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किशन को प्रोस्टेट से जुड़े कई लक्षण नजर आने लगे थे। लेकिन उन्हें यह नहीं पता था कि उनका प्रोस्टेट वाकई में बढ़ रहा है। किशन कहते हैं “मैंने ईन्टरनेट पर प्रोस्टेट बढ़ने से जुड़े कई प्रश्नों को सर्च किया। लेकिन मैं उनके जवाब से संतुष्ट नहीं हो पा रहा था तब मैंने प्रोस्टेट से जुड़े डॉक्टर के बारे में सर्च किया और मेरी मुलाकात प्रिस्टीन केयर के सीनियर डॉक्टर रोहित से हुई”।

किशन ने डॉक्टर रोहित से बहुत से प्रश्न किए। किशन ने उनसे प्रोस्टेट बढ़ने के लक्षण, कारण और इलाज के बारे में पूछा। जिसका जवाब डॉक्टर रोहित ने बड़े आसान शब्दों में दिया जिसे नीचे बताया गया है। डॉक्टर रोहित ने सबसे पहले किशन को प्रोस्टेट के बारे में समझाना शुरू किया। 

डॉक्टर रोहित किशन को बताते हैं “प्रोस्टेट हमारे शरीर में मौजूद एक ग्लैंड है जिसका मुख्य कार्य एक तरह के द्रव को उत्पन्न करना है। इसी द्रव के माध्यम से शुक्राणु इजाकुलेशन (Ejaculation) के दौरान इजाकुलेट (Ejaculate) होते हैं। प्रोस्टेट ग्लैंड को पौरुष ग्रंथि भी कहा जाता है। यह हमारे मूत्राशय के चारों ओर फैला हुआ होता है।”

प्रोस्टेट ग्लैंड के लगातार बढ़ने की समस्या अधिकतर उन लोगों में देखी जाती है जिनकी उम्र 40 से ज्यादा होती है। उम्र बढ़ने के साथ साथ हर पुरुष का प्रोस्टेट ग्लैंड भी बढ़ने लगता है। अगर इसका आकार बहुत बड़ा हो जाता है तो यह मूत्र मार्ग में ब्लॉकेज पैदा कर सकता है। ऐसा होने पर पेशाब से संबंधित परेशानियां और किडनी रोग का खतरा बढ़ जाता है। असामान्य तरीके से बढ़े हुए प्रोस्टेट ग्लैंड को Benign Prostate Enlargement अथवा BPH कहा जाता है।

Table of Contents

एक नजर

  • बढ़े हुए प्रोस्टेट का इलाज करने के लिए लेजर थेरेपी सबसे बढ़िया विकल्प है
  • प्रोस्टेट ग्लैंड के खराब होने पर शरीर के कई कार्य प्रभावित हो सकते हैं

प्रोस्टेट ग्लैंड बढ़ने के लक्षण — Symptoms of Enlarged Prostate Gland in Hindi

  • दिन में 8 से 10 या फिर इससे अधिक बार पेशाब आना
  • पेशाब करने के बाद बूंद बूंद पेशाब टपकना
  • पेशाब को थोड़ी देर भी ना रोक पाना
  • सोते वक्त भी बार-बार पेशाब लगने की समस्या
  • पेशाब के वक्त तेज दबाव और दर्द का आभास होना
  • पेशाब के रंग में बदलाव या फिर अजीब तरह की गंध आना
  • पेशाब करने के बाद मूत्र मार्ग में तेज दर्द होना
  • स्खलन के बाद असहनीय दर्द उत्पन्न होना

पौरुष ग्रंथि के अनियमित बढ़ने पर और भी कई बीमारियां और परेशानियां हो सकती हैं। मूत्राशय में पेशाब भरे रहने के कारण मूत्र मार्ग में संक्रमण भी हो सकता है। इसके अलावा, एक्यूट यूरिनरी रिटेंशन (Acute Urinary Retention), पेशाब में खून आने की समस्या और मूत्राशय में स्टोन की समस्या भी हो सकती है।

