Hysteroscopy in Hindi

मुस्कान गर्भ धारण नहीं कर पा रही थी। मुस्कान कहती हैं “मेरे डॉक्टर ने मुझे हिस्टेरोस्कोपी के जरिये जांच कराने को कहा। लेकिन मैं हिस्टेरोस्कोपी के बारे में थोड़ा भी नहीं जानती थी। जानकारी जुटाने के लिए मैंने इन्टरनेट का सहारा लिया और मेरी मुलाक़ात डॉक्टर गरिमा से हुई।” डॉक्टर गरिमा Pristyn Care की जानी मानी गयनेकोलॉजिस्ट हैं। मुस्कान ने डॉक्टर गरिमा से कई प्रश्न किए।

डॉक्टर गरिमा समझाती हैं “हिस्टेरोस्कोपी एक प्रक्रिया है जिसकी मदद से आपके गर्भाशय के अंदर की स्थिति का पता लगाया जाता है। इस प्रक्रिया में एक छोटे से उपकरण को गर्भाशय में डाला जाता है। इस उपकरण में लाइट और कैमरा होता है जिससे डॉक्टर गर्भाशय के अंदर की स्थिति की अच्छे से जांच कर पाते हैं।  इसके अलावा, हिस्टेरोस्कोपी की मदद से इलाज भी किया जाता है।”

एक नजर

  • हिस्टेरोस्कोपी के दो प्रकार होते हैं
  • जरूरत के अनुसार सर्जन किसी एक या दोनों प्रक्रिया का चयन करते हैं

हिस्टेरोस्कोपी क्यों किया जाता है — Why Hysteroscopy is Performed in Hindi

डॉक्टर कई स्थितियों में हिस्टेरोस्कोपी की सलाह दे सकते हैं जैसे की:-

  • फाइब्रॉएड (Fibroids) की समस्या होने पर
  • पालिप्स के इलाज के लिए
  • गर्भाशय में किसी भी बीमारी का पता लगाने के लिए
  • गर्भाशय सर्जरी से पहले जांच के लिए
  • लेप्रोस्कोपिक प्रक्रिया के दौरान भी इसका इस्तेमाल किया जा सकता है
  • सर्वाइकल कैंसर का परीक्षण करने के लिए
  • मेनोपॉज के बाद भी ब्लीडिंग होने पर
  • गर्भाशय की बॉयोप्सी के लिए
  • बाँझपन की समस्या होने पर
  • पीरियड्स में अनियमितता होने पर

हिस्टेरोस्कोपी के प्रकार — Types of Hysteroscopy in Hindi

हिस्टेरोस्कोपी दो प्रकार किया जाता है:-

  • डायग्नोस्टिक हिस्टेरोस्कोपी — Diagnostic Hysteroscopy in Hindi

इस प्रक्रिया में केवल महिला के गर्भाशय के अंदर की स्थितियों की जांच की जाती है। यह गर्भाशय के अंदर की बीमारियों का पता लगाने के लिए की जाती है।

  • ऑपरेटिव हिस्टेरोस्कोपी — Operative Hysteroscopy in Hindi

ऑपरेटिव हिस्टेरोस्कोपी में गर्भाशय की बीमारियों का इलाज किया जाता है। यह हमेशा डायग्नोस्टिक हिस्टेरोस्कोपी के बाद कि जाती है। इसमें जांच के साथ सर्जरी भी की जाती है।

हिस्टेरोस्कोपी की प्रक्रिया — Procedure of Hysteroscopy in Hindi

हिस्टेरोस्कोपी कराने के लिए आपको किसी अच्छे डॉक्टर से संपर्क करने की जरूरत पड़ेगी। हिस्टेरोस्कोपी की प्रक्रिया कुछ इस प्रकार है:-

  • इस प्रक्रिया में डॉक्टर सबसे पहले गर्भाशय ग्रीवा (Cervix) को एक डिवाइस (Speculum) की मदद से फैलाते हैं। 
  • अब हिस्टेरोस्कोपी डिवाइस को योनि के माध्यम से पहले गर्भाशय ग्रीवा और फिर गर्भाशय तक पहुंचाया जाता है। 
  • गर्भाशय के सतह को साफ करने के लिए और हल्का चौड़ा करने के लिए लिक्विड कार्बन डाइऑक्साइड या फिर कार्बन डाइऑक्साइड गैस को हिस्टेरोस्कोपी डिवाइस के माध्यम से गर्भाशय में डाला जाता है। ऐसा करने से गर्भाशय का निरीक्षण करने में आसानी होती है।  
  • गर्भाशय की सफाई होने के बाद लाइट और कैमरा की मदद से डॉक्टर गर्भाशय के अंदर और फेलोपियन ट्यूब का सारा दृश्य देख पाते हैं। यह गर्भाशय के अंदर किसी भी बीमारी का परीक्षण और उसका निदान करने में सहायता प्रदान करता है। 
  • अगर किसी प्रकार की सर्जरी (Operative Hysteroscopy) के लिए हिस्टेरोस्कोपी प्रक्रिया की जा रही है तो सर्जिकल इंस्ट्रूमेंट्स को भी हिस्टेरोस्कोप ट्यूब (Hysteroscope Tube) के माध्यम से गर्भाशय में डाला जाता है। 

