Men infertility

संदीप की कई कोशिशों के बाद भी संदीप पिता नहीं बन पा रहे थे। संदीप बहुत परेशान थे और वे ‘Pristyn Care’ के वरिष्ठ डॉक्टर रोहित से मिलते हैं। डॉक्टर रोहित ने जब जांच की तो संदीप में दोष पाया। ऐसे में संदीप पूछते हैं “ मैंने तो सुना था कि सिर्फ महिलाएं ही बांझपन का शिकार होती हैं, फिर मैं कैसे? अगर इनफर्टिलिटी की वजह मैं हूँ तो इसका कारण क्या है और इसका इलाज किस तरह से संभव है”

तब डॉक्टर ने संदीप को समझाया “हम सोचते हैं कि इनफर्टिलिटी की वजह सिर्फ महिलाएं होती हैं। लेकिन, ऐसा नहीं है। कई बार महिला गर्भधारण इसलिए नहीं कर पाती है क्योंकि पुरुष में ही कोई दोष रहता है। कई बार बिना गर्भ निरोधक के सेक्स करने के बाद भी महिलाएं गर्भवती नहीं हो पाती हैं और उसका कारण पुरुष होते हैं।

शराब का सेवन, खानपान में पोषक तत्वों की कमी आदि कई ऐसी वजहें हैं जिसके चलते पुरुष के शुक्राणु की गुणवत्ता बहुत कम हो जाती है और इससे गर्भधारण नहीं हो पाता। आइये जानते हैं कि पुरुषों में इनफर्टिलिटी के कौन से कारण होते हैं और इनका इलाज किन तरीकों से किया जा सकता है।”

पुरुषों में बांझपन के प्रकार (Types of infertility in Male in Hindi)

पुरुषों की इनफर्टिलिटी दो प्रकार की होती हैं।

  1. एक्सप्लेन्ड इनफर्टिलिटी (Explained infertility)
  2. अनएक्सप्लेन्ड इनफर्टिलिटी (Unexplained infertility)

 

  1. एक्सप्लेन्ड इनफर्टिलिटी (Explained infertility)

ऐसी इनफर्टिलिटी जिसकी जांच करने के बाद उसके कारण को बताया जा सके, एक्सप्लेन्ड इनफर्टिलिटी कहलाती है। ऐसे पुरुष जिनके इनफर्टिलिटी के कारण का पता लग जाता है, इस कैटेगरी में आते हैं। इस प्रकार की इनफर्टिलिटी में डॉक्टर कारणों का आसानी से पता लगा लेते हैं और रोगी के रोग का इलाज आसानी से हो पाता है।

  1. अनएक्सप्लेन्ड इनफर्टिलिटी (Unexplained infertility)

ऐसी इनफर्टिलिटी जिसकी जांच करने के बाद उसके कारण का पता नहीं लगता है, अनएक्सप्लेन्ड इनफर्टिलिटी कहलाती है। फर्टिलिटी एक्सपर्ट्स (Fertility Experts) कहते हैं कि इस प्रकार की इनफर्टिलिटी की वजह ज्यादा बड़ी नहीं होती है। ज्यादातर मामला रोगी की जीवनशैली से जुड़ा होता है और इसका इलाज करने के लिए डॉक्टर मरीज की जीवनशैली का अध्ययन करते हैं और अपने अनुसार उसमें बदलाव कर व्यक्ति को उस जीवनशैली को अपनाने के लिए कहते हैं।

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पुरुषों में बांझपन के कारण  (Causes of infertility in Males in Hindi)

हाइपोथैलेमस या पिट्यूटरी ग्लैंड विकार (Hypothalamic or pituitary disorder)

हमारे दिमाग में उपस्थित पिट्यूटरी ग्लैंड शरीर के कई कार्य के लिए जिम्मेदार होता है। इसलिए इसे मास्टर ग्लैंड के नाम से भी जाना जाता है। टेस्टिस (testis) में टेस्टोस्टेरोन (Testosterone) का उत्पादन कितनी मात्रा में होगा यह बात पिट्यूटरी ग्लैंड ही तय करता है। ‘टेस्टोस्टेरोन हार्मोन’ वीर्य बनाने के लिए आवश्यक है। जब किसी कारणवश यह ग्लैंड सही ढंग से काम नहीं करती है और टेस्टोस्टेरोन और स्पर्म बनने में समस्या होती है। यह विकार हाइपोथैलेमस या पिट्यूटरी ग्लैंड विकार कहलाता है।