प्रोस्टेट ग्लैंड बढ़ने के कारण — Causes of Enlarged Prostate Gland in Hindi

उम्र के बढ़ने के साथ साथ प्रोस्टेट ग्रंथि के आकार में भी बढ़ोतरी होती है लेकिन इसे सामान्य मान लिया जाता है। पुरुषों में दो तरह के हार्मोन्स, टेस्टोस्टेरोन (Testosterone) और एस्ट्रोजन (Estrogen) का निर्माण होता है। टेस्टोस्टेरोन पुरुष का हार्मोन है जबकि एस्ट्रोजन महिलाओं वाला हार्मोन है। पुरुषों में सामान्य रूप से टेस्टोस्टेरोन हार्मोन, एस्ट्रोजन के मुकाबले ज्यादा उत्पन्न होता है। उम्र बढ़ने के साथ साथ हमारे रक्त में मेल हार्मोन की कमी होती जाती है और एस्ट्रोजन की मात्रा लगातार बढ़ती जाती है। एस्ट्रोजन का रेशिओ बढ़ने के कारण प्रोस्टेट ग्लैंड की कोशिकाएं भी बढ़ने लगती हैं। यही कारण है कि अधिक उम्र होने पर पौरुष ग्रंथि अनचाहे रूप से बढ़ती है। 

  • अगर परिवार में किसी को BPH की समस्या है तो यह आप में भी हो सकती है। इसलिए लक्षण नजर आने पर बिना देरी किए डॉक्टर से मिलें।
  • पौरुष ग्रंथि बढ़ने के और भी कई कारण हो सकते हैं। लेकिन इन कारणों का पता अब तक नहीं लग पाया है। यही वजह है कि एस्ट्रोजन हार्मोन के बढ़ते रेशिओ को इसका मुख्य कारक माना जाता है।
  • हृदय रोग, टाइप 2 डायबिटीज, असामान्य ब्लड प्रेशर या फिर अधिक मोटापा होने पर भी पौरुष ग्रंथ का आकार बढ़ने लगता है।
  • जो लोग कभी व्यायाम नहीं करते हैं, उनमें भी यह समस्या देखने को मिल सकती है।

बढे हुए प्रोस्टेट ग्लैंड का परीक्षण – Diagnosis of Enlarged Prostate Gland in Hindi

बढ़े हुए प्रॉस्टेट ग्लैंड का पता लगाने के लिए डॉक्टर कई तरह के सवाल जवाब और परीक्षण कर सकते हैं:-

यूरिन टेस्ट (Urine Test)

इस टेस्ट में आपके पेशाब की जांच की जाती है और उन लक्षणों का पता लगाया जाता है जो पौरुष ग्रंथि बढ़ने के दौरान उत्पन्न होते हैं।

प्रोस्टेट स्पेसिफिक एंटीजन टेस्ट (Prostate Specific Antigen Test – PSA)

‘PSA’ एक तरह का पदार्थ है जो हमारे प्रोस्टेट ग्लैंड में पाया जाता है। प्रोस्टेट ग्लैंड के बढ़ने के साथ साथ इसकी मात्रा में भी इजाफा होता है। हालांकि, प्रोस्टेट कैंसर होने पर भी इसकी मात्रा बढ़ जाती है इसलिए यह टेस्ट करवाना बहुत आवश्यक है।

डिजिटल रेक्टम टेस्ट (Digital Rectum Test)

इस टेस्ट में आपके मलाशय में उंगली डालकर पौरुष ग्रंथि के आकार का पता लगाया जाता है।

ब्लड टेस्ट (Blood Test)

ब्लड टेस्ट के माध्यम से गुर्दे की समस्याओं का पता लगाया जाता है। पौरुष ग्रंथि के बढ़ने के लक्षण नजर आने पर यह टेस्ट जरूरी हो जाता है।

यूरिनरी फ्लो टेस्ट (Urinary Flow Test)

इस टेस्ट के माध्यम से आपके पेशाब की मात्रा और उसके बहाव का परीक्षण किया जाता है। एक ‘रिसेप्टेकल (Receptacle)’ मशीन से जुड़ा हुआ होता है। इस रिसेप्टेकल में पेशाब करने के बाद सारी जानकारियाँ मशीन के माध्यम से पता लगाई जाती हैं।

ट्रांसरेक्टल अल्ट्रासाउंड टेस्ट (Transrectal Ultrasound Test)

इस टेस्ट में आपके मलाशय में अल्ट्रासाउंड जांचक डाला जाता है जो प्रोस्टेट ग्रंथि के आकार का पता लगाता है। 

प्रोस्टेट बॉयोप्सी टेस्ट (Prostate Biopsy Test)

