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अनिल का मल के साथ खून भी बह रहा था। अनिल खुद के लक्षणों को देखकर तुरंत ही Pristyn Care के डॉक्टर अनुभव सांगवान से मिलते हैं। जब अनिल ने डॉक्टर को अपने लक्षण बताए तो डॉक्टर ने बवासीर होने की आशंका जताई। अनिल के पूछने पर डॉक्टर, अनिल को बवासीर से जुड़ी कई बातें बताते हैं। अनिल के लक्षण खूनी बवासीर के थे इसलिए, डॉक्टर ने इस लेख में खूनी बवासीर की बात की है। आइये जानते हैं डॉक्टर अनिल को क्या बताते हैं।

डॉक्टर कहते हैं, “बवासीर में एनस मार्ग की नसों का आकार बढ़ जाता है साथ ही सूजन और दर्द भी होता है। अंग्रेजी में इसे हेमोरॉयड्स (hemorrhoids) कहा जाता है। बवासीर के चार प्रकार होते हैं।”

 

  1. बाहरी बवासीर (external hemorrhoids)- यह बवासीर मलाशय (Rectum) में होता है। जहां से स्टूल पास होता है, यह बवासीर ठीक वहीं ऊपर की मसल्स में होता है।

 

  1. अंदरूनी बवासीर (internal hemorrhoids)- यह बवासीर रेक्टम के अंदर होते हैं। कई बार इन्हें बाहर से नहीं देखा जा सकता है क्योंकि यह एनस के अंदर रहते हैं।

 

  1. प्रोलेप्सेड बवासीर (prolapsed hemorrhoids)- यह बवासीर अंदरूनी बवासीर के बाद होता है। अंदरूनी बवासीर में सूजन होती है और यह एनस मार्ग के बाहर तक फैलने लगता है तो इसे प्रोलेप्सड बवासीर कहते हैं।

 

  1. खूनी बवासीर (thrombosed hemorrhoids)- खूनी बवासीर होने पर आस-पास की नसों में खून के थक्के बनने लगते हैं। यह एनस के बाहर और अंदर दोनों जगह हो सकता है। “आज हम खूनी बवासीर के बारे में विस्तृत रूप से जानेंगे|”

 

खूनी बवासीर के लक्षण (Symptoms of thrombosed hemorrhoids in Hindi)

  • स्टूल के रंग में बदलाव आता है। स्टूल के साथ खून आने की शिकायत भी हो सकती है।
  • स्टूल पास  करते समय दर्द।
  • हर वक्त एनस मार्ग में दर्द।
  • सिर दर्द और चक्कर आना।
  • उल्टी और जी मिचलाना।
  • बुखार।
  • शरीर का वजन कम होने लगता है।

 

खूनी बवासीर के कारण (Causes of thrombosed hemorrhoids in Hindi)

  • गलत खानपान और कब्ज|
  • बवासीर- अगर अंदरूनी या बाहरी बवासीर है और स्टूल पास करते समय जोर लगाते हैं तो खूनी बवासीर हो सकती है।
  • कठोर मल- बवासीर होने के साथ-साथ कठोर मल निकलता है तो खूनी बवासीर के संभावना बढ़ जाते है।
  • एनल सेक्स – एनल सेक्स (anal sex) करने से खूनी बवासीर हो सकता है।
  • बढ़ती उम्र– बढ़ती उम्र के साथ बवासीर का खतरा भी बढ़ जाता है। बवासीर से लड़ने वाले टिश्यू उम्र बढ़ने पर कमजोर हो जाते हैं। ऐसे में खूनी बवासीर होने की संभावना ज्यादा होती है|
  • मोटापा भी बवासीर का एक मुख्य कारण है।
  • इसके अलावा गर्भावस्था और अधिक वजन उठाने से भी बवासीर का खतरा रहता है।

 

कई बार खूनी बवासीर इतने जटिल स्तर तक पहुंच जाते है कि आसपास की नसें फट सकती हैं। ऐसी स्थिति होने पर खून बहने लगता है।

 

खूनी बवासीर का इलाज (thrombosed hemorrhoids in Hindi)