हिस्टेरोस्कोपी के दौरान क्या होता है — What Happens During Hysteroscopy in Hindi

हिस्टेरोस्कोपी की प्रक्रिया बिल्कुल भी दर्दनाक नहीं होती है। लेकिन इस प्रक्रिया के दौरान आप थोड़ी बहुत ऐंठन महसूस कर सकते हैं। सर्जरी के दौरान आप रिलैक्स रहें, इसलिए सर्जन आपको लोकल या जेनेरल अनेस्थिसिया देते हैं। आप कब तक बेहोश रहेंगे यह बात ‘किस वजह से हिस्टेरोस्कोपी की जा रही है और कहां की जा रही है’ पर निर्भर करता है। यह प्रक्रिया 10 मिनट से लेकर आधा घंटा तक की हो सकती है या थोड़ा और भी समय लग सकता है।

डायग्नोस्टिक हिस्टेरोस्कोपी डॉक्टर के क्लिनिक में आसानी से की जा सकती है। लेकिन अगर ऑपरेटिव हिस्टेरोस्कोपी की जरूरत पड़ती है तो यह केवल हॉस्पिटल में की जा सकती है। इस स्थिति में चिकित्सक किस एनेस्थेटिक का प्रयोग करते हैं यह सर्जरी टाइम पर डिपेंड करता है।

हिस्टेरोस्कोपी के बाद रिकवरी — Recovery After Hysteroscopy in Hindi

हिस्टेरोस्कोपी कराने के तुरंत बाद आप अपने खान पान को शुरू कर सकते हैं। अगर लोकल एनेस्थीसिया का इस्तेमाल किया गया है तो डॉक्टर 1 घंटे में छुट्टी दे सकते हैं। अगर बीमारी बड़ी थी और इलाज जटिल तरीके से हुआ है तो आपको एक दिन अस्पताल में रुकना भी पड़ सकता हैं। हेल्थ रिकवरी के लिए आपको एक हफ्ते तक आराम करने की जरूरत होती है। दर्द होने पर डॉक्टर पेनकिलर भी दे सकते हैं। सर्जरी के बाद आपको एक हफ्ते तक यौन क्रियाएं नहीं करनी चाहिए क्योंकि इससे दर्द और संक्रमण बढ़ने का खतरा रहता है। 

हिस्टेरोस्कोपी के फायदे — Benefits of Hysteroscopy in Hindi

  • हिस्टेरोस्कोपी की वजह से महिलाओं के आंतरिक अंग की जांच आसानी से की जा सकती है
  • जांच एवं इलाज करने में ज्यादा समय नहीं लगता है

हिस्टेरोस्कोपी के बाद होने वाली समस्याएं — Side Effects of Hysteroscopy in Hindi

यह प्रक्रिया पूरी तरह से सुरक्षित है लेकिन सर्जरी की वजह से कुछ समस्याएं देखने को मिल सकती हैं। कुछ समस्याएं जो हिस्टेरोस्कोपी कराने के बाद हो सकती हैं:-

  • एक दिन तक हल्की ब्लीडिंग या स्पॉटिंग की समस्या
  • अगर प्रक्रिया में कार्बन डाइऑक्साइड गैस का इस्तेमाल हुआ है तो कंधों में दर्द की स्थिति बन सकती है
  • चक्कर आना या फिर कुछ समय तक धुंधला दिखाई पड़ना
  • हल्की फूलकी मतली भी आ सकती है
  • गर्भाशय में घाव या इंफेक्शन होना 
  • बेहोश की दवा इस्तेमाल करने से कुछ साइड इफेक्ट्स हो सकते हैं 

अगर यह समस्याएं होती हैं तो तुरंत डॉक्टर से  मिलें:-

  • बहुत अधिक ब्लीडिंग
  • ठंड लगना
  • बुखार
  • असहनीय दर्द की समस्या

हिस्टेरोस्कोपी के लिए Pristyn Care एक बढ़िया विकल्प है जो आपके इलाज को सरल बना सकता है।

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