इसमें आपके प्रोस्टेट ग्रंथि के टिश्यू (Tissue) को ट्रांसरेक्टल (Transrectal) के द्वारा निकाला जाता है। इससे ग्रंथि का परीक्षण होता है और कैंसर के बारे में पता चलता है। 

यूरो डायनेमिक और प्रेशर फ्लो टेस्ट (Euro Dynamic And Pressure Flow Test)

इस टेस्ट में आपके मूत्राशय के अंदर पानी या फिर हवा का प्रयोग कर दबाव को मापा जाता है। इससे यह पता लगाया जाता है कि आपके मूत्राशय की मसल्स (Muscles) किस तरह से काम कर रही हैं।

सिस्टोस्कोपी टेस्ट (Cystoscopy Test)

इस टेस्ट में आपके मूत्राशय के अंदर एक ट्यूब डाली जाती है जिसमें कैमरा और टॉर्च लगा रहता है। इससे आपके मूत्र मार्ग और मूत्राशय के अंदर देखकर स्थिति का पता लगाया जाता है।

प्रोस्टेट ग्लैंड के बढ़ने से बचाव — Prevention From Enlarged Prostate Gland in Hindi

  • पुरुषों को जब बेचैन या फिर तनाव में रहते हैं तो वह पानी और शराब का अधिक सेवन करते हैं। जिसकी वजह से बार बार पेशाब जाने की जरूरत पड़ती है जो कि हानिकारक है। तनाव और बेचैनी से दूरी बनाने के लिए व्यायाम करना सरल उपाय है।
  • पेशाब करते वक्त ज्यादा जोर न लगाएं और थोड़ी अधिक देर तक पेशाब करें। पेशाब करने के बाद आपका मूत्राशय पूरी तरह से खाली हो जाना चाहिए।
  • एंटीबायोटिक का सेवन न करें और दिन में दो से तीन लीटर पानी पीएं|
  • कुछ दवाओं के सेवन से भी प्रोस्टेट ग्लैंड बढ़ने की समस्या होती है। ऐसे में आपको डॉक्टर से चर्चा अवश्य करनी चाहिए। डॉक्टर से उन दवाओं की खुराक कम या फिर दवा खाने के समय में बदलाव करवानी चाहिए।
  • रात में शराब का सेवन बिल्कुल ना करें। इसके अलावा, कैफीन युक्त पदार्थ भी ना खाएं। इस तरह के पदार्थ किडनी को मूत्र का उत्पादन करने के लिए प्रेरित करते हैं जिसके कारण मूत्राशय कि मांसपेशियों पर प्रभाव पड़ता है। 

बढे हुए प्रोस्टेट ग्लैंड का इलाज – Treatment of Enlarged Prostate Gland in Hindi

पुरुष ग्रंथि बढ़ने के इलाज में कई सारी थेरेपीज (Therapies) और मेडिकेशन (Medications) शामिल हैं। कौन सा इलाज आपके लिए बेहतर है, यह कुछ कारणों पर निर्भर करता है जैसे:-

  • आपकी उम्र
  • आपका स्वास्थ्य
  • पौरुष ग्रंथि का आकार
  • कौन और किस तरह की परेशानियां होती हैं?

बढे हुए प्रोस्टेट ग्लैंड का मेडिकेशन द्वारा इलाज – Medication of Enlarged Prostate Gland in Hindi

पौरुष ग्रंथि बढ़ने के अधिकतर मामलों को दवाइयों के माध्यम से ही ठीक किया जा सकता है। बहुत से मामलों में तो उपचार की जरूरत भी नहीं होती है क्योंकि यह स्वयं ही सामान्य हो जाते हैं। कई तरह के मेडिकेशन इलाज बढ़े हुई प्रोटेस्ट ग्लैंड को ठीक कर सकते हैं जो इस प्रकार हैं:-

  • अल्फा रिडक्टेस इनहिबिटर (Alpha Reductase Inhibitors)

यह दवाइयां सीधा उन हार्मोन्स पर असर करती हैं जो प्रोस्टेट ग्लैंड को बढ़ाने के लिए जिम्मेदार होती हैं। इस दवा के सेवन से प्रोस्टेट ग्रंथि का आकार सामान्य हो जाता है।

  • अल्फा ब्लॉकर (Alpha Blocker)