जनानांग विकार (Gonad disorders)

जब पुरुष के जनानांग में किसी भी प्रकार की समस्या हो जाती है तो उसे जननांग विकार कहा जाता है। जब टेस्टिकल के कार्यों में बाधा होती है तब पुरुष को इरेक्टाइल डिसफंक्शन (Erectile Dysfunction) की समस्या हो जाती है। यह एक ऐसी समस्या है जिसमें पुरुष सेक्स के दौरान लिंग की उत्तेजना ज्यादा देर तक बनाए रखने में पूरी तरह से असमर्थ होता है और कुछ ही टाइम बाद उसके लिंग का कड़ापन गायब हो जाता है। इरेक्टाइल डिसफंक्शन की समस्या में पुरुष का टेस्टिकल स्पर्म तो प्रोड्यूस करता है लेकिन उस स्पर्म की गुणवत्ता उतना नहीं होती है कि उससे कोई भी महिला गर्भवती हो सके।

इसके अलावा वैरीकोसेल (varicocele) की वजह से भी पुरुष की फर्टिलिटी प्रभावित होती है। वैरीकोसेल (varicocele) एक ऐसी समस्या है जिसमें अंडकोश की नसों में सूजन आ जाता है। यह सूजन स्पर्म ट्रांसपोर्ट में बाधा पैदा करता है। इसके अलावा इससे स्पर्म सूखने लगता है या फिर स्पर्म की क्वालिटी कम हो जाती है। फर्टिलिटी एक्सपर्ट्स की माने तो मेल इनफर्टिलिटी से परेशान 40 से 50 प्रतिशत पुरुष इस बीमारी से ग्रसित होते हैं।

स्पर्म ट्रांसपोर्ट में समस्या

स्खलन नलिकाओं (ejaculatory ducts) के ब्लॉक हो जाने पर या फिर एपीडीडीमिटिस (epididymis) और वास डेफरेंस (vas deferens) में किसी प्रकार की समस्या होने पर पुरुष के अंडकोष में सूजन आ जाती है और वे नसें सूज जाती हैं जो स्पर्म का प्रोडक्शन करती हैं। इस वजह से स्पर्म के ट्रांसपोर्ट में भी समस्या होती है और अगर स्पर्म ट्रांसपोर्ट होता भी है तो स्पर्म की क्वालिटी बहुत अच्छी नहीं होती है या स्पर्म में शुक्राणुओं की मात्रा बहुत कम होती है जिस वजह से महिला कंसीव (conceive) नहीं कर पाती है।

एजोस्पर्मिया (Azoospermia)

एजोस्पर्मिया की समस्या में पुरुष के वीर्य में शुक्राणु की मात्रा बहुत कम हो जाती है या खत्म हो जाती है।

ओलिगोस्पर्मिया (Oligospermia)

महिला के गर्भवती होने के लिए पुरुष के वीर्य में 15 लाख शुक्राणु होना जरूरी है। यदि शुक्राणुओं की संख्या इससे कम होती है तो इसे एक बीमारी का नाम दे दिया जाता है जिसे ओलिगोस्पर्मिया कहते हैं।

आनुवंशिक कारण (Genetic Causes )

कई आनुवंशिक कारण होते हैं जो मेल इनफर्टिलिटी की वजह बनते हैं। उदाहरण के तौर पर क्लाइनफेल्टर सिंड्रोम (Qvaainfeltar Syndrome) एक आनुवंशिक समस्या है जिसमें पुरुष का अंडकोष सामान्य से छोटा होता है। इसकी वजह से टेस्टोस्टेरोन कम मात्रा में होता है।

सीमन से जुड़ी समस्याएं (Semen Related issues)

