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पित्ताशय (गॉलब्लैडर) एक छोटा अंग है जो लिवर के नीचे होता है और पित्त को स्टोर करता है। जब पित्त में असंतुलन होता है, तो उसमें मौजूद पदार्थ क्रिस्टल बनाकर पथरी का रूप ले लेते हैं।
पित्त की पथरी बनने के मुख्य कारण:
पित्त की पथरी के लक्षण कई बार शुरुआत में दिखाई नहीं देते, लेकिन जब पथरी बड़ी हो जाती है या ब्लॉकेज करती है, तब ये लक्षण दिखते हैं:
पित्त की थैली में पथरी का इलाज मरीज की स्थिति, पथरी के आकार और लक्षणों पर निर्भर करता है। सभी मामलों में तुरंत सर्जरी जरूरी नहीं होती, लेकिन लक्षण होने पर इलाज करना जरूरी हो जाता है।
पित्ताशय का मुंह (बाइल डक्ट) मुख्य रूप से खाने के बाद खुलता है, खासकर जब हम तैलीय या भारी भोजन करते हैं। उस समय पित्त छोटी आंत में रिलीज होता है ताकि फैट को पचाने में मदद मिल सके। अगर पथरी इस रास्ते को ब्लॉक कर दे, तो दर्द और सूजन हो सकती है।
डॉक्टर निम्न टेस्ट के जरिए पथरी का पता लगाते हैं:
अगर समय पर इलाज न हो तो:

यह पित्त में मौजूद कोलेस्ट्रॉल या बिलीरुबिन के जमने से बनने वाले ठोस कण होते हैं।
पेट दर्द, उल्टी, गैस, अपच, बुखार और पीलिया इसके मुख्य लक्षण हैं।
कोलेस्ट्रॉल बढ़ना, गलत खानपान, मोटापा और हार्मोनल बदलाव इसके मुख्य कारण हैं।
हाँ, सर्जरी के बाद भी व्यक्ति सामान्य जीवन जी सकता है।
खाने के बाद, खासकर तैलीय भोजन के बाद दर्द ज्यादा होता है।
अगर इलाज न किया जाए तो यह गंभीर जटिलताएं पैदा कर सकती है।