इन दवाइयों के सेवन से ग्रंथि और मूत्राशय के टिश्यू को ढीला किया जा सकता है। इससे रोगी को बहुत राहत मिलती है। 

  • कांबिनेशन ड्रग थेरेपी (Combination Drug Therapy)

जब ऊपर बताई गई कोई भी दवाएं असर नहीं दिखाती हैं तो कंबीनेशन ड्रग थेरेपी इस्तेमाल में लाई जाती है। इस थेरेपी में अल्फा रिडक्टेस इनहिबिटर (Alpha Reductase Inhibitors) और अल्फा ब्लॉकर (Alpha Blocker) दोनों को साथ में प्रयोग किया जाता है।

बढे हुए प्रोस्टेट ग्लैंड का सर्जिकल थेरेपी से इलाज – Surgical Therapy of Enlarged Prostate Gland in Hindi

सर्जरी के माध्यम से भी पौरुष ग्रंथि के बढ़ रहे आकार को कम किया जा सकता है। प्रोस्टेट के आकार को कम करने के लिए कुछ खास सर्जरी को प्रयोग में लाया जाता है जिनका जिक्र हम नीचे कर रहे हैं।

  • ट्रांसयूरेथरल रिसेक्शन ऑफ प्रोस्टेट (Transurethral Resection of Prostate)

इस सर्जरी में लाइटेड स्कोप (Lighted Scope) को आपके मूत्र मार्ग में डाला जाता है और फिर सर्जरी की जाती है। इसमें आपके आउटर प्रोस्टेट (Outer Prostate) के हिस्से को पूरी तरह से निकाल दिया जाता है। सर्जरी के बाद मूत्र का तेज बहाव देखने को मिल सकता है। इस सर्जरी के बाद पेशाब करने के लिए कैथिटर (Catheter) को प्रयोग में लाया जाता है। 

  • ट्रांसयूरेथरल चीरा (Transurethral Incision)

इस सर्जरी का इस्तेमाल उन समस्याओं में किया जाता है जिनमें पौरुष ग्रंथि का आकार ज्यादा बड़ा नहीं होता है। सर्जन लाइटेड स्कोप को मूत्र मार्ग में डालते हैं और प्रोस्टेट में छोटे छोटे चीरा लगाते हैं। ऐसा करने के बाद बिना अधिक दबाव के मूत्र आसानी से निकल पाता है।

  • ट्रांसुरेथरल माइक्रोवेव थर्मो थेरेपी (Transurethral Microwave Thermotherapy)

इस थेरेपी में मूत्र मार्ग में एक इलेक्ट्रोड प्रोस्टेट (Electrode Prostate) को पहुंचाया जाता है जिनमें माइक्रोवेव थर्मल एनर्जी (Microwave Thermal Energy) होती है। यह एनर्जी अंदर से ही प्रोस्टेट के बढ़े हुए आकार को खत्म करके छोटा बना देती है। यह सर्जरी स्थाई नहीं होती है। यानी कि इस सर्जरी के बाद भी उपचार की आवश्यकता हो सकती है। यह थेरेपी आसान है और इसका उपयोग तब किया जाता है जब ग्रंथि का आकार ज्यादा बड़ा नहीं होता है।

  • ओपन प्रोस्टेटक्टोमी (Open Prostatectomy)

इस सर्जरी के दौरान सर्जन पेट के निचले हिस्से में चीरा लगाते हैं और पौरुष ग्रंथि तक पहुंच कर बढ़े हुए टिश्यू को ठीक कर देते हैं। यह सर्जरी तब इस्तेमाल में लाई जाती है जब प्रोस्टेट का इलाज मूत्र मार्ग से करना संभव नहीं होता है या फिर ग्रंथि का आकार बहुत बड़ा हो जाता है।

  • ट्रांसयूरेथरल नीडल एब्लेशन (Transurethral Needle Ablation)

इस प्रक्रिया के दौरान पुरुष के प्रोस्टेट ग्लैंड तक एक सुई डाली जाती है जिसके माध्यम से रेडियोएक्टिव (Radioactive) लाइट को भेजा जाता है। इससे अनचाहे टिश्यू को नष्ट कर दिया जाता है।

सर्जिकल थेरेपी (Surgical Therapy) का इस्तेमाल करना है या नहीं यह कुछ कारकों पर निर्भर करता है। जैसे:- 