पुरुष के वीर्य में मौजूद सीमन ही निर्धारित करता है कि महिला प्रेग्नेंट होगी या नहीं होगी। अगर पुरुष के सीमन में किसी भी प्रकार का दोष पाया जाता है तो इससे प्रेग्नेंसी में अड़चन पैदा हो सकती है।

मेल इनफर्टिलिटी के ऐसे कारण जो जीवनशैली से जुड़े हैं:

  • शराब पीना, धूम्रपान करना या अन्य नशा युक्त पदार्थ का सेवन करना।
  • ज्यादा तनाव लेना भी मेल इनफर्टिलिटी का एक कारण हो सकता है।
  • एक्सरसाइज न करना, वजन ज्यादा होना और मोटापा।
  • रेडिएशन (Radiation) के संपर्क में रहने से स्पर्म की गुणवत्ता कम हो जाती है और गर्भधारण में परेशानी होती है।
  • कुछ ऐसी दवाइयाँ होती है जो स्पर्म के क्वालिटी और क्वांटिटी (Quantity) पर प्रभाव डालती हैं जिससे पुरुष की प्रजनन क्षमता प्रभावित होती है।
  • कोई ऐसा एक्सीडेंट जिससे आपका अंडकोष चोटिल हो जाए।
  • कोई इंफेक्शन हो जाने पर या फिर गुप्तांगों के पास के क्षेत्र का तापमान बढ़ जाने पर, विशेष तौर में गोदी में लैपटॉप चलाने से और स्मार्टफोन को देर तक जेब में रखने से तापमान में वृद्धि हो जाती है। 

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पुरुषों में बांझपन का उपचार: Treatments of male infertility in Hindi

वैरीकोसेल उपचार (Varicocele treatments)

इस ट्रीटमेंट में पुरुषों के अंडकोष की एक सर्जरी (Varicocelectomy) की जाती है जिसके बाद अंडकोष का सूजन कम हो जाता है और स्पर्म प्रोडक्शन, स्पर्म ट्रांसपोर्ट, और स्पर्म के स्ट्रक्चर में सुधार आ जाता है।

एजोस्पर्मिया उपचार (Azoospermia treatments)

एजोस्पर्मिया में पुरुषों के स्पर्म में शुक्राणुओं की संख्या शून्य होती है। यह इसे ठीक करने के लिए सर्जरी का सहारा लिया जाता है।

माक्रोसर्जिकल वासोवइक्सोटोमी (Microsurgical vasovasostomy)

यह एक ऐसी सर्जरी है जिसमें अंडकोष में वास डेफरेंस (vas deferens) के कटे हुए हिस्सों को जोड़ा जाता है। ऐसे पुरुष जो नसबंदी करा चुके हैं, इस सर्जरी को कराने के बाद एक बार दोबारा से पिता बन सकते हैं।

ट्रान्स्यूरेथ्रेल्यल रिसेक्शन (Transurethral resection)

अगर वीर्य का ट्रांसपोर्ट करने वाली नालिकाओं में किसी भी तरह की रुकावट आ जाती है तो इस सर्जरी की मदद से उस रुकावट को ख़त्म किया जाता है।

दवाइयां और हार्मोन थेरेपी – (Medicines and hormone therapies)

कई बार हार्मोनल असंतुलन और कई कारणों की वजह से वीर्य बनना बंद हो जाता है या कम मात्रा में होता है। ऐसी स्थिति में डॉक्टर कुछ दवाइयां देता है और हार्मोन थेरेपी के ज़रिये उन हॉरमोन को एक्टिव करता है।

पुरुषों में बांझपन का इलाज के लिए असिस्टेड रिप्रोडक्टिव टेक्नोलॉजी (आर्ट) – Assisted Reproductive Technology (ART) for infertility treatment In males in Hindi

