Hernia Repair -Pristyn Care

रोहन को पेट के निचले हिस्से में दर्द और छूने पर उभरा हुआ महसूस हो रहा था। जब रोहन ने इसके बारे में इंटरनेट पर सर्च किया तो उन्हें पता चला कि यह हर्निया के लक्षण हैं। रोहन ने तुरंत ही एक अच्छे डॉक्टर की खोज शुरू कर दी। आखिरी में उनकी मुलाकात प्रिस्टीन केयर के सीनियर डॉक्टर वैभव कपूर से हुई।

इस लेख में हम हर्निया से जुड़े कई प्रश्नों के उत्तर जानेंगे जिसके बारे में रोहन की डॉक्टर वैभव बात हुई।

हर्निया क्या है — What is Hernia in Hindi

हर्निया एक ऐसी बीमारी है जिसमें शरीर का कोई भी हिस्सा या अंग अपने सामान्य आकार से ज्यादा बड़ा हो जाता है। वैसे यह बीमारी शरीर के किसी भी अंग में अपनी जगह बना सकती है। लेकिन ज्यादातर यह बीमारी पेट में ही देखने को मिलती है। पेट की हर्निया में आंत का आकार सामान्य से ज्यादा बढ़ जाता है और वे बाहर निकल आती हैं। यह समस्या पेट की मांसपेशियों के खराब होने की वजह से होती है।

वैसे कई मामलों में हर्निया के इलाज की आवश्यकता ही नहीं पड़ती है। क्योंकि यह खुद ही ठीक हो जाता है। लेकिन कई मामलों में इसका इलाज करना इतना जरूरी हो जाता है कि अगर इलाज समय पर नहीं किया जाता है तो रोगी की मौत भी हो सकती है। इतना ही नहीं, कई ऐसे भी हर्निया हैं जिन्हें सर्जरी के बगैर शरीर से नहीं निकाला जा सकता है।

हर्निया के लक्षण — Symptoms of Hernia in Hindi

आमतौर पर हर्निया का कोई खास लक्षण नहीं है। लेकिन ज्यादातर मामलों में हर्निया से प्रभावित इंसान नीचे दिये गए लक्षणों को महसूस कर सकते हैं। जैसे:-

  • हर्निया से प्रभावित हिस्सा उभरा हुआ नजर आता है। यह हर्निया का प्रमुख लक्षण माना जाता है।
  • जब आप उभरे हुए हिस्से को छूटे हैं तो वह हिस्सा आपको ठोस और हल्का दर्द महसूस हो सकता है।
  • जिस हिस्से में हर्निया होता है उस हिस्से में उभार के साथ-साथ दर्द भी बना रहता है। 
  • हियातल हर्निया में कुछ खास लक्षण महसूस हो सकते हैं जैसे की सीने में जलन, दर्द और खाने में दिक्कत इत्यादि।
  • उठते, बैठते या दैनिक जीवन के कामों को करने से प्रभावित क्षेत्र में भारी दर्द महसूस होता है।
  • अगर दर्द एक दिन रहता है तो इसे हर्निया नहीं कह सकते हैं। लेकिन अगर दर्द लंबे समय से चला आ रहा है तो हर्निया की तरफ इशारा करता है जिसकी पुष्टि टेस्ट के बाद की जा सकती है।

हर्निया के कारण — Causes of Hernia in Hindi

हर्निया मांसपेशियों की कमजोरी और उनमें खिंचाव के चलते  होता है। 

मांसपेशियों की कमज़ोरी या उनमें खिंचाव के कुछ सामान्य कारण जिससे हर्निया हो सकता है:

  • उम्र बढ़ने से
  • चोट लगने या फिर सर्जरी की वजह से कोई समस्या होना
  • पुरानी खांसी या सीओपीडी (COPD) की समस्या होना
  • ज्यादा व्यायाम करना या फिर भारी वजन उठाना
  • प्रेगनेंसी या फिर मल्टीप्ल प्रेगनेंसी 
  • अधिक वजन या मोटापे से ग्रस्त होना
  • एब्डोमेन में तरल पदार्थ जमा होना 
  • अगर आपके परिवार में कोई पहले से ही हर्निया से पीड़ित हैं
  • लम्बे समय से कब्ज होना
  • पुरानी खांसी होना
  • सिस्टिक फाइब्रोसिस की समस्या
  • धूम्रपान करना 
  • पैदा होने के दौरान वजन कम होना 