  • इस थेरेपी का इस्तेमाल तभी किया जाएगा जब समस्या गंभीर हो
  • सभी दवाइयों का इस्तेमाल कर लेने के बावजूद आराम नहीं मिलने पर
  • मूत्राशय में पथरी, किडनी में समस्या या फिर मूत्र मार्ग के ब्लॉक होने पर
  • अगर आप खुद बढ़ रहे प्रोस्टेट ग्लैंड का इलाज सर्जिकल थेरेपी से कराना चाहते हों

कुछ ऐसे कारक जिनके होने पर सर्जिकल थेरेपी नहीं की जा सकती

  • अगर आप पहले से प्रोटेस्ट रेडिएशन थेरेपी (Prostate Radiation Therapy) करा चुके हैं या फिर मूत्र मार्ग की सर्जरी करा चुके हैं तो सर्जिकल थेरेपी से आपका इलाज नहीं किया जा सकता है।
  • मूत्राशय में संक्रमण होने पर 
  • अगर आप किसी न्यूरोलॉजिकल (Neurological) बीमारी से ग्रसित हैं तब भी इस थेरेपी से इलाज नहीं किया जा सकता है।

लेजर थेरेपी से करें बढे हुए प्रोस्टेट ग्लैंड का इलाज – Treat Enlarged Prostate Gland With Laser Therapy in Hindi

इस थेरेपी में हाई एनर्जी लेजर को प्रोस्टेट पर दागा जाता है जिससे टिश्यू नष्ट हो जाते हैं। यह थेरेपी बहुत ही आसान है और इसमें साइड इफेक्ट्स का ज्यादा खतरा भी नहीं रहता है। इलाज के लिए यह थेरेपी केवल तब अपनाई जा सकती है जब पहले से कोई अन्य इलाज नहीं किया गया हो। लेजर थेरेपी से इलाज करने में दो प्रोसीजर (Procedure) अपनाए जाते हैं।

  1. इनूक्लिएटिव प्रोसीजर (Enucleation Procedure) – इस लेजर थेरेपी में उन टिश्यूज को पूरी तरह से खत्म कर दिया जाता है जो पेशाब मार्ग में ब्लॉकेज उत्पन्न करते हैं। यह थेरेपी आगे भी अनचाहे टिश्यूज को पनपने से रोकती है। आपको प्रोस्टेट कैंसर है या नहीं, इस बात का पता लगाने के लिए भी निकाले गए टिश्यू का टेस्ट किया जाता है। 
  2. एब्लेटिव प्रोसीजर (Ablative Procedure) इस प्रक्रिया में अनचाहे टिश्यूज का वाष्पीकरण कर दिया जाता है जिससे अवरुद्ध मूत्र मार्ग से राहत मिलती है और मूत्र प्रवाह पहले से बेहतर हो जाता है। 

लेजर ट्रीटमेंट’ उपचार का सबसे बढ़िया विकल्प माना जाता है क्योंकि इसमें मरीज को दर्द नहीं होता है और यह प्रक्रिया कम से कम समय में पूरी हो जाती है। बढ़े हुए प्रोस्टेट का इलाज लेज़र ट्रीटमेंट के जरिए कराने के लिए आप Pristyn Care से संपर्क कर सकते हैं।

बढे हुए प्रोस्टेट ग्लैंड का घरेलू इलाज — Home Remedies For Enlarged Prostate in Hindi

घरेलू नुस्खों का इस्तेमाल हम सदियों से करते चले आ रहे हैं। हर छोटी से छोटी और बड़ी से बड़ी बीमारी का इलाज घरेलू उपायों की मदद से किया जा सकता है। Prostate Enlargement Treatment in Hindi बढ़ते प्रोस्टेट की समस्याओं को दूर करने के लिए भी कुछ घरेलू उपाय यानी की नुस्खे मौजूद हैं जिनकी मदद से इस बीमारी को काफी हद तक कम किया जा सकता है। हम नीचे उन्ही चीजों के बारे में विस्तार से बता रहे हैं।    