खूनी बवासीर का इलाज कराना जरूरी होता है। अगर ऊपर बताए गए लक्षण एक हफ्ते से अधिक दिनों तक नजर आते हैं, साथ में दर्द की शिकायत है तो खूनी बवासीर हो सकता है। खूनी बवासीर की मेडिसिन और सर्जरी के अलावा कुछ घरेलू उपाय भी हैं जिन्हें आजमाकर आप ठीक हो सकते हैं। लेकिन अगर घरेलू उपाय से कुछ दिनों लगभग 15 दिन में राहत नहीं मिलती है तो तुरंत ही डॉक्टर से सलाह लेना चाहिए| किसी उपाय को आजमाने से पहले डॉक्टर से जरूर सलाह लें। 

 

खूनी बवासीर का घरेलू इलाज

जीरा

जीरे का सेवन करने से खूनी बवासीर में लाभ मिलता है। इसका सेवन आप दो तरह से कर सकते हैं।

  1. एक चम्मच जीरा अच्छी तरह से भून लें और ठंडा होने का इंतजार करें। फिर इसे मिश्री के साथ चूसें। ऐसा करने से कुछ ही  दिनों में खूनी बवासीर से छुटकारा मिलता है|
  2. रात में सोने से पहले एक गिलास पानी में दो चम्मच जीरा भिगोकर रख दें और सुबह इस पानी का सेवन करें। 

 

दही

दही का सेवन करने से बवासीर को कम किया जा सकता है। जो व्यक्ति रोजाना दही का सेवन करता है उसे बवासीर नहीं होता है। रोजाना खाना खाने के बाद एक कटोरी दही में दो से तीन चम्मच मिश्री डालकर खाएं। यह नुस्खा खूनी बवासीर को कम करने में मददगार है साथ ही दर्द और जलन भी कम करता है।

 

अंजीर

कब्ज और खूनी या किसी भी प्रकार के बवासीर को दूर करने के लिए अंजीर एक बेहतर औषधि मानी जाती है। रात में एक गिलास गर्म पानी में दो चम्मच अंजीर डालकर रख दें और सुबह छानकर पानी पी लें। ऐसा करने से एक हफ्ते में बवासीर से छुटकारा मिल जाएगा।

 

सिट्ज बाथ (sitz bath)

बवासीर में दर्द, खुजली, जलन आदि से राहत पाने के लिए सिट्ज बाथ करें। इसमें बाथिंग टब में कुछ इंच तक हल्का गर्म पानी डाला जाता है ताकि सिर्फ एनस ही पानी के संपर्क में आए। बहुत ज्यादा दर्द है तो पानी में एप्सोम नमक (Epsom salt) मिला सकते हैं। 

 

कोल्ड मसाज

किसी सूती कपड़े में बर्फ का टुकड़ा लपेटें। अब इस कपड़े के ऊपर बैठ जाएं। बवासीर के दौरान एनस मार्ग की नसों को आराम देने के लिए यह उपाय अच्छा है। इससे दर्द भी कम होता है।

 

तिल

लगभग दो चम्मच तिल को पीसकर पाउडर बना लें। अब एक कटोरी मक्खन में इस पाउडर को मिलाएं और सेवन करें। यह नुस्खा किसी भी प्रकार के बवासीर को दूर कर सकता है। 

 

छाछ

एक लीटर छाछ में 25 ग्राम जीरा पाउडर मिलाएं और दिन भर में इसे पी लें। ऐसा करने से एनस मार्ग की मसल्स और नसों में ठंडक पहुंचती है।

 

योग करें

वज्रासन, बालासन, अनुलोम-विलोम प्राणायाम, सर्वांगासन, पवनमुक्तासन, हलासन, मत्स्यासन आदि करने से बवासीर में फायदा होता है। ये सभी आसन खून के बहाव को कंट्रोल करते हैं और एनस की मसल्स को मजबूत बनाते हैं। यह बवासीर के दर्द को कम करने में भी मददगार हैं। बवासीर से परेशान हैं तो इन आसान को जरूर करे।  

इसके अलावा रोजाना सुबह-शाम धीरे-धीरे चलने की कोशिश करें। दिन भर एक ही जगह बैठे न रहें। बीच-बीच में टहलते रहें।

(और पढ़े: बवासीर के लिए आसान योग)

खूनी बवासीर का मेडिकल इलाज (Medical Treatment of thrombosed hemorrhoids in Hindi)

