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प्रेगनेंसी की खबर से आपके घर में खुशियों की भरमार लग जाती है। लेकिन कई बार आपके गर्भ में भ्रूण का सही से विकास नहीं हो पाता है या फिर उसमें किसी तरह की कोई समस्या हो जाती है जिससे आपकी जान को खतरा हो जाता है। इसलिए ऐसी स्थिति में यह सोचना जरूरी हो जाता है की प्रेगनेंसी के पहले महीने में ही इसे कैसे आगे बढ़ने से रोका जा सके ताकि आपके खतरे की संभावना खत्म हो जाए।     

कई बार Pregnancy Kaise Rehti Hai अनचाहे रिश्ते बनाने से भी गर्भ ठहर जाता है लेकिन शायद आप इसके लिए तैयार नहीं होती हैं क्योंकि आप अपने करियर, हेल्थ और दूसरी कई चीजों को लेकर काफी फोकस हो सकती हैं जिसके कारण How Stop Pregnancy in Hindi आप अपनी एक महीने की प्रेगनेंसी से छुटकारा पाना चाहती हैं।

कभी आप खुद गर्भपात का फैसला लेती हैं तो कभी कभी आपको मजबूरी में इसका फैसला लेना पड़ता है। क्योंकि उस समय आपके पास दूसरा कोई भी विकल्प नहीं होता है। इन सभी स्थितियों में आपके लिए आपका जीवन और आपकी सेहत सबसे ज्यादा मायने रखती है। गर्भपात कराने के लिए आज बहुत से उपाय मौजूद हैं जिनकी मदद से आप अपनी प्रेगनेंसी के पहले महीने में ही इससे हमेशा के लिए छुटकारा पा सकती हैं। 

नीचे हम इनके बारे में विस्तार से बात कर रहे हैं। अगर आप इनमें से किसी भी प्रक्रिया की मदद से अपनी प्रेगनेंसी को रोकना या खत्म करना चाहती हैं तो उसका इस्तेमाल करने से पहले एक बार स्त्री-रोग विशेषज्ञ से जरूर मिलें। आपके शरीर की जांच करने के बाद वे आपको सबसे सही सही और सटीक उपाय का सलाह देंगे।

दवाओं द्वारा गर्भपात

ये गर्भपात यानी की अबॉर्शन की एक प्रक्रिया है जिसमें दवाओं का इस्तेमाल करके भ्रूण के विकास को पूरी तरह से रोक दिया जाता है। इस प्रक्रिया में मेथोट्रेक्सेट और मिफप्रिस्टोन दवाओं का सबसे ज्यादा इस्तेमाल किया जाता है। मिफप्रिस्टोन के अंदर वो गुण मौजूद होते हैं जो प्रोजेस्टेरोन के साथ मिलकर भ्रूण को मारने यानी की नष्ट करने का काम करते हैं और मेथोट्रेक्सेट वो जहरीली केमिकल है जो भ्रूण की कोशिकाओं को नष्ट करने के बाद गर्भपात कर देता है। 

इन दोनों ही सिचुएशन में मिसोप्रोस्टोल नाम की दवा दी जाती है क्योंकि ये भ्रूण की मरी हुई कोशिकाओं को गर्भ से बाहर निकालता है। 4 Weeks Pregnancy Symptoms in Hindi – इस प्रक्रिया में आपको काफी ब्लीडिंग होती है और ये ब्लीडिंग दो हफ्तों तक भी जारी रह सकती है। इस दौरान गर्भपात की पुष्टि करने के लिए आपको दो से तीन बार अपने डॉक्टर से मिलते रहना चाहिए।   

प्रेगनेंसी के पहले महीने के अंदर भ्रूण के विकास को रोकने के लिए इन गोलियों का सेवन एक निश्चित समय के अंदर किया जाता है। इन गोलियों का सेवन खासकर आखिरी पीरियड्स के 63 दिनों से लेकर 9 हफ्तों के बीच करना चाहिए। इनकी खुराक को एक निश्चित समय के लिए ही खाना चाहिए क्योंकि इनकी अवधि पूरा होते ही प्रेगनेंसी पूरी तरह से खत्म हो जाती है। ये गोलियां बहुत ही प्रभावशाली हैं जिनके सफलता का चांस ज्यादा से ज्यादा होता है। इन गोलियों का इस्तेमाल करने के लिए आप डॉक्टर से संपर्क कर सकती हैं।    