  • खुद को गर्म (Warm) रखें 
  • हल्का फूलका व्यायाम कारें 
  • शाम के वक्त सीमित मात्रा में पानी पिएं
  • अपने वजन और फिटनेस का खास ध्यान रखें 
  • हमेशा फ्रेश और एक्टिव रहने की कोशिश करें 
  • दिन में दो लीटर तक तरल पदार्थ को सीमित रखें 
  • हर तीन घंटे में यूरिन पास करने की कोशिश करें 
  • रात में खाना खाने के बाद तरल पदार्थ लेने से बचें 
  • नशीली चीजों एवं कैफीन का सेवन कम या बंद कर दें 
  • ठंडा मौसम और निष्क्रियता यूरिन पास होने में बढ़ाएं पैदा करते हैं, इनका ध्यान रखें 

बढे हुए प्रोस्टेट ग्लैंड के दौरान इन चीजों का सेवन करें — Add These In Your Diet During Enlarged Prostate in Hindi

  • दूध (Milk)
  • अंडे (Eggs)
  • सोया (Soya)
  • पनीर (Cheese)
  • चिकन (Chicken)
  • मछली (Fish)
  • टमाटर (Tomato)
  • एवोकाडो (Avocado)
  • हरी सब्जियां (Green Vegetables)

बढे हुए प्रोस्टेट ग्लैंड के दौरान इन चीजों से परहेज करें — Avoid These During Enlarged Prostate in Hindi

  • शराब (Alcohol)
  • तंबाकू (Tobacco)
  • सिगरेट (Cigarette)
  • रेड मिट (Red Meat)
  • कार्बन युक्त पेय
  • चाय और कॉफी 
  • वसा युक्त आहार 
  • पानी कम मात्रा में पिएं

अगर प्रोस्टेट के साथ पथरी भी है तो इन चीजों से परहेज करें — Prostate Ke Sath Pathri Hone Par In Chijon Se Parhej Karen

कई मामलों में प्रोस्टेट के साथ साथ पथरी होने की समस्या भी सामने आई है। Prostate Enlargement in Hindi अगर आप भी प्रोटेस्ट के साथ साथ पथरी से भी पीड़ित हैं तो आपको अपने खान पान पर खास ध्यान देने की आवश्यकता है। नीचे हम आपको उन चीजों के बारे में बता रहे हैं जिनसे आपको परहेज करना चाहिए। prostate ka ilaj क्योंकि इनका सेवन आपकी परेशानियों को और बढ़ा सकता है।    

  • मेवे (Nuts)
  • काजू (Cashew)
  • अंजीर (Fig)
  • पालक (Spinach)
  • चॉकलेट (Chocolates)
  • काली चाय (Black Tea)
  • फल बेरिया  (Fruit Berea)
  • आलूबुखारा (Plum)
  • बादाम (Almond)
  • सोयाबीन (Soya)
  • मूंगफली के दाने (Peanut)
  • टोफू और अन्य सोया उत्पाद 

प्रोस्टेट ग्लैंड हमारे शरीर का एक प्रमुख ग्लैंड हैं जो शरीर के कई कामों में अपना योगदान देता है। Prostate Enlargement in Hindi प्रोस्टेट के खराब होने पर शरीर को बहुत सी समस्याओं का सामना करना पड़ता है। इसलिए इसका इलाज पूरी तरह से घरेलू नुस्खे के भरोसे छोड़ देना सही नहीं है। अगर प्रोस्टेट बढ़ने के लक्षण नजर आते हैं तो आपको को तुरंत डॉक्टर से मिलकर इसकी जांच और इलाज करानी चाहिए।

बढे हुए प्रोस्टेट ग्लैंड के लिए व्यायाम — Exercise For Enlarged Prostate in Hindi 

कीगल व्यायाम इस समस्या में बहुत फायदेमंद होता है। इस व्यायाम में अपने यूरिन को रोकने वाली मांपेशियों को 10 सेकेंड तक जोर से सिकोड़ कर रखें और फिर ढीला छोड़ दें। Prostate Enlargement Treatment in Hindi इस प्रक्रिया को लगभग 10 बार दोहराएं। दिन में चार से पांच बार कीगल व्यायाम करने से प्रोस्टेट के बढ़ने की समस्या खत्म हो जाती है। इसके अलावा, आप पेल्विक की मांपेशियों वाला व्यायाम भी कर सकते हैं। व्यायाम से संबंधित किसी भी तरह की कोई परेशानी या कन्फ्यूजन होने पर आप डॉक्टर से मिलकर इस बारे में बात कर सकती हैं। 