हर्निया की जांच — Diagnosis of Hernia in Hindi

जांच करने से पहले डॉक्टर आपसे कुछ प्रश्न कर सकता है जो उन्हें यह पता करने में मदद करते हैं कि क्या वाकई में आपको हर्निया की समस्या है या नहीं। डॉक्टर आपको कुछ देर तक खड़ा रहने और खांसने के लिए कह सकते हैं। 

जांच करने के पहले डॉक्टर आपसे कुछ खास सवाल कर सकते हैं जैसे की:-

  • आपने पहली बार उभार कब नोटिस किया?
  • क्या आपने कोई दूसरे लक्षण का अनुभव किया है?
  • क्या आपको लगता है कि आपके साथ विशेष रूप से ऐसा कुछ हुआ था जिसके कारण हर्निया हो सकती है?
  • अपनी जीवनशैली के बारे में थोड़ा बताइए। क्या आपके व्यवसाय में भारी सामान उठाना शामिल है? क्या आप ज्यादा व्यायाम करते हैं?
  • क्या आपके परिवार में कोई हर्निया से पीड़ित है?
  • क्या आपके पेट या कमर के क्षेत्र में कोई सर्जरी हुई है?
  • क्या आप धूम्रपान करते हैं या फिर अधिक शराब पीते हैं?

ऊपर बताए गए प्रश्नों को पूछने के बाद डॉक्टर कुछ टेस्ट की मदद से यह निश्चित करते हैं कि आपको वाकई में हर्निया की समस्या है या नहीं है। इसके लिए डॉक्टर नीचे दिये गए कुछ ख़ास टेस्ट की सहायता ले सकते हैं।

एब्डोमिनल अल्ट्रासाउंड — Abdominal Cavity
इस टेस्ट में हाई फ्रीक्वेंसी वेव (High Frequency Wave) की मदद से आपके शरीर के आंतरिक अंगों की तस्वीर कंप्यूटर के माध्यम से देखी जाती है

सीटी स्कैन — CT Scan
इस प्रकार के टेस्ट में एक्स-रे (X-rays) की सहायता से कंप्यूटर पर आंतरिक अंगों की तस्वीर का अध्ययन किया जाता है।

एमआरआई — MRI
इस टेस्ट में मैग्नेटिक (Magnetic) और रेडियो वेब (Radio Wave) की मदद से आंतरिक अंगों की स्थिति का पता लगाया जाता है।

अगर ऊपर बताए गए तरीकों से जांच करने के बाद हियातल हर्निया की समस्या पाई जाने पर डॉक्टर आंतरिक अंगों की जांच अच्छी तरह से करने के लिए दो तरह के टेस्ट का सहारा ले सकते हैं।

गैस्ट्रोग्राफिन या बेरियम एक्स-रे — Gastrografin or Barium X-ray

यह एक्स रे आपके पेट के आंतरिक अंगों की तस्वीर बड़ी सफाई से दिखाता है। इस टेस्ट को करने से पहले डॉक्टर रोगी को डायट्रीज़ोएट मेगलुमिन (Diatrizoate Meglumine) और डायट्रीज़ोएट सोडियम (Diatrizoate Sodium or Gastrografin) या एक लिक्विड बेरियम  का सलूशन (Liquid Barium Solution) पीने को कहते हैं।

एंडोस्कोपी — Endoscopy

इस टेस्ट में डॉक्टर आपके गले की नली के माध्यम से एक पतली ट्यूब को आपके पेट में डालते हैं। इस ट्यूब के अंत में एक छोटा सा कैमरा लगा होता है जिसकी मदद से पेट के भीतर के छोटे छोटे अंगों की तस्वीर को कंप्यूटर स्क्रीन पर आसानी से देखा जाता है।

हर्निया के प्रकार — Types Of Hernia in Hindi

वैसे तो हर्निया के कई प्रकार होते हैं। लेकिन नीचे हर्निया के कुछ खास प्रकार के बारे में बताया जा रहा है।

इनगुइनल हर्निया — Inguinal Hernia in Hindi

इनगुइनल हर्निया को ग्रोइन हर्निया के नाम से भी जाना जाता है। इस प्रकार की हर्निया पेट की आंत कमजोर होने, पेट का निचला हिस्सा क्रैक होने या फिर फट जाने के कारण होता है। इनगुइनल कैनाल ग्रोइन में पाई जाती है। यह वह कैनाल है जिसके माध्यम से स्क्रोटम कॉर्ड आपके पेट से स्क्रोटम में जाता है। यह कॉर्ड आपके  टेस्टिकल्स से जुड़ी होती है। इनगुइनल हर्निया ज्यादातर पुरुषों में पाई जाती है। इस हर्निया में पुरुषों के अंडकोष में सूजन आ जाता है। अंडकोष में सूजन होने की वजह से बहुत से लोग इसे हाइड्रोसील भी समझ बैठते हैं।