रासायनिक तरीके से गर्भपात 

इस प्रक्रिया में डॉक्टर जाइगोट को आपके गर्भाशय की दीवार के अंदर डालते हैं जिसके कारण प्रेगनेंसी रुक जाती है। इन काम को करने के लिए जिस तरीके का इस्तेमाल किया जाता है उसी तरीका का इस्तेमाल गर्भपात के लिए भी किया जाता है। इसमें नुवा रिंग – वजाइनल रिंग और ऑर्थो-े एवरा गर्भनिरोधक पैच सबसे ज्यादा पॉपुलर और इस्तेमाल किए जाने वाले तरीके हैं। इस प्रक्रिया के दौरान गोनाडोट्रोपिन हार्मोन का इस्तेमाल किया जाता है जो डिंब के उत्सर्जन में मदद करता है।

How Stop Pregnancy in Hindi – युग्मनज जब तक गर्भाशय की दीवार पर होता तब तक गर्भ नहीं बनता है क्योंकि गर्भाशय ग्रीवा के लसलसे पदार्थ के कारण स्पर्म गर्भाशय के अंदर नहीं जा पाता है और गर्भाशय की दीवार पतली हो जाती है। आपको इस प्रक्रिया का इस्तेमाल तभी करना चाहिए जब सभी दूसरे उपाय फेल हो चुके हों।   

हर्बल द्वारा गर्भपात 

आप चाहें तो 4 week pregnancy symptoms in hindi अपनी एक महीने की प्रेगनेंसी से छुटकारा पाने के लिए जड़ी बूटियों का भी चुनाव कर सकती हैं। यारो – वैज्ञानिक नाम एकिलिया मिलफोलियम जैसी जड़ी बूटी का एक निश्चित मात्रा में कुछ समय तक सेवन करने से गर्भपात हो जाता है। लेकिन इस प्रक्रिया को काफी लोग सुरक्षित नहीं मानते हैं। इस प्रक्रिया का इस्तेमाल करने से पहले आप एक बार डॉक्टर से उनकी राय ले सकती हैं। 

खारे पानी की मदद से गर्भपात

यह भी प्रेगनेंसी को खत्म करने की एक प्रक्रिया है जिसके दौरान खारे पानी यानी की नमक घुले हुए पानी को आपको गर्भ में इंजेक्शन के द्वारा डाला जाता है। खारा पानी भ्रूण के विकास के लिए जहर का काम करता है और कुछ समय के अंदर भ्रूण को खत्म कर देता है। भ्रूण नष्ट होने के बाद गर्भ से बाहर निकल जाता है और आप पूरी तरह से अपनी एक महीने की प्रेगनेंसी से छुटकारा पा लेती हैं।

प्रोस्टाग्लैंडीन द्वारा गर्भपात 

गर्भपात की इस प्रक्रिया में इंजेक्शन के जरिए कुछ खास किस्म के हार्मोन को आपके गर्भ में डाला जाता है। इस हार्मोन के गर्भ में जाते ही आपको लेबर पेन की शिकायत शुरू हो जाती है जिसकी वजह से भ्रूण नष्ट हो जाता है। 

सर्जरी द्वारा गर्भपात 

गर्भपात की यह प्रक्रिया सबसे सटीक और सुरक्षित मानी जाती है। यह हॉस्पिटल या क्लिनिक में किसी विशेषज्ञ डॉक्टर के द्वारा किया जाता है। इस प्रकिया का इस्तेमाल प्रेगनेंसी की पहली तिमाही के दौरान कभी भी किया जा सकता है। सर्जरी द्वारा गर्भपात भी तीन तरह से किया जाता है और यह पूरी तरह से आपकी प्रेगनेंसी, उसकी अवधि और स्थिति पर निर्भर करता है। प्रेगनेंसी के पहले महीने से 16वें हफ्ते तक वैक्यूम एस्पिरेशन का इस्तेमाल किया जाता है, 16 हफ्तों के बाद इवैक्युएशन (डी.एंड.ई) का उपयोग किया जाता है और डायलेशन और एक्सट्रैक्शन (डी एंड एक्स) का इस्तेमाल 21 हफ्तों के बाद किया जा सकता है।   

