अगर आप बवासीर और भगंदर को एक ही रोग मान रहे हैं तो यह आपकी गलतफहमी है। दरअसल, भगंदर एक ऐसा रोग है जिसमें किसी दो अंगों या नसों के बीच जोड़ बन जाता है। जैसे जैसे यह जोड़ खाली होता है इसमें पस और खून भी भर जाता हैं। देखा जाए तो भगंदर की समस्या व्यक्ति के एनस के रास्ते वाली जगह पर होती है। इस अवस्था में व्यक्ति के आंत का आखिरी हिस्सा एनस के पास की स्किन से जुड़ जाता है।

ज्यादातर मामलों में गुदा मार्ग में पहले से बने पस की वजह से भगंदर होता है। जब पस बाहर निकलने के लिए रास्ता बनाता है तो गुदा मार्ग और स्किन के बीच एक नली बन जाती है। जब नली खुद को हील नहीं कर पाती है और खुली रह जाती है तो भगंदर की समस्या सामने आती है। इतना ही नहीं, भगंदर का इलाज करने के लिए डॉक्टर सर्जरी की मदद से नली में जमा हुए पस को बाहर निकालकर नली को करते हैं।

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एक नजर

  • भगंदर और बवासीर दोनों ही अलग रोग हैं।
  • Pristyn Care में भगंदर का इलाज लेजर ट्रीटमेंट के जरिये किया जाता है|
  • हमारे यहां इलाज कराने पर आपको बहुत सी सुविधाएं मुफ्त में प्राप्त होती हैं|
  • योनि मार्ग पर होने वाले भगंदर को Anal Fistula कहा जाता है।

भगंदर के कारण — Causes of Fistula in Hindi

भगंदर के ज्यादातर मामले एनस या एनस के रास्ते में पस से भरे हुए फोड़े की वजह से होते हैं। जब यह पस एनस से निकलता है तो एक सुरंग बना देता है। यह सुरंग आपके आंत और एनस को जोड़ने का काम करती है। इसके अलावा भी कई भौतिक या शारीरिक कारण हैं जो भगंदर का कारण बन सकते हैं। जैसे:– 

  • क्रोहन नामक रोग होने के स्थिति में।
  • टीबी या एड्स से पीड़ित होने पर।
  • आंत की परत में सूजन होने पर।
  • एनस के आसपास सर्जरी होने।
  • एनस के आसपास चोट लगने जाने पर|
  • धूम्रपान करने और शराब पीने के कारण|
  • एनस क्षेत्र या उसके आसपास रेडिएशन ट्रीटमेंट कराना भी भगंदर के कारणों में से एक है।

भगंदर के लक्षण — Symptoms of Fistula in Hindi

भगंदर की पहचान कुछ लक्षणों की मदद से की जा सकती हैं। डॉक्टर कुछ ऐसे खास लक्षणों का जिक्र करते हैं जिनकी मदद से भगंदर की पहचान काफी आसानी से की जा सकती है। आइये उन लक्षणों के बारे में जानते हैं।

  • अगर एनस के रास्ते में बार बार फोड़ा होता है तो यह भगंदर की वजह हो सकता है।
  • एनस क्षेत्र में दर्द और सूजन की स्थिति होना।
  • एनस के रास्ते में पस या खून निकलने पर भी भगंदर होने की आशंका होती है।
  • एनस के आसपास एक गहरा या हल्का छेद और उससे बदबूदार पस का स्राव होना।
  • एनस क्षेत्र में भारी जलन होने भगंदर की ओर इशारा करता है। पस के बार बार बाहर निकलने की वजह से यह जलन होती है।
  • पेट में कब्ज बना रहना और मलत्याग करते वक्त एनस क्षेत्र में जलन होना।