आर्टिफीशियल इन्सेमिनेशन – Artificial Insemination

पुरुष के लिंग में उत्तेजना न होने का कारण या किसी अन्य कारण की वजह से स्पर्म फैलोपियन ट्यूब तक नहीं पहुंच पाता है और महिला गर्भवती नहीं हो पाती है। इस समस्या का इलाज करने के लिए आर्टिफीशियल इन्सेमिनेशन एक अच्छी प्रक्रिया है। इस प्रक्रिया में फर्टिलिटी एक्सपर्ट एक प्रकार के उपकरण की मदद से आपका सीमन महिला के फैलोपियन ट्यूब में तब डालते हैं जब महिला का ओवुलेशन चल रहा होता है।

डोनर कन्सेप्शन – Donour conception

इस प्रक्रिया में दूसरे पुरुष के वीर्य का इस्तेमाल किया जाता है। कई बार पुरुष के वीर्य में ही कोई न कोई कमी रहती है जिससे महिला गर्भधारण नहीं कर पाती है ऐसी स्थिति में डोनर कन्सेप्शन एक अच्छा विकल्प है। 

इस प्रक्रिया में किसी दूसरे पुरुष के वीर्य को महिला के फैलोपियन ट्यूब में आर्टिफीशियल इन्सेमिनेशन की प्रक्रिया के जरिये डाला जाता है।

इंट्रासाइटोप्लास्मिक स्पर्म इंजेक्शन (आईसीएसआई) – intracytoplasmic sperm injection (ICSI)

इस प्रक्रिया में महिला के अंडाशय से बहुत सारे अंडे निकाले जाते हैं और लैब में पुरुष के वीर्य के साथ फर्टिलाइज करवाए जाते हैं। जब कोई एक अंडा फर्टिलाइज हो जाता है तो कई तकनीक की मदद से उसे महिला के गर्भाशय में रख दिया जाता है।

पुरुषों में बांझपन का इलाज के लिए असिस्टेड रिप्रोडक्टिव टेक्नोलॉजी (आर्ट) के रिस्क – Risks of Assisted Reproductive Technology (ART) For infertility Treatments in men in Hindi

  • कई बार दो भ्रूण तैयार हो जाते हैं जिससे जुड़वा बच्चे होने की संभावना बढ़ जाती है।
  • जन्म के बाद बच्चा मानसिक या भौतिक रूप से अपंग हो सकता है।
  • जन्मे हुए बच्चे का वजन कम हो सकता है या बच्चा समय के पहले ही पैदा हो सकता है।

हालांकि ये रिस्क तभी देखने को मिलेंगे जब आप किसी अच्छे फर्टिलिटी क्ल्किनिक या फर्टिलिटी एक्सपर्ट का चुनाव नहीं करेंगे।

अगर आप मेल इनफर्टिलिटी का इलाज करवाने की सोच रहे हैं तो “Pristyn Care” आपके लिए एक अच्छा विकल्प हो सकता है।

मेल इनफर्टिलिटी का इलाज करवाने के लिए ‘Pristyn care’ ही क्यों?  (why ‘Pristyn care’ for male infertility Treatment in Hindi?

प्रशिक्षित Gynecologist की टीम- मेल इनफर्टिलिटी ट्रीटमेंट के लिए हमारे पास एक्सपीरियंस्ड (Experienced) Gynecologist की टीम है।

एडवांस टेक्नोलॉजी से होती है प्रक्रिया- मेल इनफर्टिलिटी का इलाज करने के लिए सभी प्रक्रियाएं एडवांस्ड टेक्नोलॉजी की मदद से की जाती हैं जिससे इलाज और भी आसान हो जाता है।

अपने शहर में करा सकते हैं ट्रीटमेंट- हमारे Gynecologist कई शहरों में मौजूद हैं। इसलिए आपको ट्रीटमेंट के लिए ज्यादा दूर जाने की जरूरत नहीं होगी।

फ्री फॉलो अप– हम अपने मरीजों को फ्री फॉलो अप (Follow up) की सुविधा भी प्रदान करते हैं। इसके साथ मरीज के आने जाने का ख़र्चा भी हम ही उठाते है।

इंश्योरेंस की सुविधा- हमारी इंश्योरेंस (Insurance) टीम के जरिये आप मेल इनफर्टिलिटी ट्रीटमेंट इंश्योरेंस क्लैम के साथ करा सकते हैं।

 

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