खूनी बवासीर अगर 1 हफ्ते से अधिक रहती है तो डॉक्टर को दिखाना जरूरी है। डॉक्टर आपका मेडिकल इलाज करेंगे। सर्जरी भी की जा सकती है। अगर बवासीर घरेलू इलाज से ठीक नहीं होता है और लगातार खून बहता है तो डॉक्टर को दिखाना ही एकमात्र इलाज है।

 

स्क्लेरोथेरेपी (sclerotherapy)

‘स्क्लेरोथेरेपी’ बवासीर के इलाज की एक प्रक्रिया है जिसमें खास तरह के लिक्विड सॉल्यूशन (Liquid Solution) को इंजेक्शन (Injection) की मदद से बवासीर से प्रभावित क्षेत्र में डाला जाता है। यह सॉल्यूशन जल्द ही अपना असर दिखाना शुरू कर देता है और बवासीर ठीक हो जाती है।

 

रबर बैंड लिगेशन (rubber band ligation)

खूनी बवासीर की जहां से शुरुआत होती है उस क्षेत्र में एक रबर बैंड को लगाया जाता है। यह बैंड  कुछ इस प्रकार से रहता है कि यह वहां पहुंच रहे खून को रोक देता है। इससे प्रभावित क्षेत्र तक खून नहीं पहुंच पाता है और कुछ ही दिनों में बवासीर ठीक हो जाती है।

 

इलेक्ट्रो-कोएगुलेशन(electro coagulation)

आंतरिक यानी एनस मार्ग के अंदर की  बवासीर को ठीक करने के लिए इस प्रक्रिया को इस्तेमाल करते हैं। एक उपकरण (Instrument) की मदद से बवासीर वाली जगह  में इलेक्ट्रिक करंट (Electric Current) भेजते हैं। इससे बवासीर सूख जाता है और बाद में गिर जाता है।

 

हेमोरोइडोपेक्सी (hemorrhoidopexy)

इस प्रक्रिया में बाहर की तरफ निकल रही बवासीर को सर्जरी के माध्यम से अंदर कर दिया जाता है और खून का प्रवाह करने वाली नसों को रोक दिया जाता है। इससे कुछ ही दिनों बाद खूनी बवासीर पूरी तरह से खत्म हो जाता है। 

 

डॉपलर गाइडिड हेमोरॉयड आर्टरी लाइगेशन (doppler guided hemorrhoid artery ligation)

यह एक प्रकार की सर्जरी है जिसे अल्ट्रासाउंड (Ultrasound) की मदद से पूरा किया जाता है। अल्ट्रासाउंड से खून के बहाव का मार्ग पता करते हैं और फिर उसी मार्ग को ब्लॉक कर दिया जाता है। इससे खून का प्रवाह बवासीर तक नहीं हो पाता और कुछ ही दिनों में यह सूख जाती है। 

अगर खूनी बवासीर बहुत जटिल है तो इस इलाज के बाद वह दोबारा हो सकती है। 

 

हेमरॉयडेक्टमी (hemorrhoidectomy)

सर्जरी के माध्यम से अंदरूनी बवासीर को निकाल दिया जाता है। जटिल बवासीर होने पर यह सर्जरी बहुत लाभदायक है। डॉक्टर एनस मार्ग में कुछ चीरे लगाते हैं और बवासीर के मस्सों को बाहर निकाल देते हैं।

 

लेजर सर्जरी (Laser Surgery)

इसमें सर्जन एक निश्चित वेवलेंथ (Wavelength) की लेजर लाइट, बवासीर से प्रभावित क्षेत्र पर फोकस (Focus) करते हैं| लेजर की मदद से बवासीर सूख जाती है| बवासीर का इलाज के लिए लेजर सर्जरी सबसे बढ़िया विकल्प है| इस सर्जरी में कोई कट नहीं होता है| शायद ही कोई ऐसा केस होता हो जिसमें टांके की जरूरत पड़ती हो| 

जब डॉक्टर ने अनिल को खूनी बवासीर से जुड़ी सभी बातों को बताया तब अनिल ने लेजर ट्रीटमेंट के जरिये अपना इलाज करवाना उचित समझा| 

Pristyn Care के जरिये लेजर ट्रीटमेंट करवाने के बाद अनिल कहते हैं, “ मैं डॉक्टर अनुभव का शुक्रिया करता हूं कि उन्होंने मुझे इस दर्दनाक अवस्था से बाहर निकाला| डॉक्टर ने इतनी सफाई से लेजर ट्रीटमेंट किया कि मुझे दर्द का बिलकुल भी अनुभव नहीं हुआ|” 