भगंदर के प्रकार – Types of Fistula in Hindi

भगंदर दो प्रकार के होते हैं।

  1. सामान्य या जटिल फिस्टुला (Simple or Complex) – अगर एक भगंदर है तो उसे सामान्य (Simple Fistula)कहा जाता है और एक से अधिक भगंदर होने जटिल भगंदर कहते हैं।
  2. लो या हाई फिस्टुला (Low or High Fistula) – भगंदर होने की जगह के आधार पर इसे लो या हाई का भी नाम दिया गया है। अगर भगंदर स्फिंकटर मसल्स (दो ऐसी मांसपेशीयां जो एनस के रास्ते को खोलने या बंद करने का काम करती है) के एक तिहाई हिस्से पर है तो उसे लो फिस्टुला कहा जाता है। लेकिन अगर भगंदर स्फिंकटर मसल्स को पूरी तरह से कवर कर चुका है तो उसे हाई फिस्टुला कहा जाता है।

भगंदर के 10 घरेलू उपाय – 10 Home Remedies For Fistula in Hindi

आज हम आपको भगंदर का इलाज करने के लिए घर में आजमाने वाले घरेलू उपायों के बारे में बताएंगे जिसकी मदद से आपको भगंदर के जलन, सूजन और दर्द से काफी हद तक राहत मिलेगी। लेकिन ध्यान दें, डॉक्टर से सलाह लिए बिना किसी भी ट्रीटमेंट या उपाय का इस्तेमाल नहीं करना चाहिए। अगर आप पहले ही किसी डॉक्टर से भगंदर का इलाज ले रहे हैं तो नीचे दिए गए किसी भी bhagandar ke gharelu nuskhe aur upay उपाय को आजमाने से पहले डॉक्टर की सलाह जरूर लें।

हल्दी वाले दूध से करें भगंदर का देशी उपचार – Turmeric Milk For Fistula in Hindi

Turmeric Milk

भगंदर एक बैक्टीरियल इंफेक्शन (Bacterial Infection) की वजह से होता है। घर में इसके इलाज के लिए हल्दी इस्तेमाल की जा सकती है। हल्दी में एंटीबैक्टीरियल गुण मौजूद होते हैं जो बैक्टीरिया को खत्म करते हैं और भगंदर को बढ़ने से रोकते हैं। इसमें एंटी-बायोटिक गुण भी पाए जाते हैं जो शरीर के इम्यून सिस्टम को बेहतर बनाते हैं। अगर आप हल्दी और दूध का सेवन करते हैं तो इससे भगंदर में काफी राहत मिल सकती है। एक गिलास दूध में एक चम्मच शहद और भूनी हुई हल्दी मिलाकर रोज सोने से पहले उसका सेवन करें। शहद मिलाने से हल्दी के एंटीबैक्टीरियल गुण में बढ़ोतरी होती है। 

भगंदर दूर करने के लिए आजवायन के पत्ती का तेल इस्तेमाल करें – Oregano Leaves Oil For Fistula in Hindi

oregano leaves oil

घर बैठे भगंदर का इलाज करने के लिए आजवाइन के पत्ती से निर्मित तेल आपके लिए फायदेमंद साबित हो सकता है। कई शोध के जरिये यह प्रमाणित किया गया है कि आजवाइन में एंटीबैक्टीरियल (Antibacterial), एंटी-इंफ्लेमेटरी (Anti-inflammatory), एंटी-वायरल (Antiviral) और एंटीबायोटिक (Antibiotic) गुण मौजूद होते हैं। आजवाइन के तेल का सेवन करने से कब्ज, एनस मार्ग की सूजन और दर्द में राहत मिलती है। इसके सेवन से आंत में चल रही हलचल कम और एनस के रास्ते में होने वाली ब्लीडिंग भी बंद हो हो जाती है। इस तरह से यह आपके भगंदर को खत्म कर सकता है।

इसके अलावा आजवाइन के तेल का सेवन करने से पेट से संबंधित कई तरह की समस्याएं दूर हो जाती हैं। इस तेल का इस्तेमाल करने से शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता भी बढ़ती है। एक गिलास गुनगुने पानी में एक बड़े चम्मच से आजवाइन के तेल को अच्छी तरह से मिलाने के बाद उसे दिन में 2-3 बार पीएं। कुछ दिनों तक इसका सेवन करने से आपके भगंदर की समस्या खत्म हो सकती है।