हियातल हर्निया — Hiatal Hernia in Hindi

यह हर्निया तब होती है जब आपका पेट डाईफ्राम के जरिये चेस्ट कैविटी तक पहुंच जाता है। डाईफ्राम एक मसल है जो सांस लेने और सांस बाहर करने में आपकी मदद करता है और यह आपके पेट में स्थित अंगों को आपकी छाती से अलग करता है। इस प्रकार कि हर्निया अक्सर उन्हें होती है जिनकी उम्र पचास वर्ष से ज्यादा होती है। कई मामलों में यह कम उम्र के लोगों को भी हो सककी है। इस हर्निया से  गैस्ट्रोओसोफेगल रिफ्लक्स की समस्या हो सकती है।

अम्बिलिकल हर्निया — Umbilical Hernia in Hindi

यह हर्निया बच्चों को होती है जिसमें बच्चों की आंत पेट के निचले हिस्से की बेली बटन (Belly Button) के पास स्थित एक दीवार से टकराती है।  इस प्रकार की हर्निया में आप अपने बच्चे की बेली बटन के नीचे एक उभार देख सकते हैं। जब बच्चा बड़ा होने लगता है तब पेट की मांसपेशियां मजबूत होने लगती हैं और यह हर्निया खुद ही ठीक हो जाती है।

इस प्रकार की हर्निया को ठीक होने में लगभग 1 से 2 साल तक का वक्त लग सकता है। अगर बच्चा 5 वर्ष से ज्यादा उम्र का है और फिर भी हर्निया ठीक नहीं हो रही है तो इसेके लिए सर्जरी की जरूरत पड़ सकती है। अम्बिलिकल हर्निया बुजुर्गों या वयस्कों में भी देखने को मिल सकती है। इसकी वजह प्रेगनेंसी और मोटापा जैसे और कई दूसरे कारण हो सकते हैं।

वेंट्रल हर्निया — Ventral Hernia in Hindi

जब पेट की मांसपेशियां कमजोर होती हैं तब टिश्यू (Tissues) बाहर निकल आते हैं। इस प्रकार की हर्निया को वेंट्रल हर्निया कहते हैं। कई दफा यह हर्निया जन्म के समय ही हो सकती है। इस प्रकार कि हर्निया का कारण मोटापा, प्रेगनेंसी या कोई भारी काम करना हो सकता है।

हर्निया का इलाज — Treatment of Hernia in Hindi

बहुत से ऐसे केसेस होते हैं जिसमें हर्निया खुद ही ठीक हो जाती है लेकिन कई ऐसे भी पेशेंट होते हैं जिन्हें हर्निया की समस्या का इलाज कराने के लिए सर्जरी की सहायता लेनी पड़ सकती है। आइये जानते हैं कि हर्निया की सर्जरी कितने प्रकार से की जा सकती है।

हर्निया की सर्जरी – Surgery Of Hernia in Hindi

हर्निया का इलाज करने के लिए दो तरह कि सर्जरी का इस्तेमाल किया जा सकता है।

ओपन सर्जरी — Open Surgery For Hernia in Hindi

ओपन सर्जरी में डॉक्टर हर्निया से प्रभावित क्षेत्र में एक बड़ा कट लगाते हैं और प्रभावित अंग को दोबारा से उसकी सही स्थिति में लाने के बाद उस क्षेत्र को टांके की मदद से बंद कर देते हैं। ओपन सर्जरी में रोगी को स्वस्थ होने में काफी ज्यादा वक्त लग सकता है। इसके अलावा, यह लेप्रोस्कोपिक सर्जरी के मुकाबले ज्यादा दर्दनाक होता है।