एक महीने की प्रेगनेंसी को रोकने के घरेलू उपाय:- 

प्रेगनेंसी से छुटकारा पाने के लिए ढेरों तरीके मौजूद हैं जिनकी मदद से आप अपनी एक महीने की प्रेगनेंसी से हमेशा के लिए छुटकारा पा सकती हैं। इन्ही सभी तरीकों में से एक घरेलू उपाय है। इस प्रक्रिया में आपको किसी भी हॉस्पिटल, क्लिनिक या डॉक्टर के पास जाने की जरुरत नहीं पड़ती है। बल्कि आप अपने घर बैठे बैठे नीचे बताए गए घरेलू उपायों का इस्तेमाल करके प्रेगनेंसी से छुटकारा पा सकती हैं। 

नीम के तेल से गर्भपात 

नीम की मदद से प्रेगनेंसी को बहुत आसानी से रोका जा सकता है। सालों से  इसका इस्तेमाल गर्भनिरोधक के रूप में किया जाता रहा है। यह एंटीसेप्टिक है जिससे किसी तरह का कोई खतरा नहीं होता है। आप नीम के तेल का इस्तेमाल वजाइनल जेल या क्रीम के रूप में कर सकती हैं। इसका इस्तेमाल करने के अगले पांच घंटों तक यह प्रभावी रहता है। पुरुष नीम के तेल के कैप्सूल का सेवन कर सकते हैं क्योंकि यह भी प्रेगनेंसी को रोकने में मदद करता है।  

हल्दी के सेवन से गर्भपात 

हल्दी में करक्यूमिन तत्व पाए जाते हैं जो प्रेगनेंसी को रोकने में आपकी मदद करते हैं। हल्दी का इस्तेमाल करने से स्पर्म की गतिशीलता बंद हो जाती है जिसके कारण प्रेगनेंसी की संभावना लगभग खत्म हो जाती है। हल्दी प्रेगनेंसी रोकने का एक बहुत ही पुराना नुस्खा है। इसका इस्तेमाल करने से पहले आपको एक बार डॉक्टर से उनकी राय लेनी चाहिए।  

अरंडी के बीज की मदद से गर्भपात 

अरंडी के बीज की मदद से प्रेगनेंसी को काफी आसानी से रोका जा सकता है। अगर आप इस बीज का सेवन सेक्स करने के 72 घंटे पहले करती हैं तो यह प्रेगनेंसी के संभावना को पूरी तरह से रोक सकता है। इस बीज का सेवन पीरियड्स के तीन दिनों तक करने से इसका प्रभाव लगभग एक महीने तक रहता है।  

पुदीना के पाउडर द्वारा गर्भपात 

प्रेगनेंसी को रोकने के ढेरों घरेलू उपायों में एक उपाय पुदीना भी है। पुदीना के सूखे पत्तों को पीस कर उसका पाउडर तैयार करें और फिर सेक्स करने के पांच या दस मिनट के बाद एक चम्मच पाउडर को हल्का गर्म पानी में मिलाकर सेवन करें। ऐसा करने से आप अपनी प्रेगनेंसी से छुटकारा पा सकती हैं। 

आंवला के इस्तेमाल से गर्भपात 

आंवला में कई तरह के गुण पाए जाते हैं और यही कारण है की इसका इस्तेमाल ढेरों परेशानियों और बीमारियों से बचने के लिए किया जाता है। इसके अंदर ऐसे भी तत्व पाए जाते हैं जिनकी मदद से एक महीने की प्रेगनेंसी को रोका जा सकता है। आंवले के साथ साथ उसी मात्रा में हरितकारी और रसनजनम को पीस कर पाउडर तैयार करें। फिर पीरियड्स के चौथे दिन से लेकर 16वें दिन तक आप इसका सेवन करें। यह गर्भनिरोधक गोलियों की तरह काम करता है और प्रेगनेंसी के पहले महीने में आपको प्रेगनेंसी से छुटकारा पाने में मदद करता है। 

अपनी एक महीने की प्रेगनेंसी से छुटकारा पाने की नियत से किसी भी तरह की कोई दवा, घरेलू उपाय या दूसरे किसी भी तरीके का इस्तेमाल करने से पहले स्त्री-रोग विशेषज्ञ से मिलें और उनकी सलाह लें। उनकी सलाह के बाद ही किसी भी चीज का सेवन करना उचित होता है। 

 

और पढ़े : एबॉर्शन के बाद पीरियड कब आता है?

 

डिस्क्लेमर: गर्भपात कराने से पहले एक बार इसके संबंध में भारतीय कानून की दिशा निर्देश को जरूर पढ़ें। गर्भपात से संबंधित सही जानकारी देना ही इस ब्लॉग का एकमात्र उद्देश्य है।

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