प्याज या लहसुन का सूप आसानी से दूर कर देगा भगंदर की समस्या Garlic and Onion Soup For Fistula in Hindi

Garlic and onion soup

प्याज में सल्फर की भरपूर मात्रा पाई जाती है जबकि लहसुन में एंटीबैक्टीरियल (Antibacterial) और एंटी-फंगल (Anti-fungal) गुण पाए जाते हैं। दोनों का कॉम्बिनेशन भगंदर के लिए एक बहुत ही बेहतर उपाय है जो आसानी से Fistula Ka Home Treatment कर सकता है इसके साथ दोनों का मिश्रण पीने मात्र से आपकी इम्युनिटी बेहतर हो जाती है जो आपके शरीर को वायरल इंफेक्शन (Viral Infection) से बचाने में मदद करता है। एक तरह से देखा जाए तो यह एंटीबायोटिक का काम करता है।

प्याज और लहसुन का सूप तैयार करने के लिए एक मध्यम आकार की प्याज, थोड़ी मात्रा में लहसून और एक कप पत्तागोभी की जरूरत होती है। सबसे पहले आप लहसुन, प्याज और पत्तागोभी को बारीक काट लें। इसके बाद इन तीनों को पानी में डालकर तब तक उबालें जब तक पानी का रंग पूरी तरह से बदल नहीं जाए। जैसे ही पानी का रंग बदल जाता है, इसे दो मिनट तक और उबालें और गैस बंद कर दें। जब पानी ठंडा हो जाए तब इसे आप पी सकते हैं।

यह सूप आपके एनस के पास की सूजन को सिर्फ एक घंटे में ही ठीक कर सकता है, साथ ही यह स्टूल पास करने के दौरान होने वाले दर्द को भी कम करता है।

पपीता है भगंदर का रामबाण घरेलू उपाय – Papaya To Cure Fistula in Hindi

Use papaya

कई बार भगंदर का कारण कब्ज और पेट में होने वाली हलचल होती है। कब्ज की वजह से भगंदर के दौरान मल त्याग करने में बहुत परेशानी होती है। पपीता के सेवन से पेट का कब्ज सही हो जाता है और मलत्याग करते वक्त आपको सुविधा होती है। साथ ही यह आपके पूरे शरीर को Detox भी करता है।

भगंदर का घरेलू इलाज करने के लिए आप एक पका हुआ पपीता लें। सबसे पहले इस पपीते के छिलके को बाहर निकाल निकालें और फिर आप इसे छोटे छोटे टुकड़ों में काटकर फ्रिज में रख दें। जब यह ठंडा हो जाए तब आप इसका सेवन करें। अगर आप सुबह के नाश्ते में पपीता का हलवा शामिल करते हैं तो यह आपके भगंदर को ठीक करने के लिए एक अच्छा उपाय साबित हो सकता है।

पत्तागोभी भगंदर दूर करने का बेहतर उपाय है Cabbage is Best Home Remedies For Fistula in Hindi

Cabbage

पत्तागोभी उच्च प्रोटीन और उच्च फाइबर का एक बेहतरीन स्त्रोत है। यह मल त्याग करने में आपकी मदद और धीरे धीरे भगंदर को हील करने में आपकी मदद कर सकता है। इसमें प्रोटीन और फाइबर भरपूर मात्रा में पाए जाते हैं जो मल मार्ग को साफ और मल को मुलायम बनाने का काम करते है। जिससे आपको मल त्याग करते समय ज्यादा परेशानी का सामना नहीं करना पड़ता है।

आप चाहे तो पत्तागोभी का सूप बनाकर पी सकते हैं। सूप बनाने के लिए आपको दो कप कटी हुई पत्ता गोभी को पानी में उबालना है। जब पत्ता गोभी अच्छी तरह से उबल जाए और पानी का रंग पूरी तरह से बदल जाए तब पानी को छान दें। फिर उस पानी में स्वादानुसार काला नमक मिलाएं और एक चम्मच सोंठ का चूर्ण मिलाकर उसका सेवन करें।