लेप्रोस्कोपिक सर्जरी — Laparoscopic Surgery For Hernia in Hindi

लेप्रोस्कोपिक सर्जरी में डॉक्टर मरीज के एब्डोमेन में कुछ छोटे छोटे कट लगाते हैं और लेप्रोस्कोप (Laparoscope) को पेट के भीतर डालते हैं। ‘लेप्रोस्कोप’ एक हाई टेक्नोलॉजी कैमरा है जो आंतरिक अंग को बारीकी से दिखाता है। इसके बाद डॉक्टर लेप्रोस्कोपिक इंस्ट्रूमेंट्स का इस्तेमाल करके हर्निया का इलाज करते हैं। इस सर्जरी को पूरा करने में ज्यादा समय नहीं लगता है और मरीज बहुत जल्दी रिकवर भी हो जाते हैं।

लेप्रोस्कोपिक सर्जरी बेहतर है या ओपन सर्जरी – Laparoscopic Surgery is Better or Open Surgery in Hindi

रोहन, डॉक्टर वैभव से पूछते हैं कि लेप्रोस्कोपिक सर्जरी बेहतर है या ओपन सर्जरी? 

डॉक्टर वैभव समझाते हुए कहते हैं “ओपन सर्जरी के मुकाबले लेप्रोस्कोपिक सर्जरी कई गुना ज्यादा बेहतर है जिसमें रोगी को न ज्यादा दर्द का सामना करना पड़ता है और न ही उनका समय बर्बाद होता है। इसके अलावा उनकी रिकवरी भी जल्दी होती है। लेकिन कई ऐसे मामले होते हैं जिसमें डॉक्टर लेप्रोस्कोपिक सर्जरी की सलाह नहीं देते हैं। हर्निया के बहुत से ऐसे केस होते हैं जिसे सिर्फ और सिर्फ ओपन सर्जरी से ही ठीक किया जा सकता है। हर्निया के प्रकार और उसकी स्थिति को देखने के बाद डॉक्टर यह निर्धारित करते हैं कि आपकी सर्जरी किस प्रक्रिया से करनी है।”

रिकवरी — Recovery

सर्जरी के बाद आप सर्जरी किए गए क्षेत्र के आस पास थोड़ा बहुत दर्द अनुभव कर सकते हैं। जिसके लिए डॉक्टर आपको दवाइयां देते हैं। लेप्रोस्कोपिक सर्जरी के मुकाबले ओपन सर्जरी ठीक होने में ज्यादा समय लग सकता है। 

हर्निया की सर्जरी के बाद की सावधानियां — Precautions After Surgery of Hernia in Hindi

  • वजनदार सामग्री उठाने से बचें
  • ज्यादा न टहलें
  • साफ सफाई का खास ध्यान रखें
  • डॉक्टर द्वारा बताई गई डाइट का विशेष ध्यान दें
  • दवाइयों का सेवन सही समय पर करें
  • अगर इन्फेक्शन होता है तो तुरंत डॉक्टर से बात करें

क्या हम हर्निया के लिए घरेलू उपचार का इस्तेमाल कर सकते हैं – Can We Use Home Remedies For Hernia in Hindi

जब रोहन ने डॉक्टर वैभव से पूछा “क्या हर्निया का कोई घरेलू इलाज भी संभव है?” तो डॉक्टर ने कहा “ हालांकि, कुछ हर्निया खुद ही ठीक हो जाते हैं। लेकिन हर्निया को घरेलू उत्पादों की मदद से ठीक नहीं किया जा सकता है। घरेलू नुस्खे का प्रयोग करना मूर्खता होगी।”

हर्निया से बचाव – Prevention From Hernia in Hindi

हालांकि, आप हर्निया होने से खुद को हमेशा नहीं बचा सकते हैं। क्योंकि कुछ फिजिकल कारण हैं जो हर्निया का कारण बनते हैं। अगर आप इन कारणों पर काबू कर लेते हैं तो आपको हर्निया होने की संभावना बहुत कम हो जाती है।

  • धूम्रपान न करें
  • अगर आपको खांसी की समस्या है तो उसका इलाज तुरंत कराएं
  • मोटापे को कम करें
  • मल त्याग करते समय या पेशाब के दौरान प्रेशर नहीं लगाएं
  • कब्ज से बचने के लिए फाइबर युक्त पदार्थ का सेवन करें
  • ऐसे व्यायाम करें जिससे आपके पेट की मांसपेशियां मजबूत बनें
  • अपनी काबिलियत से अधिक वजन उठाने की कोशिश न करें
  • वजन उठाते समय अपने घुटने और पीठ का ज्यादा प्रयोग करें

अगर आप हर्निया की लेप्रोस्कोपिक सर्जरी कराने की सोच रहे हैं तो Pristyn Care आपके लिए एक बेहतर विकल्प साबित हो सकता है।

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