बढे हुए प्रोस्टेट ग्लैंड के लिए योग — Yoga To Treat Enlarged Prostate in Hindi

योग में हर एक समस्या का समाधान मौजूद है। Prostate Ka Ilaj in Hindi योग की मदद से भी बढ़ते प्रोस्टेट को कंट्रोल करने में काफी हद तक फायदा होता है। नीचे हम कुछ योग आसनों के बारे में बता रहे हैं जिनकी मदद से आप अपने प्रोस्टेट की समस्या से छुटकारा पा सकते हैं।

  • मंडूकासन (Mandukasana)
  • परिपूर्ण नावासन (Paripurn Navasana)
  • अर्द्ध मत्स्येन्द्रासन (Ardha Matsyendrasana)

बढे हुए प्रोस्टेट ग्लैंड का आयुर्वेदिक इलाज — Ayurveda Treatment For Enlarged Prostate in Hindi 

प्रोस्टेट ग्लैंड के बढ़ने और पेशाब से संबंधित समस्याओं में Prostate Ka Ilaj Hindi Me आयुर्वेदिक इलाज काफी प्रभावशाली और फायदेमंद साबित हो सकते हैं। आइए, इनके बारे में जानते हैं।

बढे हुए प्रोस्टेट ग्लैंड के लिए खास है गोखरू — Enlarged Prostate Ke Liye Khas Hai Gokhru 

प्रोस्टेट और यूरिनरी ट्रैक्ट के इंफेक्शन और दर्द को दूर करने में गोखरू जड़ी बहुत लाभकारी साबित होता है। Prostate Ka Ilaj in Hindi इतना ही नहीं, यह यूरिनरी ब्लैडर के स्टोन को छोटे छोटे टुकड़ों में तोड़कर उन्हें यूरिन के रास्ते शरीर से बाहर निकाल देता है। यह जड़ी उन लोगों के लिए सबसे ज्यादा फायदेमंद साबित होता है जो प्रोस्टेट के साथ साथ पथरी से भी पीड़ित होते हैं। गोखरू का सेवन करने के लिए आप इसका चूर्ण भी तैयार कर सकते हैं और अगर आप चाहें तो इसका काढ़ा भी बना सकते हैं। 

कचनार बढे हुए प्रोस्टेट ग्लैंड का बढ़िया इलाज है — Kachnar Badhte Prostate Ka Best Ilaj Hai  

प्रोस्टेट के साथ साथ शरीर में होने वाले दूसरे भी गांठों के दर्द और सूजन को दूर करने में कचनार बहुत बड़ी भूमिका निभाता है। Prostate Ka Ilaj Hindi Me कचनार के स्किन का चूर्ण तैयार करने के बाद रोजाना सुबह शाम एक एक चम्मच सेवन करने से प्रोस्टेट में काफी हद तक राहत मिलती है। आप चाहें तो इसके स्किन का काढ़ा भी बना सकते हैं। इसका काढ़ा तैयार करने के बाद आप लगभग 50 मिलीमीटर की मात्रा में सुबह शाम इसका सेवन कर सकते हैं। 

पुनर्नवा की मदद से बढे हुए प्रोस्टेट ग्लैंड को कम किया जा सकता है — Punarnava Ki Madad Se Badhte Prostate Ko Kam Kiya Ja Sakta Hai 

यह शरीर में खून की मात्रा को बढ़ाने में मदद कर शरीर का फिर से नवनिर्माण करता है। यही वजह से है इसे पुर्ननवा के नाम से जाना जाता है। prostate ka ilaj यूरिनरी सिस्टम, प्रोस्टेट और शरीर के सूजन तथा दर्द को दूर करने में यह जड़ी बहुत बड़ी भूमिका निभाती है। अगर आप अपने प्रोस्टेट की समस्या से छुटकारा पाना चाहते हैं तो पुनर्नवा का इस्तेमाल कर सकते हैं।  

निष्कर्ष — Conclusion 

प्रोस्टेट की समस्या होने पर किसी भी तरह के इलाज का इस्तेमाल करने से पहले एक बार डॉक्टर से अवश्य मिलना चाहिए। वे आपकी बीमारी की जांच करने के बाद इस बात का फैसला करते हैं की आपके लिए इलाज का कौन सा माध्यम सबसे प्रभावशाली और सुरक्षित है। प्रोस्टेट की समस्या को दूर करने की नियत से अपने मन मुताबिक किसी भी चीज का सेवन या उससे परहेज करना आपके लिए नुकसानदायक हो सकता है।     

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