टी ट्री आयल भगंदर के लिए सबसे बढ़िया घरेलू नुस्खा है Tea Tree Oil is Best For Fistula in Hindi 

Use Tea tree oil

टी ट्री आयल (Tea Tree Oil) में एंटीबैक्टीरियल और एंटीवायरल गुण मौजूद होते हैं जो किसी भी जख्म को आसानी से भर सकते हैं। इसका इस्तेमाल भगंदर के जख्म को भरने के लिए किया जा सकता है। इसे इस्तेमाल करने का तरीका, एक चम्मच जैतून तेल और एक चम्मच टी ट्री आयल को एक साथ मिलाने के बाद इसे एक कॉटन के कपड़े की मदद से भगंदर से प्रभावित क्षेत्र पर लगाएं। कुछ दिनों तक लगातार ऐसा करने से आपके भगंदर की बीमारी दूर चली जाती है

निर्गुण्डी का तेल भगंदर का दमदार घरेलू उपाय है Nirgundi Oil is Best For Fistula in Hindi

निर्गुंडी का तेल उन बैक्टीरिया को नष्ट करता है जो भगंदर का कारण होते हैं। भगंदर से छुटकारा पाने के लिए आप निर्गुंडी के तेल को कॉटन के कपड़े की मदद से भगंदर पर लगा सकते हैं। इससे आपको राहत मिलेगी।

लौंग की मदद से पाएं भगंदर से छुटकारा Cloves For Fistula in Hindi

cloves

लौंग में एंटीबैक्टीरियल और एंटीवायरल गुण पाए जाते हैं जो आपके आमाशय स्वास्थ्य को बेहतर बनाने का काम करते हैं। इसके लिए आप लौंग का एक चम्मच चूर्ण तैयार करें और अदरक वाली चाय में इस लौंग को मिलाकर पी लें। कुछ दिनों तक इसका सेवन करने के बाद आप अपने एनस मार्ग में बदलाव देख पाएंगे।

अंगूर के बीज का अर्क करेगा भगंदर का इलाज Grapefruit Seed Extract is Best For Fistula in Hindi 

Grapefruit seed

अंगूर के बीज का अर्क एंटीबायोटिक की तरह काम करता है जो भगंदर को काफी आसानी से ठीक कर सकता है। इसका इस्तेमाल करने के लिए सबसे पहले आप अंगूर के बीज के अर्क को प्रभावित क्षेत्र पर लगभग 20 मिनट तक लगाएं और फिर ठंडे पानी की मदद से इसे धो दें। यह अर्क आपके गड्ढे को भरने और दर्द एवं सूजन को कम करने में मददगार साबित हो सकता है। 

आरोग्यवर्धिनी वटी है भगंदर का चमत्कारी इलाज Arogyavardhini Vati For Fistula in Hindi

आरोग्यवर्धिनी वटी पाचन तंत्र से संबंधित कई समस्याओं को खत्म कर मल त्याग को आसान बनाती है। इसका इस्तेमाल करने से भगंदर के दौरान होने वाली समस्याएं ज्यादा विकराल रूप नहीं ले पाती हैं। भगंदर का इलाज करने के लिए आप आरोग्यवर्धिनी वटी का इस्तेमाल पानी के साथ कर सकते हैं।

निष्कर्ष Conclusion

कुछ घरेलू उपाय की मदद से आप भगंदर के दौरान होने वाली परेशानियों को काफी हद तक कम कर सकती हैं। लेकिन यह भी समझना आवश्यक है की घरेलू इलाज हमेशा बीमारी को जड़ से खत्म करने में कामयाब नहीं हो पाते है। इसलिए घरेलू इलाज करने के साथ साथ आपको डॉक्टर से मिलकर अपने भगंदर की जांच और बेहतर इलाज के बारे में विस्तार से बात करनी चाहिए। 

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