खूनी बवासीर से बचाव कैसे करें (prevention from thrombosed hemorrhoids in Hindi)

कठोर चीजें इस्तेमाल न करें

किसी ठोस जगह के ऊपर बिना तकिया के न बैठें। इसके अलावा हार्ड (Hard) टॉयलेट पेपर का इस्तेमाल भी न करें। हो सके तो किसी भी तरह का टॉयलेट पेपर इस्तेमाल में न लाएं। टॉयलेट पेपर की जगह मुलायम सूती कपड़ा इस्तेमाल करें।

 

जोर के साथ स्टूल पास न करें

बवासीर है तो स्टूल पास आराम से करना चाहिए। लेकिन, टॉयलेट में उचित समय तक ही बैठें। अधिक देर तक टॉयलेट में बैठना परेशानी बढ़ा सकता है।

 

शौच समय पर करें

स्टूल पास  करने का मन हो तो देरी न करें। खूनी बवासीर से पीड़ित रोगी को समय पर शौच के लिए जाना चाहिए। ऐसा न करने से बवासीर फैलने लगता है और दर्द भी होता है। 

 

भरपूर तरल पदार्थ पिएं 

भरपूर मात्रा में पानी पीना आपकी परेशानियों को काफी कम कर सकता है। इससे कब्ज नहीं बनेगा और मल भी मुलायम रहेगा जिससे बवासीर नहीं होगी। बवासीर को बढ़ने से रोकना चाहते हैं तो दिन में 4 से 5 लीटर पानी जरूर पिएं।

 

सिर्फ फाइबर ही खाएं

ऐसे पदार्थों का सेवन करें जिनमें भरपूर मात्रा में फाइबर मौजूद हो। ‘फाइबर’ मल को मुलायम बनाता है और पाचन से जुड़ी परेशानियों को भी दूर करता है। बवासीर के दौरान पाचन से संबंधित परेशानियां होती हैं तो दर्द और सूजन बढ़ सकता है।

और पढ़े: बवासीर में क्या खाएं और क्या नहीं

फाइबर सप्लीमेंट का प्रयोग करें

कठोर मल निकल रहा है तो फाइबर के सप्लीमेंट्स भी ले सकते हैं। ऐसा डॉक्टर से पूछ कर ही करें। 

 

मिरालेक्स लें (miralax)

इसे लेने में कोई समस्या नहीं होती है और न ही इसके कोई साइड इफेक्ट्स हैं। यह पूरी तरह से सुरक्षित है। मिरालेक्स लेने से पाचन तंत्र में पानी ठीक तरह से पहुंचता है। यह स्टूल को मुलायम बनाता है। 

 

अगर आप खूनी बवासीर का लेजर ट्रीटमेंट करवाना चाहते हैं तो ‘Pristyn Care’ एक अच्छा विकल्प हो सकता है|

खूनी बवासीर के लेजर ट्रीटमेंट के लिए आखिर ‘Pristyn Care’ ही क्यों?

मरीज की देखरेख –  खूनी बवासीर (Piles) से पीड़ित मरीज की देखरेख बहुत जरूरी होती है। रोगी का इलाज करवाने के लिए पर्ची कटवाने से लेकर खाना खिलाने तक का इंतेजाम हमारी टीम करती है।

प्रशिक्षित सर्जन की टीम –  खूनी बवासीर के लेजर ट्रीटमेंट के लिए सतर्कता और अच्छे सर्जन का होना बहुत जरूरी है वरना इंफेक्शन फैलने में देरी नहीं लगेगी। Pristyn Care’ में प्रशिक्षित सर्जन की टीम है जो बवासीर का इलाज बड़ी ही सरलता से करते हैं।

फ्री फॉलो अप – हम अपने मरीजों को फ्री फॉलो अप (Follow up) की सुविधा भी प्रदान करते हैं। 

इंश्योरेंस की सुविधा – अगर आपने हेल्थ इंश्योरेंस का कोई  प्लान खरीदा है तो  हमारे इंश्योरेंस (Insurance) टीम के जरिये बवासीर का लेजर ट्रीटमेंट पर इंश्योरेंस क्लैम पा सकते हैं।

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