरता पर निर्भर करता है। प्रोलैप्स्ड पाइल्स को हटाने के लिए सर्जिकल इलाज की ज़रूरत हो सकती है। इन्हें गर्भावस्था के किसी भी तिमाही के दौरान सुरक्षित रूप से हटाया जा सकता है।
छोटे बवासीर घरेलू उपचार और दवाओं से अपने आप ठीक हो सकते है। हालांकि, बड़े बवासीर के इलाज के लिए सर्जरी करवाना ज़रूरी होता है वे अपने आपसे ठीक नहीं होते हैं।
बवासीर एक ऐसी बीमारी है जिसका इलाज लंबा चलता है। इसके मरीज को इलाज के दौरान अपने आहार और जीवनशैली में बदलाव करना पड़ता है। ऐसे में इसके जड़ से खत्म होने के बारे में कुछ भी कहा नहीं जा सकता है। हालांकि डॉक्टरों का मानना है कि यदि बवासीर का इलाज इसकी शुरुआती स्टेज में ही कर दिया जाए तो इसके दोबारा होने की संभावना कम हो जाती है। लेकिन डॉक्टर यह भी आशंका जताते हैं कि गंभीर जटिल स्थिति वाला बवासीर इलाज के बाद भी दोबारा हो सकता है। डॉक्टरों की मानें तो यह पूरी तरह से रोगी की जीवनशैली पर निर्भर करता है।
बवासीर के जड़ से खत्म होने के कोई साक्ष्य अभी तक नहीं मिले हैं। लेकिन डॉक्टरों का मानना है कि यदि मरीज बवासीर के इलाज के बाद एक बेहतर जीवन शैली अपनाए तो, बवासीर को एक लंबे समय तक दोबारा होने से रोका जा सकता है। बवासीर के मरीज को डॉक्टर आमतौर पर हाई फाइबर युक्त आहार करने की सलाह देते हैं। साथ ही हरी सब्जियों और फलों के साथ अधिक मात्रा में तरल पदार्थों का सेवन करने की सलाह भी दी जाती है।
आमतौर पर बवासीर की समस्या कब्ज के कारण होती है। कब्ज की समस्या के कारण एनल एरिया में बवासीर के मस्से बनने लगते हैं। शुरुआती स्टेज में इन मस्सों में दर्द नहीं होता है लेकिन जब यह कब्ज की समस्या लगातार बनी रहती है तो इसके कारण मरीज को अधिक दर्द का सामना करना पड़ता है।
बवासीर के मस्सों को दवाओं, घरेलू उपाय और सर्जिकल ट्रीटमेंट की मदद से जड़ से खत्म किया जा सकता है। हालांकि इसके इलाज की प्रक्रिया बवासीर के लक्षण, मरीज की स्थिति और मस्सों से प्रभावित गुदा क्षेत्र पर निर्भर करता है।
बवासीर को तेजी से ठीक करने का तरीका लेजर सर्जरी है। पाइल्स के लेजर ट्रीटमेंट के दौरान मरीज को किसी भी प्रकार के कोई चारे या कट लगाने की आवश्कता नहीं होती है। पाइल्स की लेजर सर्जरी के बाद मरीज काफी तेजी से रिकवरी करता है और एक दो दिन के अंदर ही अपने दैनिक कार्यों में लौट आता है।

Sreenivas
Recommends
Recommends
Explained me how to take care of myself
Darayus Sam Bharucha
Recommends
Recommends
hearing Patient problems.... Good Guy
Amala Varghese
Recommends
Recommends
Explained everything clearly and friendly
Vinodh G
Recommends
Recommends
The way he treated is Good
Joel
Recommends
Recommends
made us understand the situation.
Shivansh
Recommends
Recommends
He was good enough and knew how to make his patient comfortably on the hinge


निःशुल्क डॉक्टर परामर्श प्राप्त करें
50+ से अधिक बीमारियों के लिए हमारे विशेषज्ञ सर्जन से संपर्क करें
जब आप अपनी बीमारी से जुड़ी जानकारी साझा करेंगे तो हमारे हेल्थ कोऑर्डिनेटर आपसे संपर्क करेंगे
हेल्थ कोऑर्डिनेटर आपकी बीमारी के लक्षणों और स्वास्थ्य की स्थिति को विस्तार से समझेंगे
डॉक्टर से आपका परामर्श जल्द-से-जल्द निर्धारित किया जाएगा
3M +
संतुष्ट मरीज
150 +
क्लीनिक
30 +
शहर
120Cr—Patient Savings Delivered
so patients focus on recovery, not bills.
Complete Transparency
No hidden charges or surprise bills
End-to-End Insurance Handling
Complete insurance processing support
Up to 20% Savings on Every Surgery
powered by smarter insurance handling
Easy EMI Options
Flexible payment plans available
120Cr—Patient Savings Delivered
so patients focus on recovery, not bills.
Complete Transparency
No hidden charges or surprise bills
Your Form Has Been Submitted Successfully.
Our care coordinator will call you shortly.

निःशुल्क परामर्श बुक करें
50+ से अधिक बीमारियों के लिए हमारे विशेषज्ञ सर्जन से संपर्क करें
जब आप अपनी बीमारी से जुड़ी जानकारी साझा करेंगे तो हमारे हेल्थ कोऑर्डिनेटर आपसे संपर्क करेंगे
हेल्थ कोऑर्डिनेटर आपकी बीमारी के लक्षणों और स्वास्थ्य की स्थिति को विस्तार से समझेंगे
डॉक्टर से आपका परामर्श जल्द-से-जल्द निर्धारित किया जाएगा
3M +
संतुष्ट मरीज
150 +
क्लीनिक
30 +
शहर